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Rewari News: ऑनलाइन कारोबार से स्थानीय बाजार के व्यापारी चिंतित
Tue, 08 Sep 2026 11:32 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 08 Sep 2026 11:32 PM IST
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राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ के राष्ट्रीय सचिव भूपेंद्र गुप्ता
रेवाड़ी। ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते चलन का असर अब स्थानीय बाजार के कारोबार पर दिखाई देने लगा है। मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे खरीदारी की सुविधा मिलने से ग्राहक तेजी से ऑनलाइन बाजार की ओर बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर स्थानीय दुकानदारों की बिक्री पर पड़ रहा है। कारोबार प्रभावित होने से व्यापारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ के राष्ट्रीय सचिव भूपेंद्र गुप्ता
का कहना है कि पहले लोग कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य जरूरत का सामान खरीदने के लिए बाजार में स्थित दुकानों पर पहुंचते थे। इससे बाजार में पूरे दिन चहल-पहल बनी रहती थी और छोटे-बड़े दुकानदारों का कारोबार चलता था। अब ऑनलाइन कंपनियों की ओर से घर तक सामान पहुंचाने और अलग-अलग प्रकार की छूट देने के कारण ग्राहकों का एक वर्ग स्थानीय बाजार से दूरी बनाने लगा है।
दुकानदारों की बिक्री पर पड़ रहा असर
राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र वशिष्ठ के अनुसार ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने से दुकानों पर ग्राहकों की संख्या और बिक्री दोनों प्रभावित हुई हैं। दुकानदारों को दुकान का किराया, बिजली, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च लगातार वहन करना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन कारोबार करने वाली कंपनियों की कीमतों और छूट से प्रतिस्पर्धा करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।
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स्थानीय बाजार को बचाने की मांग
काठमंडी के प्रधान विकास गुप्ता ने कहा कि सरकार को छोटे कारोबारियों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए ऐसी नीति बनानी चाहिए, जिससे ऑनलाइन और स्थानीय कारोबार के बीच संतुलन कायम हो सके। इससे बाजारों की रौनक भी बनी रहेगी और छोटे दुकानदारों के कारोबार को भी सहारा मिलेगा। फिलहाल व्यापारियों ने सरकार से स्थानीय बाजार और छोटे दुकानदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए ठोस नियम बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि ऑनलाइन कारोबार पर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे स्थानीय दुकानदारों को भी समान अवसर मिल सके। बाजारों में हजारों लोगों की आजीविका स्थानीय कारोबार से जुड़ी है।
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राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ के राष्ट्रीय सचिव भूपेंद्र गुप्ता
का कहना है कि पहले लोग कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य जरूरत का सामान खरीदने के लिए बाजार में स्थित दुकानों पर पहुंचते थे। इससे बाजार में पूरे दिन चहल-पहल बनी रहती थी और छोटे-बड़े दुकानदारों का कारोबार चलता था। अब ऑनलाइन कंपनियों की ओर से घर तक सामान पहुंचाने और अलग-अलग प्रकार की छूट देने के कारण ग्राहकों का एक वर्ग स्थानीय बाजार से दूरी बनाने लगा है।
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दुकानदारों की बिक्री पर पड़ रहा असर
राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र वशिष्ठ के अनुसार ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने से दुकानों पर ग्राहकों की संख्या और बिक्री दोनों प्रभावित हुई हैं। दुकानदारों को दुकान का किराया, बिजली, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च लगातार वहन करना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन कारोबार करने वाली कंपनियों की कीमतों और छूट से प्रतिस्पर्धा करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।
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स्थानीय बाजार को बचाने की मांग
काठमंडी के प्रधान विकास गुप्ता ने कहा कि सरकार को छोटे कारोबारियों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए ऐसी नीति बनानी चाहिए, जिससे ऑनलाइन और स्थानीय कारोबार के बीच संतुलन कायम हो सके। इससे बाजारों की रौनक भी बनी रहेगी और छोटे दुकानदारों के कारोबार को भी सहारा मिलेगा। फिलहाल व्यापारियों ने सरकार से स्थानीय बाजार और छोटे दुकानदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए ठोस नियम बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि ऑनलाइन कारोबार पर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे स्थानीय दुकानदारों को भी समान अवसर मिल सके। बाजारों में हजारों लोगों की आजीविका स्थानीय कारोबार से जुड़ी है।

राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ के राष्ट्रीय सचिव भूपेंद्र गुप्ता

राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ के राष्ट्रीय सचिव भूपेंद्र गुप्ता