{"_id":"68ae103e94394ae5fe041283","slug":"claims-of-evacuation-vanished-in-25-mm-rain-of-4-hours-rewari-news-c-198-1-rew1001-224713-2025-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: 4 घंटे की 25 मिमी बारिश में निकासी के दावे नौ दो ग्यारह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: 4 घंटे की 25 मिमी बारिश में निकासी के दावे नौ दो ग्यारह
विज्ञापन
भाड़ावास मार्ग हुआ जलभराव। संवाद
रेवाड़ी। 4 घंटे लगातार बारिश होने की वजह से शहर की सड़कें जलमग्न हो गई हैं। इसके साथ ही प्रशासन के तमाम दावों की भी पोल खुल गई। इस दौरान शहर के नाई वाली चौक, भाड़ावास मार्ग, भाड़ावास गेट, बाजार, बस अड्डा, पुराना हाउसिंग बोर्ड में जलभराव हो गया।
घंटेश्वर मंदिर बाजार, जीवली बाजार, गोकल गेट, पुरानी सब्जी मंडी, ब्रास मार्केट, माॅडल टाउन, रेलवे अंडरपास, पुराना कोर्ट रोड, सब्जी मंडी, नई अनाज मंडी कुतुबपुर, गुलाबी बाग एरिया, रेलवे अंडरपास, सर्कुलर रोड पूरी तरह से प्रभावित रहा। सुबह 10 बजे से 2 बजे तक लगातार बारिश हुई। उसके बाद शाम तक रुक-रुक कर बारिश होती रही।
बारिश के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो गई। सड़कों पर जाम भी देखने को मिला। बच्चों को भी स्कूल जाने और वापस आने में काफी दिक्कत हुई। बारिश में विशेषकर दोपहिया वाहन चालक परेशान दिखाई दिए।
विज्ञापन
इस बार कहा गया था कि बारिश के मौसम में जलभराव नहीं होगा। हालात इसके विपरित ही देखने को मिले। बारिश की वजह से लघु सचिवालय की इमारत तक टपकने लगी। छत से पानी गिरने की वजह से कामकाज भी कुछ हद तक प्रभावित रहा।
वीआईपी इलाकों में भी 2 फीट तक पानी भरा। माडल टाउन जैसे पोश इलाके की भी स्थिति बदहाल रही। जिले में इस सीजन 475 एमएम बारिश हो चुकी है जो सामान्य 40 प्रतिशत अधिक है। मंगलवार को करीब 25 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
-- -- -- -- -- -- --
पानी में डूबे खेत, कपास के सपनों पर फिरा पानी
कृषि विभाग की आंकलन रिपोर्ट के मुताबिक नाहड़ क्षेत्र में सबसे ज्यादा 1500 एकड़ जमीन में खड़ी कपास की फसल को 50% से अधिक नुकसान हुआ है। वहीं रेवाड़ी, जाटूसाना और खोल क्षेत्र में भी 100-100 और 62 एकड़ जमीन पर खड़ी फसल को भारी नुकसान हुआ है। बावल क्षेत्र में 100 एकड़ जमीन में 25% से ज्यादा नुकसान बताया गया है। विभाग ने इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है। कपास की 2 हजार एकड़ फसल में 50 फीसदी से ज्यादा नुकसान की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। किसानों का कहना है कि वे पहले ही लागत बढ़ने से परेशान थे, ऊपर से अब फसल के नष्ट होने से परेशानी बढ़ गई है।
विज्ञापन
घंटेश्वर मंदिर बाजार, जीवली बाजार, गोकल गेट, पुरानी सब्जी मंडी, ब्रास मार्केट, माॅडल टाउन, रेलवे अंडरपास, पुराना कोर्ट रोड, सब्जी मंडी, नई अनाज मंडी कुतुबपुर, गुलाबी बाग एरिया, रेलवे अंडरपास, सर्कुलर रोड पूरी तरह से प्रभावित रहा। सुबह 10 बजे से 2 बजे तक लगातार बारिश हुई। उसके बाद शाम तक रुक-रुक कर बारिश होती रही।
विज्ञापन
बारिश के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो गई। सड़कों पर जाम भी देखने को मिला। बच्चों को भी स्कूल जाने और वापस आने में काफी दिक्कत हुई। बारिश में विशेषकर दोपहिया वाहन चालक परेशान दिखाई दिए।
विज्ञापन
इस बार कहा गया था कि बारिश के मौसम में जलभराव नहीं होगा। हालात इसके विपरित ही देखने को मिले। बारिश की वजह से लघु सचिवालय की इमारत तक टपकने लगी। छत से पानी गिरने की वजह से कामकाज भी कुछ हद तक प्रभावित रहा।
वीआईपी इलाकों में भी 2 फीट तक पानी भरा। माडल टाउन जैसे पोश इलाके की भी स्थिति बदहाल रही। जिले में इस सीजन 475 एमएम बारिश हो चुकी है जो सामान्य 40 प्रतिशत अधिक है। मंगलवार को करीब 25 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
पानी में डूबे खेत, कपास के सपनों पर फिरा पानी
कृषि विभाग की आंकलन रिपोर्ट के मुताबिक नाहड़ क्षेत्र में सबसे ज्यादा 1500 एकड़ जमीन में खड़ी कपास की फसल को 50% से अधिक नुकसान हुआ है। वहीं रेवाड़ी, जाटूसाना और खोल क्षेत्र में भी 100-100 और 62 एकड़ जमीन पर खड़ी फसल को भारी नुकसान हुआ है। बावल क्षेत्र में 100 एकड़ जमीन में 25% से ज्यादा नुकसान बताया गया है। विभाग ने इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है। कपास की 2 हजार एकड़ फसल में 50 फीसदी से ज्यादा नुकसान की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। किसानों का कहना है कि वे पहले ही लागत बढ़ने से परेशान थे, ऊपर से अब फसल के नष्ट होने से परेशानी बढ़ गई है।

भाड़ावास मार्ग हुआ जलभराव। संवाद