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Rewari News: पूजा-अर्चना कर गणपति को नम आंखों से दी विदाई
Thu, 28 Sep 2023 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 28 Sep 2023 11:53 PM IST
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गांव कालाका स्थित नहर पर गणेश की मूर्ति का विसर्जन करने जाते श्रद्धालु। संवाद
रेवाड़ी। जिले में वीरवार को गणेश महोत्सव का समापन हो गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर गणपति को नम आंखों से विदाई दी। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने नहर व अलग-अलग स्थानों पर भगवान श्रीगणेश की मूर्ति का विसर्जन किया। गणपति के जयघोष से वातावरण गुंजायमाान रहा। वहीं, नहर में मूर्ति विसर्जन को लेकर प्रशासन की सख्ती के चलते दिल्ली रोड स्थित जवाहर लाल नेहरू नहर पर पुलिस ने रास्ता बंद कर दिया गया था, लेकिन कालाका गांव स्थित नहर पर कई जगहों से आए श्रद्धालुओं ने मूर्ति का विसर्जित किया।
गणपति विदाई के दौरान लोगों ने अपनी व्यवस्था के अनुसार गड्ढा खोदकर उसमें पानी भरकर मूर्ति को विसर्जित किया। मूर्तियां विसर्जन को लेकर इस बार जिला प्रशासन की ओर से कोई भी गाइडलाइन नहीं जारी की गई थी। 19 सितंबर को गणेश महोत्सव की शुरूआत हुई थी।
महोत्सव समापन से पहले बास सिताबराय मोहल्ले में सुंदर झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस दौरान लोग बैंडबाजों की धुन पर गुलाल-अबीर खेलते हुए मूर्ति विसर्जन के लिए नहर पर पहुंचे। कालाका गांव स्थित नहर पर सबसे ज्यादा मूर्तियों का विसर्जन किया गया। मूर्ति विसर्जन से पहले शहर में अलग-अलग जगहों पर शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं में भारी संख्या में महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। शहर भर में 100 से अधिक जगह पर श्रद्धालुओं ने गणपति की मूर्तियां स्थापित की गई थीं। इस दौरान समितियों और संगठनों की ओर से जागरण और भंडारे का भी आयोजन किया गया।
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गणपति विदाई के दौरान लोगों ने अपनी व्यवस्था के अनुसार गड्ढा खोदकर उसमें पानी भरकर मूर्ति को विसर्जित किया। मूर्तियां विसर्जन को लेकर इस बार जिला प्रशासन की ओर से कोई भी गाइडलाइन नहीं जारी की गई थी। 19 सितंबर को गणेश महोत्सव की शुरूआत हुई थी।
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महोत्सव समापन से पहले बास सिताबराय मोहल्ले में सुंदर झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस दौरान लोग बैंडबाजों की धुन पर गुलाल-अबीर खेलते हुए मूर्ति विसर्जन के लिए नहर पर पहुंचे। कालाका गांव स्थित नहर पर सबसे ज्यादा मूर्तियों का विसर्जन किया गया। मूर्ति विसर्जन से पहले शहर में अलग-अलग जगहों पर शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं में भारी संख्या में महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। शहर भर में 100 से अधिक जगह पर श्रद्धालुओं ने गणपति की मूर्तियां स्थापित की गई थीं। इस दौरान समितियों और संगठनों की ओर से जागरण और भंडारे का भी आयोजन किया गया।
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