{"_id":"61e1b984290c826eca7801ca","slug":"beware-now-cyber-fraud-in-the-name-of-booster-dose-rewari-news-rtk635736599","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावधान - अब बूस्टर डोज के नाम पर साइबर ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावधान - अब बूस्टर डोज के नाम पर साइबर ठगी
विज्ञापन
कोविड-19 की तीसरी लहर से बचाने के लिए सरकार की ओर से बुजुर्गों व फ्रंट लाइन वर्कर को बूस्टर डोज दिए जाने की सूचना भी साइबर अपराधियों के लिए लाभप्रद साबित हो रही है। जिला पुलिस ने लोगों से ऐसे ठगों से बचने की अपील की है। कई राज्यों में बूस्टर डोज लगाने के नाम पर लोगों से ठगी के मामले सामने आने के बाद रेवाड़ी पुलिस ने जिला वासियों से आग्रह किया है कि वे ऐसी किसी भी कॉल या संदेश पर अमल नहीं करें, जोकि ऐसी बात कहता है। यह साइबर ठगी करने वालों की साजिश होती है, जिसमें फंसने के बाद साइबर अपराधी उस व्यक्ति की जमा पूंजी को निकालकर चुपचाप निकल जाते हैं।
एसपी राजेश कुमार ने कहा कि साइबर ठग अलग अलग तरह से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। उनकी नई चाल बूस्टर डोज लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी करने की सामने आई है और कई राज्यों में ऐसे मामले भी सामने आए हैं। ठग कोरोना वैक्सीन व बूस्टर डोज के फर्जी मैसेज व लिंक भेजकर बैंक डिटेल, ओटीपी नंबर लेकर खातों से रुपये निकाल लेते हैं। ऐसे में लोग अपना ओटीपी नंबर, खाता नंबर या अन्य जानकारी किसी से शेयर न करें। अनजान नंबरों से आने वाले मैसेज का प्रति उत्तर न दें। किसी से भी सीवीवी, ओटीपी और क्रेडिट कार्ड का नंबर साझा न करें। अपनी पर्सनल जानकारी और आधार संख्या किसी के साथ शेयर न करें। आम लोगों को ठगी से बचने के कुछ बातों का ध्यान भी रखने की जरूरत है।
किसी भी तरह का ऐप को डाउनलोड न करें
एसपी ने कहा कि जिलावासी बूस्टर डोज के रजिस्ट्रेशन के लिए किसी भी तरह का ऐप को डाउनलोड न करें। जिस तरह वैक्सीन लगवाने के लिए आरोग्य सेतु एवं कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन होता था या आप सीधे टीकाकरण केंद्र पर जाकर वैक्सीन लेते हैं उसी तरह की प्रक्रिया बूस्टर डोज के लिए भी होगी। सरकार कभी भी आपसे ऐसी गतिविधियों के लिए किसी थर्ड पार्टी ऐप को डाउनलोड करने का आग्रह नहीं करती। अब साइबर ठग लोगों को बूस्टर डोज लगवाने के नाम पर अपना रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर जिओ, एयरटेल व अन्य मोबाइल कंपनियों के फ्री रिचार्ज का झांसा दे रहे हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे किसी भी एसएमएस या फोन काल से सतर्क रहने की अपील की।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसपी राजेश कुमार ने कहा कि साइबर ठग अलग अलग तरह से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। उनकी नई चाल बूस्टर डोज लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी करने की सामने आई है और कई राज्यों में ऐसे मामले भी सामने आए हैं। ठग कोरोना वैक्सीन व बूस्टर डोज के फर्जी मैसेज व लिंक भेजकर बैंक डिटेल, ओटीपी नंबर लेकर खातों से रुपये निकाल लेते हैं। ऐसे में लोग अपना ओटीपी नंबर, खाता नंबर या अन्य जानकारी किसी से शेयर न करें। अनजान नंबरों से आने वाले मैसेज का प्रति उत्तर न दें। किसी से भी सीवीवी, ओटीपी और क्रेडिट कार्ड का नंबर साझा न करें। अपनी पर्सनल जानकारी और आधार संख्या किसी के साथ शेयर न करें। आम लोगों को ठगी से बचने के कुछ बातों का ध्यान भी रखने की जरूरत है।
विज्ञापन
किसी भी तरह का ऐप को डाउनलोड न करें
एसपी ने कहा कि जिलावासी बूस्टर डोज के रजिस्ट्रेशन के लिए किसी भी तरह का ऐप को डाउनलोड न करें। जिस तरह वैक्सीन लगवाने के लिए आरोग्य सेतु एवं कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन होता था या आप सीधे टीकाकरण केंद्र पर जाकर वैक्सीन लेते हैं उसी तरह की प्रक्रिया बूस्टर डोज के लिए भी होगी। सरकार कभी भी आपसे ऐसी गतिविधियों के लिए किसी थर्ड पार्टी ऐप को डाउनलोड करने का आग्रह नहीं करती। अब साइबर ठग लोगों को बूस्टर डोज लगवाने के नाम पर अपना रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर जिओ, एयरटेल व अन्य मोबाइल कंपनियों के फ्री रिचार्ज का झांसा दे रहे हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे किसी भी एसएमएस या फोन काल से सतर्क रहने की अपील की।
विज्ञापन