फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Chaff became a source of income for farmers, this year they are getting Rs 500 more.

Rewari News: किसानों की कमाई का जरिया बनी भूसी, इस साल 500 रुपये अधिक मिल रहा दम

Sat, 13 Apr 2024 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sat, 13 Apr 2024 01:32 AM IST
विज्ञापन
Chaff became a source of income for farmers, this year they are getting Rs 500 more.
कोसली। क्षेत्र में सरसों की भूसी का व्यापार जोरों पर है। पिछले वर्ष भूसी 2000 से 2200 रुपये प्रति एकड़ बिकी थी। अब 2500 से 2800 रुपये प्रति एकड़ तक खरीद हो रही है। भूसी का भाव नवंबर व दिसंबर में बढ़ जाता है।
विज्ञापन

कोसली क्षेत्र में सरसों की पैदावार आमतौर पर नकदी फसल के रूप में होती है। क्षेत्र में सरसों की भूसी अब तो उत्तरी हरियाणा के ईंट भट्ठा मालिक थोक में खरीद कर ले जाने लगे हैं। इसके चलते भूसी का भाव आसमान छूने लगा है। किसी समय जिस भूसी को बेकार की चीज समझते थे, वही भूसी अब किसानों की आय का साधन बन गया है।
विज्ञापन


इसके साथ ही भूसी का कारोबार करने वाले हजारों लोगों को भी रोजगार मिलने लग गया है। क्षेत्र के भूसी व्यापारी पवन, सुरेंद्र, रवि यादव, महेंद्र सिंह रामोतार, सुमेर आदि ने बताया की भूसी का व्यापार वैसे तो लाभकारी है, लेकिन इसके रखरखाव में काफी खर्च करना पड़ता है। इसलिए किसान भी अब भूसी का अच्छा भाव लेने के प्रयास में रहते हैं। प्रकाश, विकास ने बताया कि एक समय था जब सरसों की भूसी के कारण खेत में दीमक का प्रकोप ज्यादा होता था। इससे बचने के लिए किसान आमतौर पर इसे जला देते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंसेट
भट्ठा मालिकों को भी मिल रहा लाभ

आमतौर पर लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल ईंट भट्ठे और अन्य मिट्टी के समान को पकाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। जब लकड़ी और कोयला महंगा होने लगा तो भट्ठा मालिकों ने इस भूसी की ओर ध्यान देना शुरू किया। इसका प्रयोग लगभग एक दशक पहले काफी कम था। किसान भी शुरू में भूसी को बेचने के लिए पैसा नहीं लेेते थे। भूसी रखने के लिए उनके पास जगह नहीं रहती थी, लेकिन भट्ठा मालिकों ने हर वर्ष भूसी को एकत्र करना शुरू कर दिया है। सालभर ईंटों को पकाने के लिए लकड़ियों या कोयले के स्थान पर भरपूर इस्तेमाल होने लगा।

-----

वर्जन

किसान भूसी बेचकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। इससे किसानों की आय भी बढ़ रही है। मौजूदा समय में अच्छे दाम भी मिल रहे हैं।-सीताराम, कृषि विभाग अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed