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राजस्थान के हॉस्टल की दीवार फांदकर फरार हुए दोनों स्टूडेंट रेवाड़ी में पकड़े
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बस स्टैंड चौकी में बच्चों से पूछताछ करती पुलिस। संवाद
- फोटो : Rewari
राजस्थान के नवलगढ़ इलाके के एक होस्टल की दीवार फांदकर बुधवार की रात में फरार हुए दोनों छात्रों को रेवाड़ी में पकड़ लिया गया। दोनों छात्र झुंझुनू जिले से राजस्थान रोडवेज में सवार होकर रेवाड़ी तक आए थे। शक होने पर बस कंडेक्टर ने बस स्टैंड पुलिस चौकी को सूचना दी तब पुलिस ने दोनों को पकड़ कर पूछताछ की तो उन्होंने पूरी कहानी का पता चला। दोनों छात्र यहां से आगे जाने की योजना बनाकर आए थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
दोनों बच्चों को बरामद कर उनसे पूछताछ करने के बाद पुलिस ने हॉस्टल संचालक व उनके परिजनों को बुलाया। परिजनों के यहां पहुंचने पर पुलिस ने दोनों को उनके हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि राजस्थान के नवलगढ़ स्थित शेखावटी पब्लिक स्कूल में दिल्ली के शाहदरा निवासी दिवेश व नेपाल का शिवम मिश्रा 12वीं कक्षा में पढ़ते हैं। दोनों स्कूल के हॉस्टल में रहते हैं। छात्रों ने पुलिस को बताया कि 2 दिन पहले दिवेश का हॉस्टल में ही रहने वाले तरुण व विकास के साथ झगड़ा हो गया था, जिसमें दिवेश के साथ मारपीट की गई। दिवेश ने इसकी सूचना तुरंत स्कूल प्रबंधक व परिजनों को दे दी। दिवेश के अनुसार, उसके बाद न तो दिल्ली से उसके परिवार का कोई सदस्य हॉस्टल पहुंचा और न ही स्कूल प्रबंधक ने बच्चों पर कार्रवाई की। इसके बाद उसने अपने साथी शिवम मिश्रा के साथ हॉस्टल से फरार होने का प्लान बनाया। दोनों ने पहले हॉस्टल के बाहर लगी कुंडी को तोड़ा और फिर मेन गेट तक पहुंच गए, लेकिन यहां गार्ड तैनात था। गार्ड को देख वह वापस मुड़े और फिर 6 फीट ऊंची दीवार को फांदकर फरार हो गए।
रोडवेज बस में बैठकर पहुंचे रेवाड़ी
दोनों छात्र रात के अंधेरे में ढाई बजे फरार हुए थे। उसके बाद किसी तरह झुंझुनू तक पहुंच गए। यहां से सुबह 5 बजे रेवाड़ी आने वाली राजस्थान रोडवेज की बस में सवार हो गए। दोनों के पास कुछ पैसे थे, जिससे उन्होंने टिकट भी लिया, लेकिन इसी बीच रेवाड़ी की सीमा में पहुंचते ही बस के कंडक्टर को दोनों पर शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ की। दोनों ने हॉस्टल में हुई मारपीट के बाद फरार होने की जानकारी दी। कंडक्टर ने बगैर देरी किए रेवाड़ी बस स्टैंड पर बस पहुंचते ही पुलिस चौकी में सूचना दी। उसके बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को अपने कब्जे में लिया।
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घर जाने के लिए फरार हुए
पुलिस ने पूछताछ की तो दिवेश और शिवम ने सबकुछ साफ-साफ बता दिया। दिवेश ने पुलिस को बताया कि वह अपने घर दिल्ली जाना चाहता था, जबकि शिवम अपनी बहन के घर गुरुग्राम जाने वाला था। क्योंकि दोनों के ही परिजन काफी दिनों से उनके पास नहीं आए थे। पुलिस ने दोनों बच्चों के रेवाड़ी में बरामद होने की सूचना उनके स्कूल व परिजनों तक पहुंचाई। दोपहर बाद पुलिस ने दिवेश को तो उसके परिजनों को सौंप दिया, जबकि शिवम मिश्रा को स्कूल प्रबंधक को सौंपा गया हैं। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधक को सख्त चेतावनी भी दी गई हैं।
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दोनों बच्चों को बरामद कर उनसे पूछताछ करने के बाद पुलिस ने हॉस्टल संचालक व उनके परिजनों को बुलाया। परिजनों के यहां पहुंचने पर पुलिस ने दोनों को उनके हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि राजस्थान के नवलगढ़ स्थित शेखावटी पब्लिक स्कूल में दिल्ली के शाहदरा निवासी दिवेश व नेपाल का शिवम मिश्रा 12वीं कक्षा में पढ़ते हैं। दोनों स्कूल के हॉस्टल में रहते हैं। छात्रों ने पुलिस को बताया कि 2 दिन पहले दिवेश का हॉस्टल में ही रहने वाले तरुण व विकास के साथ झगड़ा हो गया था, जिसमें दिवेश के साथ मारपीट की गई। दिवेश ने इसकी सूचना तुरंत स्कूल प्रबंधक व परिजनों को दे दी। दिवेश के अनुसार, उसके बाद न तो दिल्ली से उसके परिवार का कोई सदस्य हॉस्टल पहुंचा और न ही स्कूल प्रबंधक ने बच्चों पर कार्रवाई की। इसके बाद उसने अपने साथी शिवम मिश्रा के साथ हॉस्टल से फरार होने का प्लान बनाया। दोनों ने पहले हॉस्टल के बाहर लगी कुंडी को तोड़ा और फिर मेन गेट तक पहुंच गए, लेकिन यहां गार्ड तैनात था। गार्ड को देख वह वापस मुड़े और फिर 6 फीट ऊंची दीवार को फांदकर फरार हो गए।
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रोडवेज बस में बैठकर पहुंचे रेवाड़ी
दोनों छात्र रात के अंधेरे में ढाई बजे फरार हुए थे। उसके बाद किसी तरह झुंझुनू तक पहुंच गए। यहां से सुबह 5 बजे रेवाड़ी आने वाली राजस्थान रोडवेज की बस में सवार हो गए। दोनों के पास कुछ पैसे थे, जिससे उन्होंने टिकट भी लिया, लेकिन इसी बीच रेवाड़ी की सीमा में पहुंचते ही बस के कंडक्टर को दोनों पर शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ की। दोनों ने हॉस्टल में हुई मारपीट के बाद फरार होने की जानकारी दी। कंडक्टर ने बगैर देरी किए रेवाड़ी बस स्टैंड पर बस पहुंचते ही पुलिस चौकी में सूचना दी। उसके बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को अपने कब्जे में लिया।
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घर जाने के लिए फरार हुए
पुलिस ने पूछताछ की तो दिवेश और शिवम ने सबकुछ साफ-साफ बता दिया। दिवेश ने पुलिस को बताया कि वह अपने घर दिल्ली जाना चाहता था, जबकि शिवम अपनी बहन के घर गुरुग्राम जाने वाला था। क्योंकि दोनों के ही परिजन काफी दिनों से उनके पास नहीं आए थे। पुलिस ने दोनों बच्चों के रेवाड़ी में बरामद होने की सूचना उनके स्कूल व परिजनों तक पहुंचाई। दोपहर बाद पुलिस ने दिवेश को तो उसके परिजनों को सौंप दिया, जबकि शिवम मिश्रा को स्कूल प्रबंधक को सौंपा गया हैं। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधक को सख्त चेतावनी भी दी गई हैं।