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नागरिक अस्पताल : खस्ताहाल एंबुलेंसों को रखरखाव के बूस्टर डोज की दरकार

Sun, 31 Jul 2022 10:09 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jul 2022 10:09 PM IST
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Civil Hospital: Ambulances in disrepair need a booster dose of maintenance
नागरिक अस्पताल में कंडम बनती जा रही एंबुलेंस बाइकें। - फोटो : Rewari
रेवाड़ी। अगर जिले में कहीं भी कोई दुर्घटना हो जाए तो पीड़ित को अस्पताल ले जाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास 30 एंबुलेंस उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें से 6 एंबुलेंस रखरखाव की कमी से कंडम होने के कगार पर पहुंच गई हैं। ऐसे में इनको बूस्टर डोज की दरकार है। दुर्घटना स्थल से पीड़ित को लाने के लिए एंबुलेंस होने के बावजूद चिकित्सा विभाग को चालकों की कमी से भी जूझना पड़ रहा है। वहीं भामाशाहों की ओर से नागरिक अस्पताल को भेंट की गई एक एंबुलेंस और 5 बाइक दो साल से प्रयोग ही नहीं की जा रही। कुछ एंबुलेंस के टायर लगभग खत्म हो चुके हैं तो पीएचसी और सीएचसी की बोलेरो गाड़ियां टायरों की कमी से खड़ी हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उच्चाधिकारियों से अनुमति भी मांगी गई है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।
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नागरिक अस्पताल की एक एंबुलेंस इंजन खराबी के चलते सर्विस स्टेशन में पड़ी है। वहीं अस्पताल में तीन बोलेरो टायर बदलने के इंतजार में कंडम होने की ओर बढ़ रही हैं। इंसाफ मंच ने भी एक एंबुलेंस भेंट की थी, जो अस्पताल के पार्क में धूल फांक रही है। स्वास्थ्य विभाग अभी तक उसके दस्तावेज ही तैयार नहीं करा पाया है। शहर की तंग गलियों से मरीजों को लाने के लिए हीरो मोटोकॉर्प की ओर से 24 अगस्त 20 को नागरिक अस्पताल को 5 बाइक एंबुुलेंस तैयार कर भेंट की गई थी। जिनका विभाग ने एक कोने में खड़ा कर दिया है और काम में ही नहीं ली जा रही। वहीं अन्य भामाशाहों की एंबुलेंस भी सिर्फ टायरों की कमी से कंडम होने को बेताब हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के पास चालकों की कमी
स्वास्थ्य विभाग के पास मौजूद 30 एंबुलेंसों के लिए 8-8 घंटे की ड्यूटी के हिसाब से 90 चालक होना जरूरी है, किंतु विभाग के पास कुल 63 चालक हैं और 27 चालकों की कमी से जूझना पड़ रहा है। इनमें एनआरएचएम के तहत 18 चालक इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन, 38 एनएचएम चालक व कौशल योजना के तहत 7 चालक लगाए हुए हैं। कोविड काल में रोडवेज की ओर से भी विभाग को 19 चालक दिए गए, लेकिन फिर भी पूर्ति नहीं हो पा रही है।
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अधिकारी का वर्जन
ट्रांसपोर्ट ऑफिसर को बुलाकर सभी एंबुलेंस के बारे में जानकारी ले ली गई है। अगर ये सभी एंबुलेंस खराब खड़ी हैं तो सभी को ठीक कराया जाएगा। उनकी भी सेवाएं ली जाएंगी।
-डॉ. सुदर्शन पंवार-सिविल सर्जन, रेवाड़ी
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