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कस्टमर केयर अधिकारी बन ठगे करीब साढ़े 35 हजार रुपये
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रेवाड़ी। रेवाड़ी में एक शख्स के साथ पेटीएम के जरिये धोखाधड़ी हुई। ठगी करने वाले शातिरों ने खुद को कस्टमर केयर अधिकारी बनकर पहले जानकारी जुटाई और फिर एनी डेस्क एप के जरिये वारदात को अंजाम दिया। धारूहेड़ा थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी हैं।
मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के जिला खुशीनगर निवासी धर्मेंद्र पासवान फिलहाल धारूहेड़ा में रहता हैं। धर्मेंद्र ने बताया कि उसके पास 2 अलग-अलग नंबर से कॉल आई और पूछा कि वह पेटीएम यूज करते हैं। साथ ही बताया कि वह पेटीएम कस्टमर केयर से बात कर रहे हैं। धर्मेंद्र द्वारा हां करने पर शातिरों ने कहा कि आपका पेटीएम अकाउंट हैक हो गया है। इसे दोबारा से चालू करने के लिए कुछ जानकारी देनी होगी।
धर्मेंद्र उनकी बातों में आ गया और फिर शातिर ठगों ने उससे उसके मोबाइल पर एनी डेस्क एप डाउनलोड कराई। एप डाउनलोड होने के बाद धर्मेंद्र ने उस पर अपने आईसीआईसीआई बैंक से संबंधित पूरी डिटेल डाल दी। कुछ देर बाद ही पहली बार में उसके खाते से 29 हजार 190 रुपये कटने का मोबाइल पर मैसेज आया। उसके बाद 2400, 1999 और 2 हजार रुपये पेटीएम वॉलेट से कट गए।
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35 हजार 589 रुपये की नकदी साफ होने पर उसने तुरंत बैंक के टोल फ्री नंबर लेकर अपना खाता बंद कराया और फिर ठगी से संबंधित जानकारी जुटाई। जिस शातिर के पेटीएम अकाउंट में राशि ट्रांसफर हुई है, उसकी आईडी और खाता से संबंधित जानकारी भी उसने निकाल ली और फिर पुलिस को शिकायत दी। धारूहेड़ा थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जिसअकाउंट में राशि ट्रांसफर हुई है, उसकी डिटेल निकलवाई जाएगी। जिससे शातिर ठग का पता लगाया जा सके।
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मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के जिला खुशीनगर निवासी धर्मेंद्र पासवान फिलहाल धारूहेड़ा में रहता हैं। धर्मेंद्र ने बताया कि उसके पास 2 अलग-अलग नंबर से कॉल आई और पूछा कि वह पेटीएम यूज करते हैं। साथ ही बताया कि वह पेटीएम कस्टमर केयर से बात कर रहे हैं। धर्मेंद्र द्वारा हां करने पर शातिरों ने कहा कि आपका पेटीएम अकाउंट हैक हो गया है। इसे दोबारा से चालू करने के लिए कुछ जानकारी देनी होगी।
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धर्मेंद्र उनकी बातों में आ गया और फिर शातिर ठगों ने उससे उसके मोबाइल पर एनी डेस्क एप डाउनलोड कराई। एप डाउनलोड होने के बाद धर्मेंद्र ने उस पर अपने आईसीआईसीआई बैंक से संबंधित पूरी डिटेल डाल दी। कुछ देर बाद ही पहली बार में उसके खाते से 29 हजार 190 रुपये कटने का मोबाइल पर मैसेज आया। उसके बाद 2400, 1999 और 2 हजार रुपये पेटीएम वॉलेट से कट गए।
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35 हजार 589 रुपये की नकदी साफ होने पर उसने तुरंत बैंक के टोल फ्री नंबर लेकर अपना खाता बंद कराया और फिर ठगी से संबंधित जानकारी जुटाई। जिस शातिर के पेटीएम अकाउंट में राशि ट्रांसफर हुई है, उसकी आईडी और खाता से संबंधित जानकारी भी उसने निकाल ली और फिर पुलिस को शिकायत दी। धारूहेड़ा थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जिसअकाउंट में राशि ट्रांसफर हुई है, उसकी डिटेल निकलवाई जाएगी। जिससे शातिर ठग का पता लगाया जा सके।