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Rewari News: मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में किया शामिल, मिलेगा मुआवजा
Mon, 26 Oct 2026 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 26 Oct 2026 11:57 PM IST
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रेवाड़ी। प्रदेश सरकार ने बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल किया है। इसके तहत प्राकृतिक आपदाओं और निर्धारित परिस्थितियों में मधुमक्खियों की कॉलोनियों व बक्सों को नुकसान होने पर पात्र मधुमक्खी पालकों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि इस पहल से मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों और उद्यमियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। योजना का उद्देश्य मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करना और नुकसान की स्थिति में पालकों को राहत प्रदान करना है। उन्होंने संबंधित किसानों और मधुमक्खी पालकों से योजना की जानकारी लेकर इसका लाभ उठाने की अपील की।
इन परिस्थितियों में मिलेगा मुआवजा
योजना के तहत बाढ़ के कारण मधुमक्खी के बक्सों और कॉलोनियों के पानी में डूबने, आग लगने से इनके खराब होने तथा परिवहन के दौरान दुर्घटना में नुकसान होने पर मुआवजे का प्रावधान है। परिवहन के दौरान दुर्घटना हरियाणा के अंदर हुई होनी चाहिए और इसकी एफआईआर या डीडीआर दर्ज होना अनिवार्य है। इसके अलावा मधुमक्खियों में महामारी के कारण होने वाले नुकसान को भी योजना में शामिल किया गया है।
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अधिकतम 250 कॉलोनियों और बक्सों की पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए प्रति मधुमक्खी पालक अधिकतम 250 मधुमक्खी कॉलोनियों और बक्सों की सीमा निर्धारित की गई है। भावांतर भरपाई योजना-शहद के तहत पंजीकरण अनिवार्य है। साथ ही प्रत्येक मधुमक्खी बॉक्स पर भावांतर भरपाई योजना का यूनिक नंबर होना जरूरी है। योजना के तहत प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स 50 रुपये बीमा फीस निर्धारित की गई है। वहीं, प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स 1,250 रुपये की बीमा राशि तय की गई है। अधिकतम बीमा राशि प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स 3 लाख 12 हजार 500 रुपये दर्शाई गई है। योजना की विस्तृत जानकारी के लिए मधुमक्खी पालक विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-2021 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि इस पहल से मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों और उद्यमियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। योजना का उद्देश्य मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करना और नुकसान की स्थिति में पालकों को राहत प्रदान करना है। उन्होंने संबंधित किसानों और मधुमक्खी पालकों से योजना की जानकारी लेकर इसका लाभ उठाने की अपील की।
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इन परिस्थितियों में मिलेगा मुआवजा
योजना के तहत बाढ़ के कारण मधुमक्खी के बक्सों और कॉलोनियों के पानी में डूबने, आग लगने से इनके खराब होने तथा परिवहन के दौरान दुर्घटना में नुकसान होने पर मुआवजे का प्रावधान है। परिवहन के दौरान दुर्घटना हरियाणा के अंदर हुई होनी चाहिए और इसकी एफआईआर या डीडीआर दर्ज होना अनिवार्य है। इसके अलावा मधुमक्खियों में महामारी के कारण होने वाले नुकसान को भी योजना में शामिल किया गया है।
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अधिकतम 250 कॉलोनियों और बक्सों की पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए प्रति मधुमक्खी पालक अधिकतम 250 मधुमक्खी कॉलोनियों और बक्सों की सीमा निर्धारित की गई है। भावांतर भरपाई योजना-शहद के तहत पंजीकरण अनिवार्य है। साथ ही प्रत्येक मधुमक्खी बॉक्स पर भावांतर भरपाई योजना का यूनिक नंबर होना जरूरी है। योजना के तहत प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स 50 रुपये बीमा फीस निर्धारित की गई है। वहीं, प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स 1,250 रुपये की बीमा राशि तय की गई है। अधिकतम बीमा राशि प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स 3 लाख 12 हजार 500 रुपये दर्शाई गई है। योजना की विस्तृत जानकारी के लिए मधुमक्खी पालक विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-2021 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।