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काले झंडे, बैनर और बंद दुकान

Wed, 13 Jan 2016 01:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रेवाड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला रेवाड़ी Updated Wed, 13 Jan 2016 01:34 AM IST
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Black flags, banners and closed shop
रेवाड़ी। शहर के मुख्य बाजारों और वहां की सड़कों पर दिखने वाली चहल-पहल मंगलवार को नदारद थी। वहां कुछ था तो महज बंद दुकानें, सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों की तादाद में काले झंडे और बैनर हाथ में लेकर आगे बाइक पर तो पीछे पैदल चलने वाले प्रदर्शनकारी। वक्फ लीज रूल्स 2014 को काला कानून बताते हुए प्रदर्शन करने वाले शहर के हजारों किराएदारों ने इसे खत्म करने की मांग की।
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रेवाड़ी वक्फ लैंड होल्डर्स एसोसिएशन का काले कानून के विरोध में प्रस्तावित रेवाड़ी बंद लगभग सफल रहा। ज्यादातर दुकानें बंद रही। मंगलवार को मक्खन लाल धर्मशाला में इकट्ठा हुए वक्फ के किराएदार और उनके समर्थन देने वाले व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन की शुरुआत रेलवे रोड से की। धर्मशाला में इससे पहले बैठक हुई। यहां पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अजय यादव भी पहुंचे और भाषण देते हुए प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। यहां से करीब एक घंटे बाद प्रदर्शनकारी पूरी तरह इकट्ठे हो गए और तय योजना के अनुसार शहर के गोकल मार्केट, मोती चौक, नया बाजार, पंजाबी मार्केट से होते हुए विभिन्न रास्तों से शिव चौक होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां वक्फ लीज रूल्स 2014 को काला कानून बनाते हुए नारेबाजी के बीच सीटीएम भारतभूषण गोगिया को सीएम के नाम का अपनी मांग का नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में रेवाड़ी वक्फ लैंड होल्डर्स एसोसिएशन के पैट्रन शकूर खान, अध्यक्ष कमल बतरा, उपाध्यकष अनिल अरोड़ा, सेकेट्री लक्ष्मण अरोड़ा समेत कई पदाधिकारी, विभिन्न मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारी व दुकानदार और वक्फ बोर्ड की जमीन पर सालों से काबिज हजारों की संख्या में किराएदार मौजूद थे।
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लघु सचिवालय से शामिल हुए पार्षद और पूर्व विस प्रत्याशी
लघु सचिवालय में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के बाद वहां पहले से ही मौजूद इनेलो से विस प्रत्याशी रहे सतीश यादव, पार्षद चेतराम सैनी, पार्षद विजय राव, नप उपप्रधान पवन बठला, पार्षद मनीष चराया समेत कई अन्य नेताओं ने भी अपना समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों की भीड़ का आलम यह था कि प्रदर्शन के समय मिनी सेकेट्रेट के प्रांगण और बाहर तक पैर रखने की जगह नहीं थी।
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सड़कों पर यातायात व्यवस्था बनाने के लिए रही खाकी
रेलवे रोड से काले झंडे लेकर हजारों की संख्या में निकलने वाले प्रदर्शनकारियों के चलते शहर का यातायात भी सुचारु रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। शहर के गोकल मार्केट, मोती चौक, नया बाजार, पंजाबी मार्केट से होते हुए विभिन्न रास्तों से शिव चौक होते हुए मिनी सेकेट्रेट तक और प्रदर्शनकारियों की रैली के आगे-आगे मॉडल टाउन और सिटी थाना एसएचओ अपने दलबल के साथ मौजूद थे।

नौ सूत्रीय ज्ञापन की मुख्य बातें

पाकिस्तान से विस्थापित होने के बाद 60 से ज्यादा सालों से हरियाणा वक्फ बोर्ड के किराएदार काबिज हैं। वक्फ बोर्ड की भूमि विभाग से एनओसी मिलने के बाद लाखों रुपये की पूंजी के बाद निर्माण किया है।
नए नियम असंवैधानिक और किराएदारों का हनन करने वाले हैं। इससे शहर के हजारों लोग रोजी-रोटी के मोहताज हो जाएंगे। इससे हरियाणा में अशांति का माहौल फैल सकता है।
नए नियमों से किराया ओपेन ऑक्शन से निर्धारित होगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी एक फैसले में कहा था कोई कानून पास होता है तो नए लोगों पर पुरानों पर नहीं।
पहले किराएदारों का लीड पीरियड खत्म होने की बढ़ी दर पर लीज रीन्यू कर दी जाती थी। अब वक्फ बोर्ड द्वारा ऑटोमेटिक रीन्यूवल का अधिकार ही खत्म कर दिया गया है।
प्रिंसिपल ऑफ नेचुरल जस्टिस के तहत उच्च अदालतों के दिए आदेशों के अनुुसार ऐसा कानून जिससे जनसमूह का नुकसान हो, उससे सुनने का अधिकार सुरक्षित रखा जाना चाहिए। लेकिन सरकार ने बिना आपत्तियां मांगे कानून पारित कर दिया।

इन नियमों में लॉ ऑफ इक्विलिटी की अवहेलना हुई है। किराएदारों से नए नियमों ने लीज को रीन्यू करने का अधिकार भी छीन लिया।

करोड़ों का व्यापार प्रभावित, लोगों को हुई परेशानी
शहर बंद होने से बाजारों में खरीदारी करने आए लोगों को परेशानी हुई। जिन्हें पता था, वे शहर नहीं आए लेकिन जिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी, वे शहर पहुंच गए। बाद में खाली ही लौटे। बंद को हर बाजार की एसोसिएशन ने पूरा समर्थन दिया। शाम को कुछ दुकानें खुली तो ज्यादातर बंद ही रही। वहीं बाजार बंद रहने से करोड़ों का बाजार प्रभावित हुआ।
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