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Rewari News: सीबीएसई ने परीक्षा के पैटर्न में किया बदलाव
Sun, 03 Nov 2024 01:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 03 Nov 2024 01:37 AM IST
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रेवाड़ी। आस्था पब्लिक स्कूल। संवाद
रेवाड़ी। सीबीएसई की ओर से इस सत्र में होने वाली परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है। बोर्ड ने यह बदलाव नई शिक्षा नीति एनईपी- 2020 को ध्यान में रखकर किया है। सीबीएसई ने योग्यता आधारित सवालों पर अधिक ध्यान दिया है। इन सवालों को बढ़ाने के पीछे का उद्देश्य छात्रों की प्रैक्टिकल नॉलेज और समझ को जांचना है, ताकि विद्यार्थी प्रश्नों का उत्तर समझ कर दें न की रटकर।
वहीं लघु और दीर्घ प्रश्नों को कम करने का भी फैसला लिया है। सीबीएसई के इस बदलाव से तथ्यात्मक याद की बजाय विद्यार्थियों की आलोचनात्मक सोच और समस्या समाधान कौशल का मूल्यांकन होगा। विषय विशेषज्ञों का कहना है कि 10वीं व 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र फॉर्मेट में अहम बदलाव किए गए हैं।
यह बदलाव योग्यता आधारित शिक्षा की ओर बढ़ते बदलाव को दर्शाता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की रटने की प्रवृत्ति पर निर्भरता की बजाय उनके ज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोग का निरीक्षण करना है। इसके साथ ही परीक्षाओं के लिए सीबीएसई के संशोधित प्रारूप में रटने पर दिए जाने वाले महत्व को कम करने पर भी जोर दिया गया है। इन बदलावों का उद्देश्य छात्रों को तथ्यों को मात्र याद करने से आगे बढ़कर विषय वस्तु की गहन समझ की ओर मोटिवेट करना है।
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50 फीसदी सवाल योग्यता आधारित
कक्षा 10वीं के लिए फॉर्मेट पिछले शैक्षणिक सत्र के मुताबिक है। इसमें 50 फीसदी सवाल योग्यता आधारित हैं। हालांकि कक्षा 12वीं के लिए योग्यता आधारित प्रश्नों का अनुपात 2025 में 40 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा। प्रश्न अलग-अलग रूपों में आएंगे, जिनमें बहु विकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू), केस बेस्ड प्रश्न और स्रोत आधारित एकीकृत प्रश्न शामिल हैं।
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वर्जन
सीबीएसई ने विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है। इसके साथ ही लघु और दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्नों को कम करने का भी फैसला लिया गया है, ताकि विद्यार्थी प्रश्नों को समझकर उत्तर दे सकें। - विक्रम, सीबीएसई जिला कोऑर्डिनेटर रेवाड़ी।
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वहीं लघु और दीर्घ प्रश्नों को कम करने का भी फैसला लिया है। सीबीएसई के इस बदलाव से तथ्यात्मक याद की बजाय विद्यार्थियों की आलोचनात्मक सोच और समस्या समाधान कौशल का मूल्यांकन होगा। विषय विशेषज्ञों का कहना है कि 10वीं व 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र फॉर्मेट में अहम बदलाव किए गए हैं।
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यह बदलाव योग्यता आधारित शिक्षा की ओर बढ़ते बदलाव को दर्शाता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की रटने की प्रवृत्ति पर निर्भरता की बजाय उनके ज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोग का निरीक्षण करना है। इसके साथ ही परीक्षाओं के लिए सीबीएसई के संशोधित प्रारूप में रटने पर दिए जाने वाले महत्व को कम करने पर भी जोर दिया गया है। इन बदलावों का उद्देश्य छात्रों को तथ्यों को मात्र याद करने से आगे बढ़कर विषय वस्तु की गहन समझ की ओर मोटिवेट करना है।
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50 फीसदी सवाल योग्यता आधारित
कक्षा 10वीं के लिए फॉर्मेट पिछले शैक्षणिक सत्र के मुताबिक है। इसमें 50 फीसदी सवाल योग्यता आधारित हैं। हालांकि कक्षा 12वीं के लिए योग्यता आधारित प्रश्नों का अनुपात 2025 में 40 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा। प्रश्न अलग-अलग रूपों में आएंगे, जिनमें बहु विकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू), केस बेस्ड प्रश्न और स्रोत आधारित एकीकृत प्रश्न शामिल हैं।
वर्जन
सीबीएसई ने विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है। इसके साथ ही लघु और दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्नों को कम करने का भी फैसला लिया गया है, ताकि विद्यार्थी प्रश्नों को समझकर उत्तर दे सकें। - विक्रम, सीबीएसई जिला कोऑर्डिनेटर रेवाड़ी।