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Rewari News: स्वास्थ्य हो या पुलिस महकमा, केस सुलझाने में दिलचस्पी नहीं
Mon, 19 Jun 2023 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 19 Jun 2023 12:02 AM IST
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रेवाड़ी। जिले में दो बड़े मामलों की जांच लंबे समय के बाद भी पूरी होती नहीं दिख रही है। हालांकि अधिकारी मामलों की जांच जल्द पूरी करने की बात कह रहे हैं, लेकिन इसकी कोई समय सीमा नहीं है। इससे गड़बड़ी करने वालों के हौसले बुलंद हो रहे।
किशोरी को दो माह की बता दिया था गर्भवती
थायराइड का टेस्ट कराने गई किशोरी को चिकित्सक ने गर्भवती बता दिया था। मामले में सीएमओ ने पांच चिकित्सकों की टीम गठित कर जांच बैठाई थी। टीम को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। पीड़ित परिवार आज भी गुमनाम जिंदगी जीने को मजबूर है। किशोरी घर से बाहर नहीं निकल रही है। हालांकि एसपी ने मामले में कुंड चौकी प्रभारी और एक महिला सिपाही को लाइन हाजिर किया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रहा है।
24 अप्रैल को बासदूदा पीएचसी से मिली रिपोर्ट
एक गांव निवासी महिला अपनी नाबालिग बेटी को थायराइड की जांच के लिए 24 अप्रैल को बासदूदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई थी। यहां डॉक्टर ने किट से टेस्ट करके बताया कि किशोरी 2 माह की गर्भवती है। डॉक्टर ने पुलिस को भी फोन कर दिया और केस दर्ज करा दिया। उसी दिन पुलिस मां-बेटी को चौकी लेकर गई, जहां पुलिसकर्मियों ने भी दोनों को न केवल प्रताड़ित किया बल्कि दोनों के चरित्र पर अपमानजनक टिप्पणी भी की। पीड़ित परिवार की ओर से एसपी को शिकायत करने के बाद बच्ची का अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसमें गर्भ की बात को गलत पाया था।
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कोट
मामला गंभीर था, जिसकी जांच चल रही है। मामले की जांच जल्द पूरी होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सुरेंद्र यादव, सीएमओ।
15 दिन बाद भी भूमाफिया का नाम उजागर नहीं
नगर परिषद की करोड़ों की जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा था, जिसे पार्षदों व शहरवासियों के विरोध के बाद बंद कराया गया। शुरुआत में एक पार्षद के रिश्तेदार पर आरोप लगे थे। उसके बाद भार्गव सभा के एक पदाधिकारी पर आरोप लगाया गया। करीब चार दिन बाद पार्षदों के दबाव के बाद अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पार्षद भूमाफिया का नाम उजागर करने की मांग कर रहे थे। हालांकि अब मामले की थाना मॉडल टाउन पुलिस जांच कर रही है।
कोट
ब्राॅस मार्केट के पास नगर परिषद की जमीन पर अवैध निर्माण के मामले की जांच की जा रही है। जमीन संबंधित कागजात की जांच चल रही है। जमीन का मामला है, थोड़ा समय लग रहा है, लेकिन पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी। -दीपक सहारण पुलिस अधीक्षक।
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किशोरी को दो माह की बता दिया था गर्भवती
थायराइड का टेस्ट कराने गई किशोरी को चिकित्सक ने गर्भवती बता दिया था। मामले में सीएमओ ने पांच चिकित्सकों की टीम गठित कर जांच बैठाई थी। टीम को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। पीड़ित परिवार आज भी गुमनाम जिंदगी जीने को मजबूर है। किशोरी घर से बाहर नहीं निकल रही है। हालांकि एसपी ने मामले में कुंड चौकी प्रभारी और एक महिला सिपाही को लाइन हाजिर किया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रहा है।
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24 अप्रैल को बासदूदा पीएचसी से मिली रिपोर्ट
एक गांव निवासी महिला अपनी नाबालिग बेटी को थायराइड की जांच के लिए 24 अप्रैल को बासदूदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई थी। यहां डॉक्टर ने किट से टेस्ट करके बताया कि किशोरी 2 माह की गर्भवती है। डॉक्टर ने पुलिस को भी फोन कर दिया और केस दर्ज करा दिया। उसी दिन पुलिस मां-बेटी को चौकी लेकर गई, जहां पुलिसकर्मियों ने भी दोनों को न केवल प्रताड़ित किया बल्कि दोनों के चरित्र पर अपमानजनक टिप्पणी भी की। पीड़ित परिवार की ओर से एसपी को शिकायत करने के बाद बच्ची का अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसमें गर्भ की बात को गलत पाया था।
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कोट
मामला गंभीर था, जिसकी जांच चल रही है। मामले की जांच जल्द पूरी होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सुरेंद्र यादव, सीएमओ।
15 दिन बाद भी भूमाफिया का नाम उजागर नहीं
नगर परिषद की करोड़ों की जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा था, जिसे पार्षदों व शहरवासियों के विरोध के बाद बंद कराया गया। शुरुआत में एक पार्षद के रिश्तेदार पर आरोप लगे थे। उसके बाद भार्गव सभा के एक पदाधिकारी पर आरोप लगाया गया। करीब चार दिन बाद पार्षदों के दबाव के बाद अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पार्षद भूमाफिया का नाम उजागर करने की मांग कर रहे थे। हालांकि अब मामले की थाना मॉडल टाउन पुलिस जांच कर रही है।
कोट
ब्राॅस मार्केट के पास नगर परिषद की जमीन पर अवैध निर्माण के मामले की जांच की जा रही है। जमीन संबंधित कागजात की जांच चल रही है। जमीन का मामला है, थोड़ा समय लग रहा है, लेकिन पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी। -दीपक सहारण पुलिस अधीक्षक।