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भगत सिंह क्रांतिकारी के साथ महान विचारक भी थे : दीपेश
Tue, 29 Sep 2026 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:22 AM IST
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संस्था कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते दल के सदस्य। संस्था
- फोटो : टूंडला- फिरोजाबाद हाईवे पर कार की छत व खिड़की खोलकर खडे़ होकर रील बनाते कार सवार। वीडियो ग्रैब
रेवाड़ी। वीर भगत सिंह युवा दल की ओर से सोमवार को भगत सिंह की जयंती पर संस्था कार्यालय में कैसा हो शहीद-ए-आजम के सपनों का भारत विषयक गोष्ठी हुई। इस मौके पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ के जिला प्रधान दीपेश भार्गव ने कहा कि भगत सिंह क्रांतिकारी ही नहीं बल्कि महान विचारक भी थे।
युवा दल के प्रधान दिनेश कपूर ने कहा कि भगत सिंह बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे। 12 वर्ष की आयु में जलियांवाला बाग हत्याकांड का दृश्य देखने के बाद भगत सिंह ने देश को अंग्रेजों से मुक्त कराने का संकल्प लिया।
शिक्षाविद प्रो. सीएल सोनी और पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार जलवा ने कहा कि भगत सिंह केवल महान क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी विचारक भी थे।
उनके सपनों का भारत जात-पात से मुक्त, भ्रष्टाचार रहित और राष्ट्र प्रथम की भावना वाला था। कार्यक्रम में शहीद भगत सिंह के प्रिय गीत ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ का सामूहिक गायन किया गया। समाजसेवियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा महावीर यादव की पुस्तक रेवाड़ी का वास्तविक इतिहास भेंट की गई।
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सभी ने शहीद भगत सिंह को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उग्रसेन अग्रवाल, अरुण गुप्ता, प्रवीण ठाकुर, दयाराम आर्य, सरदार प्रीतपाल सिंह विग, अजय शर्मा, कुलदीप सोनी, हेमंत ग्रोवर, सतपाल शास्त्री, सुदर्शन मेहंदीरत्ता, राम रतन यादव, नरेंद्र जोशी, त्रिभुवन भटनागर व हरबंस लाल खुराना सहित अन्य मौजूद रहे।
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युवा दल के प्रधान दिनेश कपूर ने कहा कि भगत सिंह बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे। 12 वर्ष की आयु में जलियांवाला बाग हत्याकांड का दृश्य देखने के बाद भगत सिंह ने देश को अंग्रेजों से मुक्त कराने का संकल्प लिया।
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शिक्षाविद प्रो. सीएल सोनी और पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार जलवा ने कहा कि भगत सिंह केवल महान क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी विचारक भी थे।
उनके सपनों का भारत जात-पात से मुक्त, भ्रष्टाचार रहित और राष्ट्र प्रथम की भावना वाला था। कार्यक्रम में शहीद भगत सिंह के प्रिय गीत ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ का सामूहिक गायन किया गया। समाजसेवियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा महावीर यादव की पुस्तक रेवाड़ी का वास्तविक इतिहास भेंट की गई।
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सभी ने शहीद भगत सिंह को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उग्रसेन अग्रवाल, अरुण गुप्ता, प्रवीण ठाकुर, दयाराम आर्य, सरदार प्रीतपाल सिंह विग, अजय शर्मा, कुलदीप सोनी, हेमंत ग्रोवर, सतपाल शास्त्री, सुदर्शन मेहंदीरत्ता, राम रतन यादव, नरेंद्र जोशी, त्रिभुवन भटनागर व हरबंस लाल खुराना सहित अन्य मौजूद रहे।