{"_id":"65429188ff22b43ef6001a98","slug":"climate-worsened-aqi-reached-280-rewari-news-c-198-1-rew1001-6146-2023-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: आबोहवा हुई खराब, 280 पहुंचा एक्यूआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: आबोहवा हुई खराब, 280 पहुंचा एक्यूआई
Wed, 01 Nov 2023 11:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 01 Nov 2023 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। कूड़ा जलाने और खुले में निर्माण सामग्री रखने के कारण हवा प्रदूषित हो गई है। बुधवार को सुबह एक्यूआई 280 दर्ज की गई। पूरे दिन का औसत एक्यूआई 250 रहा। हवा प्रदूषित होने से स्मॉग की समस्या पैदा हो गई है और दमा के मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नवंबर माह की शुरुआत वायु प्रदूषण के साथ हुई है। इस माह के पहले दिन औसत एक्यूआई 250 रहा। हवा प्रदूषित होने का मुख्य कारण तमाम प्रतिबंध के बाद भी खुलेआम कचरा जलाया जाना है। इसके अलावा खुले में निर्माण सामग्री रखे जाने से हवा में धूल के कण उड़ रहे हैं। प्रदूषित हवा के चलते सांस लेना मुश्किल हो चला है। सुबह के समय हल्की स्मॉग की चादर छा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि दिल और दमा के मरीजों को घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
हवा में नमी बढ़ने के साथ-साथ वाहनों से निकलने वाले धुएं और सड़कों पर उड़ने वाली धूल से स्थिति और ज्यादा बिगड़ रही है। इससे निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस प्लानिंग नजर नहीं आ रही है। बिल्डिंग मैटेरियल के दुकान खुले में रोड़ी, बजरी आदि निर्माण सामग्री रखे हैं जबकि नियमानुसार इन्हें ढंक कर रखना चाहिए। इसके अतिरिक्त बड़ी तादाद में निर्माण कार्य चल रहे हैं जिससे धूल उड़ रही है।
विज्ञापन
इसके अलावा शहर में कूड़ा कचरा जलाया जा रहा है। नगर परिषद ने कचरा जलाने वालों के खिलाफ सिर्फ एक दिन ही कार्रवाई की थी। इसके बाद से कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास ही कचरा जलाया जा रहा है। शहर के मिनी बाइपास कहे जाने वाले नाले पर भी कूड़े के ढेर में आग लगाई जा रही है।
300 से 400 के बीच एक्यूआई बेहद खराब
एक्यूआई को स्तर और रीडिंग के हिसाब से 6 श्रेणी में बांटा गया है। 0-50 के बीच एक्यूआई का मतलब वायु शुद्ध है। 51-100 के बीच मतलब वायु की शुद्धता संतोषजनक और 101-200 के बीच मध्यम है। 201-300 के बीच एक्यूआई खराब, 301-400 के बीच एक्यूआई बेहद खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई गंभीर श्रेणी में आता है। दूसरी तरफ 8 प्रदूषण कारकों के आधार पर तय होते हैं। ये पीएम 10, पीएम 2.5, एनओ 2, एसओ 2, सीओ 2, ओ 3, और एनएच 3 पीबी होते हैं। 24 घंटे में इन कारकों की मात्रा से ही हवा की गुणवत्ता तय होती है।
पटाखों की बिक्री पर प्रशासन ने लगाई रोक
प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीसी राहुल हुड्डा ने जिले में पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। एक नवंबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक यह आदेश प्रभावी रहेंगे। ग्रीन पटाखों को छोड़कर सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। दीपावली, क्रिसमस व नववर्ष पर भी निर्धारित समय के दौरान ही ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसका पालन कराने की एसडीएम, थाना प्रभारी, नगर परिषद के अधिकारी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा तहसीलदारों को सौंपी गई है। सभी अधिकारियों को आदेश का पालन कराने के संबंध में प्रतिदिन रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
रेवाड़ी। कूड़ा जलाने और खुले में निर्माण सामग्री रखने के कारण हवा प्रदूषित हो गई है। बुधवार को सुबह एक्यूआई 280 दर्ज की गई। पूरे दिन का औसत एक्यूआई 250 रहा। हवा प्रदूषित होने से स्मॉग की समस्या पैदा हो गई है और दमा के मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नवंबर माह की शुरुआत वायु प्रदूषण के साथ हुई है। इस माह के पहले दिन औसत एक्यूआई 250 रहा। हवा प्रदूषित होने का मुख्य कारण तमाम प्रतिबंध के बाद भी खुलेआम कचरा जलाया जाना है। इसके अलावा खुले में निर्माण सामग्री रखे जाने से हवा में धूल के कण उड़ रहे हैं। प्रदूषित हवा के चलते सांस लेना मुश्किल हो चला है। सुबह के समय हल्की स्मॉग की चादर छा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि दिल और दमा के मरीजों को घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
हवा में नमी बढ़ने के साथ-साथ वाहनों से निकलने वाले धुएं और सड़कों पर उड़ने वाली धूल से स्थिति और ज्यादा बिगड़ रही है। इससे निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस प्लानिंग नजर नहीं आ रही है। बिल्डिंग मैटेरियल के दुकान खुले में रोड़ी, बजरी आदि निर्माण सामग्री रखे हैं जबकि नियमानुसार इन्हें ढंक कर रखना चाहिए। इसके अतिरिक्त बड़ी तादाद में निर्माण कार्य चल रहे हैं जिससे धूल उड़ रही है।
विज्ञापन
इसके अलावा शहर में कूड़ा कचरा जलाया जा रहा है। नगर परिषद ने कचरा जलाने वालों के खिलाफ सिर्फ एक दिन ही कार्रवाई की थी। इसके बाद से कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास ही कचरा जलाया जा रहा है। शहर के मिनी बाइपास कहे जाने वाले नाले पर भी कूड़े के ढेर में आग लगाई जा रही है।
300 से 400 के बीच एक्यूआई बेहद खराब
एक्यूआई को स्तर और रीडिंग के हिसाब से 6 श्रेणी में बांटा गया है। 0-50 के बीच एक्यूआई का मतलब वायु शुद्ध है। 51-100 के बीच मतलब वायु की शुद्धता संतोषजनक और 101-200 के बीच मध्यम है। 201-300 के बीच एक्यूआई खराब, 301-400 के बीच एक्यूआई बेहद खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई गंभीर श्रेणी में आता है। दूसरी तरफ 8 प्रदूषण कारकों के आधार पर तय होते हैं। ये पीएम 10, पीएम 2.5, एनओ 2, एसओ 2, सीओ 2, ओ 3, और एनएच 3 पीबी होते हैं। 24 घंटे में इन कारकों की मात्रा से ही हवा की गुणवत्ता तय होती है।
पटाखों की बिक्री पर प्रशासन ने लगाई रोक
प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीसी राहुल हुड्डा ने जिले में पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। एक नवंबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक यह आदेश प्रभावी रहेंगे। ग्रीन पटाखों को छोड़कर सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। दीपावली, क्रिसमस व नववर्ष पर भी निर्धारित समय के दौरान ही ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसका पालन कराने की एसडीएम, थाना प्रभारी, नगर परिषद के अधिकारी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा तहसीलदारों को सौंपी गई है। सभी अधिकारियों को आदेश का पालन कराने के संबंध में प्रतिदिन रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।