{"_id":"691236fca589b51bfa0c7c17","slug":"chiranjivs-big-allegation-32000-bulk-and-4000-duplicate-voters-were-found-in-rewari-rewari-news-c-198-1-rew1001-228721-2025-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: चिरंजीव का बड़ा आरोप- रेवाड़ी में 32 हजार बल्क और 4 हजार डुप्लीकेट वोटर पाए गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: चिरंजीव का बड़ा आरोप- रेवाड़ी में 32 हजार बल्क और 4 हजार डुप्लीकेट वोटर पाए गए
Tue, 11 Nov 2025 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 11 Nov 2025 12:33 AM IST
विज्ञापन
प्रेसवार्ता में जानकारी देते चिरंजीव राव। संवाद
रेवाड़ी। पूर्व विधायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव चिरंजीव राव ने कहा कि राहुल गांधी ने जो वोट चोरी का मुद्दा उठाया है, वह केवल एक राजनीतिक आरोप नहीं बल्कि आंकड़ों और प्रमाणों से साबित सच्चाई है। हरियाणा में लगभग पच्चीस लाख फर्जी वोटों का खुलासा हुआ है, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
यह आरोप पूर्व विधायक ने अपने निवास स्थान मॉडल टाउन पर प्रेसवार्ता के दौरान लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहा कि रेवाड़ी फर्जी वोटों का गढ़ बन चुका है। यहां अब तक 32 हजार बल्क वोटर और 4 हजार डुप्लीकेट वोटर पाए गए हैं।
यह कोई गलती नहीं बल्कि भाजपा सरकार के संरक्षण में चलाया गया सुनियोजित ऑपरेशन है। इस मामले में चुनाव आयोग की भूमिका भी बेहद संदिग्ध है। आयोग अब स्वतंत्र संस्था के रूप में नहीं बल्कि भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहा है। मतदान के दौरान की सीसीटीवी फुटेज तक जनता और विपक्ष को उपलब्ध नहीं कराई जा रही।
विज्ञापन
कहा कि रेवाड़ी में मतदान के बाद लगभग 45 मिनट तक स्ट्रांग रूम के कैमरे बंद रहे, जिससे संदेह और गहरा हो गया है।चिरंजीव ने कहा कि हरियाणा में कुल मिलाकर 25,41,000 से अधिक फर्जी वोट सामने आए हैं, जिनमें 5,21,619 डुप्लीकेट वोटर, 93,174 इनवेलिड एड्रेस वाले वोटर और 19,26,351 बल्क वोटर शामिल हैं।
इतना ही नहीं, कई जगहों पर एक ही घर के पते पर सैकड़ों वोट दर्ज पाए गए, जबकि 22 बूथों पर ब्राजील की एक महिला के नाम से मतदान तक हुआ। यह सब कोई संयोग नहीं बल्कि सुनियोजित वोट चोरी का बड़ा खेल है।
हरियाणा में दर्शा रही थी कांग्रेस की सरकार
चिरंजीव राव ने कहा कि चुनाव परिणाम आने से पहले सभी एग्जिट पोल स्पष्ट रूप से हरियाणा में कांग्रेस की सरकार दिखा रहे थे। जब बैलेट पेपर की गिनती शुरू हुई, तब कांग्रेस 73 सीटों पर आगे चल रही थी, लेकिन उसके बाद अचानक मतदान प्रतिशत और परिणामों में बदलाव दिखाई देने लगे। उन्होंने बताया कि 5 अक्तूबर को चुनाव आयोग ने हरियाणा में 60 प्रतिशत मतदान का आंकड़ा जारी किया था, लेकिन अगले ही दिन यह प्रतिशत बढ़कर 67 प्रतिशत तक पहुंच गया। यानी एक ही दिन में लगभग 15 लाख वोट बढ़ गए, जिसका अर्थ है कि हर विधानसभा में औसतन 15 हजार से अधिक फर्जी वोट जोड़े गए।
विज्ञापन
यह आरोप पूर्व विधायक ने अपने निवास स्थान मॉडल टाउन पर प्रेसवार्ता के दौरान लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहा कि रेवाड़ी फर्जी वोटों का गढ़ बन चुका है। यहां अब तक 32 हजार बल्क वोटर और 4 हजार डुप्लीकेट वोटर पाए गए हैं।
विज्ञापन
यह कोई गलती नहीं बल्कि भाजपा सरकार के संरक्षण में चलाया गया सुनियोजित ऑपरेशन है। इस मामले में चुनाव आयोग की भूमिका भी बेहद संदिग्ध है। आयोग अब स्वतंत्र संस्था के रूप में नहीं बल्कि भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहा है। मतदान के दौरान की सीसीटीवी फुटेज तक जनता और विपक्ष को उपलब्ध नहीं कराई जा रही।
विज्ञापन
कहा कि रेवाड़ी में मतदान के बाद लगभग 45 मिनट तक स्ट्रांग रूम के कैमरे बंद रहे, जिससे संदेह और गहरा हो गया है।चिरंजीव ने कहा कि हरियाणा में कुल मिलाकर 25,41,000 से अधिक फर्जी वोट सामने आए हैं, जिनमें 5,21,619 डुप्लीकेट वोटर, 93,174 इनवेलिड एड्रेस वाले वोटर और 19,26,351 बल्क वोटर शामिल हैं।
इतना ही नहीं, कई जगहों पर एक ही घर के पते पर सैकड़ों वोट दर्ज पाए गए, जबकि 22 बूथों पर ब्राजील की एक महिला के नाम से मतदान तक हुआ। यह सब कोई संयोग नहीं बल्कि सुनियोजित वोट चोरी का बड़ा खेल है।
हरियाणा में दर्शा रही थी कांग्रेस की सरकार
चिरंजीव राव ने कहा कि चुनाव परिणाम आने से पहले सभी एग्जिट पोल स्पष्ट रूप से हरियाणा में कांग्रेस की सरकार दिखा रहे थे। जब बैलेट पेपर की गिनती शुरू हुई, तब कांग्रेस 73 सीटों पर आगे चल रही थी, लेकिन उसके बाद अचानक मतदान प्रतिशत और परिणामों में बदलाव दिखाई देने लगे। उन्होंने बताया कि 5 अक्तूबर को चुनाव आयोग ने हरियाणा में 60 प्रतिशत मतदान का आंकड़ा जारी किया था, लेकिन अगले ही दिन यह प्रतिशत बढ़कर 67 प्रतिशत तक पहुंच गया। यानी एक ही दिन में लगभग 15 लाख वोट बढ़ गए, जिसका अर्थ है कि हर विधानसभा में औसतन 15 हजार से अधिक फर्जी वोट जोड़े गए।