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Rewari News: बाजारों में नासूर बना अतिक्रमण

Fri, 26 Apr 2024 02:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 26 Apr 2024 02:46 AM IST
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Canker sore encroachment in the markets
रेवाड़ी। बाजार में मोती चौक पर लगा हुआ जाम। संवाद
रेवाड़ी। शहर के बाजारों में अतिक्रमण की समस्या नासूर बन गई है। दुकानदार कई फिट तक सड़कों पर सामान रखकर अतिक्रमण कर लेते हैं। इससे सड़कें संकरी हो जाती हैं। इस वजह से लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर नगर परिषद के पास शिकायतें पहुंचती रहती हैं। कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमणकारी बेखौफ हो गए हैं।
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बताया जाता है कि बीते 6 माह से तो नप निष्क्रिय है। कुछ चालान के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। कुछ दिन पहले बाजार में व्यापारी और कार सवार युवकों के बीच सड़क पर सामान रखने को लेकर झगड़ा भी हुआ था। व्यापारी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को शिकायत भेजी गई। मामला संभालने पहुंचे हरियाणा पर्यटन निगम के चेयरमैन अरविंद यादव ने भी कार्रवाई का आश्वासन तो दिया था। साथ ही व्यापारियों से अतिक्रमण नहीं करने की भी अपील की।
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शहर के मुख्य बाजार और पंजाब मार्केट जैसे क्षेत्रों में कुछ स्थायी अतिक्रमण भी नजर आते हैं। वर्षों से ये सड़क पर ही 10-15 फिट तक सामान फैलाए रहते हैं। चालान किए गए, लेकिन उसका खास फर्क इन पर नहीं पड़ता। मुख्य बाजार में पुरानी सब्जी मंडी के आगे गोकलगेट तक 8-10 दुकानदार तो ऐसे हैं, जिनकी दुकानें शायद ही कभी व्यवस्थित तरीके से रही हों। इसी तरह पंजाबी मार्केट में एक-दूसरे की होड़ में सामान को फैलाकर कुछ दुकानदार अतिक्रमण किए रहते हैं। हैरानी की बात है कि आमजन के साथ ही अधिकारी भी बाजारों से गुजरते हैं, लेकिन आरोपी दुकानदारों को कोई कुछ नहीं कहता। बताया जाता है कि राजनीतिक दखल से भी कब्जे नहीं हट पाते।
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इंसेट


5 माह पहले बनी कमेटी, फील्ड से दूर



दिसंबर 2023 में नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए कमेटी का गठन किया गया था। कार्यकारी अधिकारी की ओर से कनिष्ठ अभियंता की अगुआई में 6 सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। सफाई निरीक्षक को भी 15 कर्मचारियों के साथ ही संसाधन भी कमेटी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन 5 माह बाद भी यह कमेटी अतिक्रमण हटवाने कभी फील्ड में उतरी ही नहीं। पहले भी इस तरह कमेटियां गठित करने की कार्रवाई होती रही हैं, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा।

इंसेट
कोर्ट के आदेश का भी असर नहीं
गोकल बाजार से पुरानी तहसील तक आबाद पुरानी सब्जी मंडी में संडे मार्केट के खिलाफ स्थानीय निवासी एडवोकेट सुभाष खुराना ने लोक अदालत में केस दायर किया था। याचिका को स्वीकार करते हुए अदालत ने आदेश दिया कि पुरानी सब्जी मंडी में किसी भी प्रकार से अवैध रविवार बाजार लगाने की इजाजत न दी जाए। अधिवक्ता का कहना है कि सड़कों पर अतिक्रमण कर संडे मार्केट लगने से परेशानी होती है। अब भी अतिक्रमण हो रहा है। दावा किया कि नगर परिषद के अधिकारी खुद मानते हैं कि संडे मार्केट अवैध है। इसकी किसी स्तर पर अनुमति नहीं ली गई है। सूचना के अधिकार के तहत कई बार नगर परिषद ने यह जानकारी उपलब्ध कराई है। कुछ साल पहले संडे मार्केट को रोकने के प्रयास भी किए गए थे, लेकिन बाद में कोई ध्यान नहीं देता।
वर्जन
दूसरों बाजारों की तुलना में यहां स्थिति ठीक है। जिसे और बेहतर करने के लिए प्रयासरत हैं। 12 सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए गए हैं। जिससे हम वारदात के साथ ही अतिक्रमण पर भी नजर रखते हैं। बाजार में झगड़े का कारण केवल अतिक्रमण ही बताया जा रहा है। इसलिए सभी एसोसिएशन यदि खुद आगे आएं तो 60-70 प्रतिशत समस्या दूर हो जाएगी।-राकेश भाटोटिया, प्रधान नया बाजार एसोसिएशन

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वर्जन:
शहर में अतिक्रमण के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। अब प्रतिदिन बाजारों में कार्रवाई की जाएगी। दुकानदारों और रेहड़ी वालों से अपील भी है कि अतिक्रमण को स्वयं हटा लें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।-पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद
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