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जर्जर हो चुके स्कूल भवनों में चल रहीं कक्षाएं, बारिश से बिगड़े हालात
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जाटूसाना स्कूल में भरा बारिश का पानी।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। जनपद के कई स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। बारिश के चलते स्कूल भवनों की हालत और भी खराब हो जाती है। कई वर्षों पहले विभाग द्वारा कंडम घोषित की जा चुके भवनों में शिक्षकों को अपनी और बच्चों की जान जोखिम में डालकर पढ़ाना पड़ रहा है। स्कूल को कई वर्षों से यूडीआईसी से पैसे आने का इंतजार है। शिक्षा विभाग की अनदेखी के चलते स्कूलों में हादसे होने का खतरा बना हुआ है।
बावल सराय प्राइमरी स्कूल व जाटूसाना वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को विभाग द्वारा कई वर्षों पहले कंडम घोषित किया जा चुका है। लेकिन नई बिल्डिंग नहीं मिलने के कारण अभी भी पुरानी बिल्डिंग में ही कक्षाएं लगाई जाती हैं। ये बिल्डिंग पूरी तरह से कंडम हो चुकी हैं। छत से चुना व बारीक पत्थर गिरते रहते हैं। वहीं बारिश में इस बिल्डिंग का और भी बुरा हाल हो जाता है। स्कूल के स्टॉफ रूम, क्लास रूम व यहां तक की रिकॉर्ड रूम में भी बारिश का पानी टपकता है। स्टॉफ सदस्यों के द्वारा बारिश के दौरान कड़ी मशक्कत कर स्कूल रिकॉर्ड को बचाया जाता है। वहीं बारिश के समय या तो बरामदे में कक्षाएं लगाई जाती हैं या फिर स्कूल की छुट्टी करनी पड़ती है। स्कूल प्राचार्यों द्वारा कई बार जिला शिक्षा अधिकारी को इस बारे में अवगत भी कराया जा चुका है। लेकिन विभाग द्वारा यूडीआईसी की ओर से पैसे भेजे जाने की बात कही जाती है। वहीं स्कूल प्राचार्यों की ओर से कई बार यूडीआईसी को मांग भेजी जा चुकी है। लेकिन सरकार व प्रशासन को बच्चों की जान की कोई फिक्र नहीं हो रही है।
बीईओ ऑफिस को किया शिफ्ट, बच्चों की कोई परवाह नहीं:
बावल सराय स्थित राजकीय मिडिल स्कूल को प्राचीन धरोहर माना जाता है। यह स्कूल अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है। स्कूल में एक हॉल जो 20 कमरों के बराबर है। लेकिन जर्जर हालत में होने के कारण स्कूल स्टॉफ द्वारा ताला लगा दिया गया है। वहीं स्कूल के 10 कमरे की हालात भी कुछ ऐसी ही हो रही है। लेकिन मजबूरी में बच्चों को इन कमरों में ही पढ़ाया जा रहा है। यहां तक की स्कूल के स्टॉफ रूम व रिकॉर्ड रूम की हालात भी ऐसी ही है। लगभग 15 वर्ष पहले स्कूल के ऊपर बीईओ कार्यालय भी हुआ करता था। लेकिन कंडम होने के चलते विभाग द्वारा उसे नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया। वहीं बच्चों और शिक्षकों को मरने के लिए वहीं छोड़ दिया।
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विधायक के आदेश के बाद भी नहीं निकाला पानी
गांव जाटूसाना स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की भी हालत कुछ ऐसी ही हैं। स्कूल में कॉलेज की कक्षाएं भी लगाई जाती हैं। जिले में 20 मई को हुई बारिश के बाद स्कूल में पानी भर गया था। मुद्दा मीडिया में आने के बाद कक्षाएं राजकीय कन्या वरिष्ठ विद्यालय में शिफ्ट कर दी गई है। वहीं 15 दिन पहले विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने स्कूल का दौरा किया था और अधिकारियों को पानी निकासी का समाधान करने का निर्देश दिए थे। लेकिन अधिकारी द्वारा समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जाटूसाना स्कूल से जरनेटर के द्वारा पानी निकाल दिया गया है। जल्द यहां कक्षाएं शुरू की जाएंगी। अभी स्कूल में आने- जाने का रास्ता है।
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बावल सराय प्राइमरी स्कूल व जाटूसाना वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को विभाग द्वारा कई वर्षों पहले कंडम घोषित किया जा चुका है। लेकिन नई बिल्डिंग नहीं मिलने के कारण अभी भी पुरानी बिल्डिंग में ही कक्षाएं लगाई जाती हैं। ये बिल्डिंग पूरी तरह से कंडम हो चुकी हैं। छत से चुना व बारीक पत्थर गिरते रहते हैं। वहीं बारिश में इस बिल्डिंग का और भी बुरा हाल हो जाता है। स्कूल के स्टॉफ रूम, क्लास रूम व यहां तक की रिकॉर्ड रूम में भी बारिश का पानी टपकता है। स्टॉफ सदस्यों के द्वारा बारिश के दौरान कड़ी मशक्कत कर स्कूल रिकॉर्ड को बचाया जाता है। वहीं बारिश के समय या तो बरामदे में कक्षाएं लगाई जाती हैं या फिर स्कूल की छुट्टी करनी पड़ती है। स्कूल प्राचार्यों द्वारा कई बार जिला शिक्षा अधिकारी को इस बारे में अवगत भी कराया जा चुका है। लेकिन विभाग द्वारा यूडीआईसी की ओर से पैसे भेजे जाने की बात कही जाती है। वहीं स्कूल प्राचार्यों की ओर से कई बार यूडीआईसी को मांग भेजी जा चुकी है। लेकिन सरकार व प्रशासन को बच्चों की जान की कोई फिक्र नहीं हो रही है।
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बीईओ ऑफिस को किया शिफ्ट, बच्चों की कोई परवाह नहीं:
बावल सराय स्थित राजकीय मिडिल स्कूल को प्राचीन धरोहर माना जाता है। यह स्कूल अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है। स्कूल में एक हॉल जो 20 कमरों के बराबर है। लेकिन जर्जर हालत में होने के कारण स्कूल स्टॉफ द्वारा ताला लगा दिया गया है। वहीं स्कूल के 10 कमरे की हालात भी कुछ ऐसी ही हो रही है। लेकिन मजबूरी में बच्चों को इन कमरों में ही पढ़ाया जा रहा है। यहां तक की स्कूल के स्टॉफ रूम व रिकॉर्ड रूम की हालात भी ऐसी ही है। लगभग 15 वर्ष पहले स्कूल के ऊपर बीईओ कार्यालय भी हुआ करता था। लेकिन कंडम होने के चलते विभाग द्वारा उसे नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया। वहीं बच्चों और शिक्षकों को मरने के लिए वहीं छोड़ दिया।
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विधायक के आदेश के बाद भी नहीं निकाला पानी
गांव जाटूसाना स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की भी हालत कुछ ऐसी ही हैं। स्कूल में कॉलेज की कक्षाएं भी लगाई जाती हैं। जिले में 20 मई को हुई बारिश के बाद स्कूल में पानी भर गया था। मुद्दा मीडिया में आने के बाद कक्षाएं राजकीय कन्या वरिष्ठ विद्यालय में शिफ्ट कर दी गई है। वहीं 15 दिन पहले विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने स्कूल का दौरा किया था और अधिकारियों को पानी निकासी का समाधान करने का निर्देश दिए थे। लेकिन अधिकारी द्वारा समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जाटूसाना स्कूल से जरनेटर के द्वारा पानी निकाल दिया गया है। जल्द यहां कक्षाएं शुरू की जाएंगी। अभी स्कूल में आने- जाने का रास्ता है।