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Rewari News: कैडेटों ने किया जयपुर व साउथ वेस्टर्न कमांड का भ्रमण
Thu, 05 Feb 2026 11:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 05 Feb 2026 11:27 PM IST
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फोटो: साउथ वेस्टर्न कमांड, जयपुर में आयोजित शैक्षिक भ्रमण के दौरान सैनिक स्कूल रेवाड़ी के कैडे
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रेवाड़ी। गोठड़ा स्थित सैनिक स्कूल के कक्षा सातवीं, आठवीं, नौवीं और ग्यारहवीं के कैडेटों ने आर्मी के साउथ वेस्टर्न कमांड औरराजस्थान की राजधानी जयपुर का भ्रमण किया।
इस भ्रमण का उद्देश्य कैडेटों को सशस्त्र बलों के लिए तैयार करना और उन्हें भारत की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विरासत से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना रहा।
शैक्षिक भ्रमण के दौरान कैडेटों ने आमेर, जयगढ़ और नाहरगढ़ किला, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर, हवा महल, जल महल तथा फिजिक्स धाम जैसे ऐतिहासिक एवं शैक्षिक स्थलों का अवलोकन किया।
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इन स्थलों के अध्ययन से कैडेटों को भारतीय इतिहास, शौर्य, वैज्ञानिक सोच एवं पारंपरिक स्थापत्य कला की गहन जानकारी मिली, जिससे उनकी जिज्ञासा और बौद्धिक रुचि को प्रोत्साहन मिला।
भ्रमण के दौरान कैडेटों को अनुशासन, सामूहिक जीवन, समय प्रबंधन और नेतृत्व जैसे जीवनोपयोगी गुणों का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हुआ।
उन्हें कमांड की कार्यप्रणाली, संगठनात्मक संरचना और सामरिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें 61 कैवलरी, आर्मर्ड कॉर्प्स तथा 199 मीडियम आर्टिलरी रेजिमेंट जैसी प्रमुख इकाइयों की भूमिका के बारे में भी अवगत कराया गया।
विद्यालय के प्राचार्य कैप्टन (भारतीय नौसेना) ब्रिज किशोर ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण कैडेटों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। ऐसे भ्रमण पुस्तकीय ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ते हैं और कैडेटों में इतिहासबोध, सांस्कृतिक चेतना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करते हैं।
उन्होंने कहा कि जयपुर जैसे ऐतिहासिक नगर का अध्ययन कैडेटों को देश की गौरवशाली विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
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इस भ्रमण का उद्देश्य कैडेटों को सशस्त्र बलों के लिए तैयार करना और उन्हें भारत की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विरासत से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना रहा।
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शैक्षिक भ्रमण के दौरान कैडेटों ने आमेर, जयगढ़ और नाहरगढ़ किला, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर, हवा महल, जल महल तथा फिजिक्स धाम जैसे ऐतिहासिक एवं शैक्षिक स्थलों का अवलोकन किया।
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इन स्थलों के अध्ययन से कैडेटों को भारतीय इतिहास, शौर्य, वैज्ञानिक सोच एवं पारंपरिक स्थापत्य कला की गहन जानकारी मिली, जिससे उनकी जिज्ञासा और बौद्धिक रुचि को प्रोत्साहन मिला।
भ्रमण के दौरान कैडेटों को अनुशासन, सामूहिक जीवन, समय प्रबंधन और नेतृत्व जैसे जीवनोपयोगी गुणों का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हुआ।
उन्हें कमांड की कार्यप्रणाली, संगठनात्मक संरचना और सामरिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें 61 कैवलरी, आर्मर्ड कॉर्प्स तथा 199 मीडियम आर्टिलरी रेजिमेंट जैसी प्रमुख इकाइयों की भूमिका के बारे में भी अवगत कराया गया।
विद्यालय के प्राचार्य कैप्टन (भारतीय नौसेना) ब्रिज किशोर ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण कैडेटों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। ऐसे भ्रमण पुस्तकीय ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ते हैं और कैडेटों में इतिहासबोध, सांस्कृतिक चेतना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करते हैं।
उन्होंने कहा कि जयपुर जैसे ऐतिहासिक नगर का अध्ययन कैडेटों को देश की गौरवशाली विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।