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Rewari News: 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की हड्डियां हो रहीं कमजोर
Sun, 23 Nov 2025 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 23 Nov 2025 12:03 AM IST
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अस्पताल में ओपीडी के लिए पर्ची कटवाते लोग। संवाद
रेवाड़ी। सर्दी बढ़ने के साथ ही 45 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं में हड्डियों की कमजोरी की समस्या बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों से फिजियोथेरेपी विभाग की ओपीडी में पीड़ितों में इजाफा हो हुआ है।
नागरिक अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 30 से 40 महिलाएं हड्डियों से जुड़ी समस्याओं जैसे कमर दर्द, पीठ दर्द, घुटनों में दर्द और एड़ी में दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रही हैं। इससे पहले 10 से 15 मरीज आ रहे थे। सर्दी के दिनों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। चिकित्सकों के मुताबिक कई महिलाएं घरेलू कार्यों में उखड़ू बैठने की आदत नहीं बदलतीं जिससे घुटनों और जोड़ों पर सीधा असर पड़ता है।
गलत खानपान, पोषण की कमी, लंबे समय तक उखड़ू बैठकर काम करना और घरेलू कार्यों के दौरान भारी वजन उठाना इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। चिकित्सकोंका कहना है कि ज्यादातर महिलाओं में कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी पाई जा रही है। महिलाएं अधिकतर दूध, दही और हरी सब्जियों जैसे पोषक आहार का सेवन कम करती हैं, जिससे शरीर को आवश्यक पोषण नहीं मिल पाता। गलत पोस्टर में काम करना भी कमर और पीठ की हड्डियों पर लगातार दबाव डालता है, जिसके कारण दर्द की शिकायत बढ़ती जाती है।
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इसके अलावा पुरानी चोटें भी उम्र बढ़ने के साथ दोबारा परेशान करने लगती हैं। अस्पताल में ऐसे कई मरीज पहुंच रहे हैं जिनके घुटनों में सूजन, ग्रिल घिसने और पुरानी चोटों से संबंधित दर्द की समस्या सामने आ रही है।
वर्जन
महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने खानपान में सुधार करें, रोजाना हल्का व्यायाम करें और किसी भी तरह के दर्द को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उपचार से हड्डियों की कई समस्याओं से बचा जा सकता है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 30 से 40 महिलाएं हड्डियों से जुड़ी समस्याओं को लेकर आ रही हैं।-डॉ. निशा तिगडानिया, फिजियोथेरेपिस्ट
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नागरिक अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 30 से 40 महिलाएं हड्डियों से जुड़ी समस्याओं जैसे कमर दर्द, पीठ दर्द, घुटनों में दर्द और एड़ी में दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रही हैं। इससे पहले 10 से 15 मरीज आ रहे थे। सर्दी के दिनों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। चिकित्सकों के मुताबिक कई महिलाएं घरेलू कार्यों में उखड़ू बैठने की आदत नहीं बदलतीं जिससे घुटनों और जोड़ों पर सीधा असर पड़ता है।
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गलत खानपान, पोषण की कमी, लंबे समय तक उखड़ू बैठकर काम करना और घरेलू कार्यों के दौरान भारी वजन उठाना इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। चिकित्सकोंका कहना है कि ज्यादातर महिलाओं में कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी पाई जा रही है। महिलाएं अधिकतर दूध, दही और हरी सब्जियों जैसे पोषक आहार का सेवन कम करती हैं, जिससे शरीर को आवश्यक पोषण नहीं मिल पाता। गलत पोस्टर में काम करना भी कमर और पीठ की हड्डियों पर लगातार दबाव डालता है, जिसके कारण दर्द की शिकायत बढ़ती जाती है।
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इसके अलावा पुरानी चोटें भी उम्र बढ़ने के साथ दोबारा परेशान करने लगती हैं। अस्पताल में ऐसे कई मरीज पहुंच रहे हैं जिनके घुटनों में सूजन, ग्रिल घिसने और पुरानी चोटों से संबंधित दर्द की समस्या सामने आ रही है।
वर्जन
महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने खानपान में सुधार करें, रोजाना हल्का व्यायाम करें और किसी भी तरह के दर्द को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उपचार से हड्डियों की कई समस्याओं से बचा जा सकता है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 30 से 40 महिलाएं हड्डियों से जुड़ी समस्याओं को लेकर आ रही हैं।-डॉ. निशा तिगडानिया, फिजियोथेरेपिस्ट