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बच्चों को भा रहीं कार्टून वाली पिचकारियां

Sat, 12 Mar 2022 11:14 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 12 Mar 2022 11:14 PM IST
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Cartoon pichkaris liked by children
होली पर बिक्री के तैयार पिचकारी व अन्य सामान। - फोटो : Rewari
रेवाड़ी। होली के त्योहार के चलते बाजारों की रौनक बढ़ने लगी है। लोग जरूरी सामानों और रंग पिचकारी आदि की खरीदारी करने में जुट गए हैं। 17 मार्च को होलिका दहन और 18 को फाग मनाया जाएगा। होली पार्क में कई वर्षों से होली का डांडा रोपने की परंपरा चली आ रही है। दुकानदारों ने बताया कि बाजार में बच्चों की पिचकारी की मांग अधिक है। उनकी पसंद के अनुरूप विभिन्न कार्टून शेप में पिचकारियां आ रही है।
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दुकानदारों ने बताया कि होली के त्योहार पर बिक्री का प्रमुख केंद्र शहर के बारह हजारी स्थित थान सिंह बाजार है। दुकानदार दिल्ली से होली का सामान लाकर बिक्री शुरू कर चुके हैं। हालांकि अभी बाजार में पहुंचने वाले ग्राहकों की संख्या कम है, लेकिन व्यापारियों को संभावना है कि आने वाले दो-तीन दिनों में खरीदारी में तेजी आने की उम्मीद है। इससे संभावना है कि बाजार में नई वैरायटी भी आ सकती है।
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यूपी तथा राजस्थान से बनकर आता है। इन रंगों में रसायन का प्रयोग किया जिसके चलते लोग इन रंगों को अब कम पसंद करने लगे हैं। इनकी कम मांग को देखते हुए दुकानदार कच्चा गुलाल तथा हर्बल रंग अधिक लेकर आए हैं। ऐसे में बाजार में हर्बल रंग उपलब्ध है तथा नींबू, सेव, अनार व अन्य फलों की खुशबू वाले रंग के कलर आए हुए हैं। यह कलर अधिक कीमत में भी है नहीं जिससे दुकानदार से लेकर ग्राहक भी इन रंगों को पसंद कर रहे हैं।
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सिंथेटिक और चीन निर्मित मांझे पर रोक
होली के त्योहार पर पतंग उड़ाने वालों में उत्साह रहता है। किसी प्रकार की अनहोनी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जिले में सिंथेटिक और चीन की निर्मित मांझे के उत्पादन, भंडारण, खरीद, बिक्री और उपयोग पर रोक लगा दी है। जिलाधीश की ओर से जारी आदेशों के अनुसार आदेशों की अवहेलना करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। ऐसा करने वालों पर धारा-188, भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत कार्रवाई होगी।

जिलाधीश यशेंद्र सिंह ने कहा कि 2013 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा 2017 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा चीन में बने मांझे के उत्पादन, भंडारण बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। सिंथेटिक और चीन निर्मित मांझा पशु पक्षियों व आमजन को भी घायल कर देता है, जिस पर प्रतिबंध लगाया जाना जरूरी है। उन्होंने संबंधित एसडीएम, उप-पुलिस अधीक्षक व थाना प्रभारी को अपने क्षेत्रों में आदेशों की सख्ती से पालना करवाने के निर्देश दिए हैं।
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