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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने वैन से पकड़ीं एनसीईआरटी की डुप्लीकेट किताबें
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वैन से बरामद की गई किताबों के साथ अधिकारी।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने शनिवार को शहर के बस स्टैंड के पास अपना बाजार में किताबों की दुकानों पर आपूर्ति देने आई एक वैन से एनसीईआरटी की डुप्लीकेट किताबें पकड़ीं हैं। साथ ही चालक को काबू कर लिया है। इसकी पुष्टि एनसीईआरटी के अधिकारियों ने स्थानीय शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने की है। खबर भेजे जाने तक किताबों की गिनती चल रही थी।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि शहर में पुस्तक विक्रेता एनसीईआरटी की डुप्लीकेट किताबें बेच रहे हैं। योजना बनाकर टीम अपना बाजार में पहुंची और दुकान के सामने खड़ी वैन में जांच शुरू कर दी। इस दौरान चालक ने टीम को बताया कि वह रेवाड़ी के अलावा अन्य जिलों में इन किताबों की सप्लाई देने आया था। सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर सूबेसिंह और सब इंस्पेक्टर सांवल राम ने बीईओ पृथ्वी सिंह व शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद दिल्ली एनसीईआरटी के अधिकारियों को भी इन किताबों की सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद एनसीईआरटी के एंटी पायरेसी सेल के जीएम विपिन दीवान और बिजनेस मैनेजर अमिताभ कुमार के साथ अन्य अधिकारी रेवाड़ी पहुंचे। इन अधिकारियों ने किताबों को देखते ही इस बात की पुष्टि कर दी कि ये किताबें डुप्लीकेट हैं तथा इन्हें बनाने में तैयार किया जाने वाला कागज भी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
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रोहतक से सप्लाई होती है किताबें
पूछताछ में चालक ने टीम को बताया कि वह रोहतक की एक फर्म में चालक की नौकरी करता है और रेवाड़ी में किताबों की सप्लाई देने आया था। टीम उससे पूछताछ कर रही है। उधर, यह जानकारी मिलने के बाद एनसीईआरटी के अधिकारियों ने शिक्षा विभाग रोहतक के अधिकारियों से तालमेल स्थापित कर के रोहतक की फर्म पर भी छापा मारकर कार्रवाई की है। यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि रेवाड़ी और रोहतक में इस फर्म की ओर से एनसीईआरटी की नकली किताबें छापी गई हैं। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम इस कार्रवाई को लेकर अपने उच्चाधिकारियों को सूचित करने के बाद कागजी कार्रवाई में जुटी हुई है।
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जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि शहर में पुस्तक विक्रेता एनसीईआरटी की डुप्लीकेट किताबें बेच रहे हैं। योजना बनाकर टीम अपना बाजार में पहुंची और दुकान के सामने खड़ी वैन में जांच शुरू कर दी। इस दौरान चालक ने टीम को बताया कि वह रेवाड़ी के अलावा अन्य जिलों में इन किताबों की सप्लाई देने आया था। सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर सूबेसिंह और सब इंस्पेक्टर सांवल राम ने बीईओ पृथ्वी सिंह व शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद दिल्ली एनसीईआरटी के अधिकारियों को भी इन किताबों की सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद एनसीईआरटी के एंटी पायरेसी सेल के जीएम विपिन दीवान और बिजनेस मैनेजर अमिताभ कुमार के साथ अन्य अधिकारी रेवाड़ी पहुंचे। इन अधिकारियों ने किताबों को देखते ही इस बात की पुष्टि कर दी कि ये किताबें डुप्लीकेट हैं तथा इन्हें बनाने में तैयार किया जाने वाला कागज भी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
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रोहतक से सप्लाई होती है किताबें
पूछताछ में चालक ने टीम को बताया कि वह रोहतक की एक फर्म में चालक की नौकरी करता है और रेवाड़ी में किताबों की सप्लाई देने आया था। टीम उससे पूछताछ कर रही है। उधर, यह जानकारी मिलने के बाद एनसीईआरटी के अधिकारियों ने शिक्षा विभाग रोहतक के अधिकारियों से तालमेल स्थापित कर के रोहतक की फर्म पर भी छापा मारकर कार्रवाई की है। यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि रेवाड़ी और रोहतक में इस फर्म की ओर से एनसीईआरटी की नकली किताबें छापी गई हैं। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम इस कार्रवाई को लेकर अपने उच्चाधिकारियों को सूचित करने के बाद कागजी कार्रवाई में जुटी हुई है।
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