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जिला नगर आयुक्त के खिलाफ नगर परिषद के सदस्यों ने की नारेबाजी
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डीएमसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते नगर पार्षद।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। नगर परिषद के माध्यम से शहर में होने विकास कार्यों की नजर रखने के लिए नियुक्त जिलास्तरीय निगरानी कमेटी के भंग करने के विरोध में वीरवार को नगर परिषद सदस्यों ने लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में एक अहम बैठक की। बाद में जिला नगर आयुक्त के कार्यालय पर जाकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। करीब घंटा भर चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद नप सदस्य लौट गए। इस घटनाक्रम से पहले जिला नगर आयुक्त के साथ पार्षदों की एक बैठक में भी विरोध देखने को मिला।
हरियाणा सरकार ने कुछ समय पहले रेवाड़ी नगर परिषद में होने वाले विकास कार्यों पर नजर रखने के लिए जिलास्तरीय निगरानी कमेटी बनाई थी, जिसमें केन्द्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह के समर्थक एवं सांसद विकास कोष के संयोजक विवेक ढींगड़ा और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्व. ओमप्रकाश ग्रोवर के पुत्र सुनील ग्रोवर को सदस्य मनोनीत किया गया था। ये दोनों सदस्य शहर के 31 वार्डों में होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता के अलावा अन्य गतिविधियों पर निगरानी रखते थे, जिनमें संबंधित ठेकेदारों से बात करना भी शामिल था।
नप सदस्यों को यह नागवार गुजरा कि ठेकेदार उनकी बात सुनने की बजाए इस कमेटी की बात को अधिक तरजीह देते हैं। किस विकास कार्य के लिए कितना धन खर्च हुआ और धन कहां से आकर कहां चला गया, इस पर भी निगरानी कमेटी के सदस्य निगरानी रखने लगे। ऐसे में धीरे-धीरे विरोध बढ़ता गया और नप की 14 मार्च को हुई आम और बजट बैठक में नप सदस्य इस मामले पर अधिकारियों के आमने-सामने हो गए।
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इस संबंध में नप सदस्यों ने उस बैठक में बाकायदा एक प्रस्ताव भी पारित करके निगरानी कमेटी को रद्द करने का प्रस्ताव पारित किया था। मामले पर नप सदस्य सत्ता से जुड़े और विपक्ष के पार्षद वीरवार को बैठक की। इसके बाद एकजुट नजर आए। नगर के 31 वार्डों में से 25 वार्ड सदस्यों ने गढ़ी बोलनी रोड स्थित जिला नगर आयुक्त भारत भूषण गोगिया के कार्यालय के बाहर अपना विरोध प्रदर्शित किया। इनकी उक्त अधिकारी से भेंट हुई, जिसके दौरान गोगिया ने इस कमेटी के सदस्यों को सरकार की ओर से की गई नियुक्ति बताते हुए इस मामले पर कोई भी निर्णय लेने से अपने हाथ उठा दिए।
अब तक का घटनाक्रम
14 मार्च को नप सदन की बैठक में इस कमेटी को भंग करने का प्रस्ताव पारित हुआ। 8 अप्रैल को नप सदस्य इस मामले पर जिला नगर आयुक्त भारत भूषण गोगिया और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मिले। राव ने दोनों सदस्यों को हटाने के लिए कहा मगर गोगिया ने कार्यवाही नहीं की। पार्षदों ने ऐसा नहीं होने पर 22 अप्रैल को जिला नगर आयुक्त कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी और आज उस पर अमल हुआ। इस प्रदर्शन में नप के उपाध्यक्ष श्याम चुग, प्रवीण चौधरी, कुसुमलता, मनीष गुप्ता, लोकेश यादव, रमेश मोरवाल, भूपेंद्र गुप्ता, राजेंद्र सिंघल, निहाल सिंह, संगीतलता, सरिता सैनी और दलीप माटा आदि नप सदस्य शामिल हैं।
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कोट
मॉनीटरिंग कमेटी सरकार के आदेश अनुसार बनी थी। पार्षदों ने विरोध जताया है, यह बात उच्चाधिकारियों को बता दी गई थी। नए आदेश के अनुसार दोनों सदस्यों को कमेटी से हटा कर नए सदस्यों को शामिल किया जाएगा।
- भारत भूषण गोगिया, जिला नगर आयुक्त
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हरियाणा सरकार ने कुछ समय पहले रेवाड़ी नगर परिषद में होने वाले विकास कार्यों पर नजर रखने के लिए जिलास्तरीय निगरानी कमेटी बनाई थी, जिसमें केन्द्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह के समर्थक एवं सांसद विकास कोष के संयोजक विवेक ढींगड़ा और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्व. ओमप्रकाश ग्रोवर के पुत्र सुनील ग्रोवर को सदस्य मनोनीत किया गया था। ये दोनों सदस्य शहर के 31 वार्डों में होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता के अलावा अन्य गतिविधियों पर निगरानी रखते थे, जिनमें संबंधित ठेकेदारों से बात करना भी शामिल था।
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नप सदस्यों को यह नागवार गुजरा कि ठेकेदार उनकी बात सुनने की बजाए इस कमेटी की बात को अधिक तरजीह देते हैं। किस विकास कार्य के लिए कितना धन खर्च हुआ और धन कहां से आकर कहां चला गया, इस पर भी निगरानी कमेटी के सदस्य निगरानी रखने लगे। ऐसे में धीरे-धीरे विरोध बढ़ता गया और नप की 14 मार्च को हुई आम और बजट बैठक में नप सदस्य इस मामले पर अधिकारियों के आमने-सामने हो गए।
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इस संबंध में नप सदस्यों ने उस बैठक में बाकायदा एक प्रस्ताव भी पारित करके निगरानी कमेटी को रद्द करने का प्रस्ताव पारित किया था। मामले पर नप सदस्य सत्ता से जुड़े और विपक्ष के पार्षद वीरवार को बैठक की। इसके बाद एकजुट नजर आए। नगर के 31 वार्डों में से 25 वार्ड सदस्यों ने गढ़ी बोलनी रोड स्थित जिला नगर आयुक्त भारत भूषण गोगिया के कार्यालय के बाहर अपना विरोध प्रदर्शित किया। इनकी उक्त अधिकारी से भेंट हुई, जिसके दौरान गोगिया ने इस कमेटी के सदस्यों को सरकार की ओर से की गई नियुक्ति बताते हुए इस मामले पर कोई भी निर्णय लेने से अपने हाथ उठा दिए।
अब तक का घटनाक्रम
14 मार्च को नप सदन की बैठक में इस कमेटी को भंग करने का प्रस्ताव पारित हुआ। 8 अप्रैल को नप सदस्य इस मामले पर जिला नगर आयुक्त भारत भूषण गोगिया और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मिले। राव ने दोनों सदस्यों को हटाने के लिए कहा मगर गोगिया ने कार्यवाही नहीं की। पार्षदों ने ऐसा नहीं होने पर 22 अप्रैल को जिला नगर आयुक्त कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी और आज उस पर अमल हुआ। इस प्रदर्शन में नप के उपाध्यक्ष श्याम चुग, प्रवीण चौधरी, कुसुमलता, मनीष गुप्ता, लोकेश यादव, रमेश मोरवाल, भूपेंद्र गुप्ता, राजेंद्र सिंघल, निहाल सिंह, संगीतलता, सरिता सैनी और दलीप माटा आदि नप सदस्य शामिल हैं।
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कोट
मॉनीटरिंग कमेटी सरकार के आदेश अनुसार बनी थी। पार्षदों ने विरोध जताया है, यह बात उच्चाधिकारियों को बता दी गई थी। नए आदेश के अनुसार दोनों सदस्यों को कमेटी से हटा कर नए सदस्यों को शामिल किया जाएगा।
- भारत भूषण गोगिया, जिला नगर आयुक्त