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छात्रों के सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए अध्यापक का क्षमतावर्धन आवश्यक : सुभाष चंद्र
Sun, 20 Oct 2024 12:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 20 Oct 2024 12:56 AM IST
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फोटो : 03रेवाड़ी। प्रशिक्षण संस्थान हुसैनपुर में एकत्रित हुए प्रशिक्षुक । स्रोत : विभाग
रेवाड़ी। जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान हुसैनपुर में चल रहे तीन विषयों (भौतिक विज्ञान, इतिहास व कॉमर्स) के पांच दिवसीय क्षमतावर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम चरण का शनिवार को समापन हो गया है। इसमें भौतिक विज्ञान से 52, इतिहास से 65 तथा कॉमर्स से 36 प्रशिक्षुकों ने भाग लिया।
प्रथम चरण के समापन पर प्रशिक्षुकों को संबोधित करते हुए प्राचार्य सुभाष चंद्र ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत अध्यापक का क्षमतावर्धन महत्वपूर्ण है। यह ज्ञान और दृष्टिकोण का स्रोत है। आज के समय में स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने की प्रक्रिया में सीखने के परिणामों को ध्यान में रखते हुए क्विज, असाइनमेंट और कंटेंट तैयार किए जाएं, जिससे शिक्षकों को छात्रों की क्षमता के स्तर के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।
ट्रेनिंग विंग के प्रभारी डॉ. बीर सिंह वरिष्ठ प्राध्यापक ने बताया कि क्षमतावर्धन पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सभी विषयों के प्राध्यापकों का विभिन्न चरणों में करवाएं जाएंगे। 21 अक्तूबर से द्वितीय चरण में हिंदी, राजनीतिक विज्ञान व रसायन विज्ञान विषयों के प्राध्यापकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुकों को विषय से संबंधित प्रशिक्षक पोर्टल पर प्री-टेस्ट, क्विज, एक्टिविटी, पोस्ट टेस्ट, फीडबैक, उपस्थिति आदि सभी प्रक्रियाओं से गुजरने पर ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्राप्त होगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एससीईआरटी द्वारा प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
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भौतिक विज्ञान के मास्टर ट्रेनर अनीता यादव माजरा श्योराज, अजीत यादव आकेड़ा, जितेंद्र यादव राजगढ़ से, कॉमर्स विषय के अनिल कुमार गुर्जर घटाल, अनु यादव भाड़ावास, इतिहास में बाल योगेश्वर कोसली, उम्मेद सिंह लुला अहीर व समीर भाड़ावास से मौजूद रहे। अन्य विषयों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दिवाली के बाद होगा। प्रशिक्षण में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. विजय सिंह, प्राध्यापक दीपक कुमार, डॉ. संगीता, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. नरेन पाल, यशपाल, राज सिंह, संजीव व ब्रह्म का विशेष सहयोग रहा।
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प्रथम चरण के समापन पर प्रशिक्षुकों को संबोधित करते हुए प्राचार्य सुभाष चंद्र ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत अध्यापक का क्षमतावर्धन महत्वपूर्ण है। यह ज्ञान और दृष्टिकोण का स्रोत है। आज के समय में स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने की प्रक्रिया में सीखने के परिणामों को ध्यान में रखते हुए क्विज, असाइनमेंट और कंटेंट तैयार किए जाएं, जिससे शिक्षकों को छात्रों की क्षमता के स्तर के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।
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ट्रेनिंग विंग के प्रभारी डॉ. बीर सिंह वरिष्ठ प्राध्यापक ने बताया कि क्षमतावर्धन पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सभी विषयों के प्राध्यापकों का विभिन्न चरणों में करवाएं जाएंगे। 21 अक्तूबर से द्वितीय चरण में हिंदी, राजनीतिक विज्ञान व रसायन विज्ञान विषयों के प्राध्यापकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुकों को विषय से संबंधित प्रशिक्षक पोर्टल पर प्री-टेस्ट, क्विज, एक्टिविटी, पोस्ट टेस्ट, फीडबैक, उपस्थिति आदि सभी प्रक्रियाओं से गुजरने पर ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्राप्त होगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एससीईआरटी द्वारा प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
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भौतिक विज्ञान के मास्टर ट्रेनर अनीता यादव माजरा श्योराज, अजीत यादव आकेड़ा, जितेंद्र यादव राजगढ़ से, कॉमर्स विषय के अनिल कुमार गुर्जर घटाल, अनु यादव भाड़ावास, इतिहास में बाल योगेश्वर कोसली, उम्मेद सिंह लुला अहीर व समीर भाड़ावास से मौजूद रहे। अन्य विषयों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दिवाली के बाद होगा। प्रशिक्षण में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. विजय सिंह, प्राध्यापक दीपक कुमार, डॉ. संगीता, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. नरेन पाल, यशपाल, राज सिंह, संजीव व ब्रह्म का विशेष सहयोग रहा।