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चार किलोमीटर दूर पढ़ने जाते हैं बच्चे : यादव
Wed, 17 Dec 2025 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 17 Dec 2025 12:06 AM IST
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हरिन्द्र यादव
- फोटो : रामगांव के चिल्हरिया पुल के पास मुठभेड़ के बाद घायल बदमाश को ले जाती पुलिस।
रेवाड़ी। गांव रामपुरा में सरकारी स्कूल का अभाव है। प्रेस बयान जारी कर पर्यावरण जागरूक अभियान समिति के जिला महासचिव हरिंद्र यादव ने बताया कि गांव के लगभग 350 मध्यम वर्ग के बच्चे मिडिल, हाईस्कूल और सीनियर सेकेंडरी शिक्षा प्राप्त करने के लिए करीब 4 किलोमीटर दूर भूड़पुर, बोडिया और कमालपुर तक जाते हैं।
उन्होंने बताया कि गांव के पास स्कूल बनाने के लिए पर्याप्त भूमि मौजूद है लेकिन सरकारी पहल न होने के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है। गांव की आबादी लगभग 10 हजार है। इस गांव का इतिहास चौकाने वाला है क्योंकि यह राजनीतिक परिवार का केंद्र है। यादव ने कहा कि अहीरवाल के सभी बड़े नेता इसी क्षेत्र से हैं। रामपुरा में केवल प्राथमिक विद्यालय है वह भी धर्मशाला की थोड़ी सी जमीन पर चलाया जा रहा है। इसमें आंगनबाड़ी और स्कूल दोनों संचालित हैं। गांव के सामाजिक कार्यकर्ताओं रामफल, सुजीत, हरकेश, कमला देवी और अन्यों ने बताया कि उच्च अधिकारियों और नेताओं के पास जाने का प्रयास करने पर भी उन्हें निराशा ही मिली। संवाद
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उन्होंने बताया कि गांव के पास स्कूल बनाने के लिए पर्याप्त भूमि मौजूद है लेकिन सरकारी पहल न होने के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है। गांव की आबादी लगभग 10 हजार है। इस गांव का इतिहास चौकाने वाला है क्योंकि यह राजनीतिक परिवार का केंद्र है। यादव ने कहा कि अहीरवाल के सभी बड़े नेता इसी क्षेत्र से हैं। रामपुरा में केवल प्राथमिक विद्यालय है वह भी धर्मशाला की थोड़ी सी जमीन पर चलाया जा रहा है। इसमें आंगनबाड़ी और स्कूल दोनों संचालित हैं। गांव के सामाजिक कार्यकर्ताओं रामफल, सुजीत, हरकेश, कमला देवी और अन्यों ने बताया कि उच्च अधिकारियों और नेताओं के पास जाने का प्रयास करने पर भी उन्हें निराशा ही मिली। संवाद
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