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Rewari News: एक्यूआई पहुंचा 260, सांस लेना दूभर
Sat, 02 Nov 2024 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 02 Nov 2024 12:17 AM IST
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रेवाड़ी। जिले की हवा फिर से प्रदूषित होने लगी है। शुक्रवार को प्रदूषण का स्तर 250 पार कर गया। पूरे दिन में अधिकतम एक्यूआई 260 दर्ज किया गया। हालांकि शाम को प्रदूषण के स्तर में कुछ गिरावट आई, फिर भी एक्यूआई 200 के पार ही दर्ज किया गया।
जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, प्रदूषण का स्तर 250 को पार कर गया। वहीं वीरवार को अधिकतम एक्यूआई 261 दर्ज किया गया था। सुबह एक्यूआई 196 था। रात तक प्रदूषण के स्तर में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली। बुधवार को प्रदूषण का स्तर 100 से भी कम दर्ज किया गया था, अधिकतम एक्यूआई 96 था।
अचानक प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण आतिशबाजी को बताया जा रहा है। बैन होने के बावजूद लोगों ने खूब पटाखे बजाए। नतीजा यह रहा कि प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ गया है। ऐसा ही चलता रहा तो ग्रैप की पाबंदी फिर से लागू हो सकती है। क्योंकि मौजूदा एक्यूआई लोगों की स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है।
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इंसेट
प्रशासन के पास प्रदूषण से निपटने के लिए नहीं है कोई रणनीति
लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण भविष्य को लेकर भी चिंता सताने लगी है। इसी को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अध्ययन करने के लिए कहा था। ताकि यह पता लगाया जा सके कि जिले में प्रदूषण का कारण क्या है। इसे किस प्रकार से कम किया जा सकता है। धुंआ किन क्षेत्रों से अधिक उठता है। हैरानी वाली बात यह है कि अभी तक जिले में यह अध्ययन शुरू ही नहीं हुआ है, जबकि जिला एनसीआर क्षेत्र में आता है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनजीटी को दी गई रिपोर्ट में कहा है कि हरियाणा में मात्र दो जिलों में ही अभी अध्ययन शुरू हुआ है, जो बाकी एनसीआर के क्षेत्र हैं। वहां पर अभी अध्ययन की शुरुआत ही नहीं हुई है।
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एक्यूआई की छह कैटेगरी:
0 और 50 : अच्छा
51 और 100 : संतोषजनक
101 और 200 : मध्यम
201 और 300 : खराब
301 और 400 : बेहद खराब
401 से 500 : गंभीर
-- -- -- -- -- -- --
1 नवंबर को दर्ज किया गया एक्यूआई:
सुबह 4 बजे : 249
सुबह 7 बजे :252
सुबह 10 बजे :260
दोपहर 1 बजे : 243
शाम 4 बजे : 216
-- -- -
31 अक्तूबर को दर्ज किया गया एक्यूआई:
सुबह 5 बजे : 196
सुबह 9 बजे : 205
दोपहर 1 बजे : 230
शाम 4 बजे : 248
शाम 7 बजे : 261
रात 11 बजे : 262
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वर्जन
लोगों से अपील है कि वह खुले में आग न जलाएं। इससे प्रदूषण फैलता है। प्रदूषण से स्वास्थ्य संबंधित बीमारियां भी होती हैं। इसलिए बचाव काफी जरूरी है। जागरूकता से ही प्रदूषण को कम किया जा सकता है। - हरीश, एसडीओ, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, प्रदूषण का स्तर 250 को पार कर गया। वहीं वीरवार को अधिकतम एक्यूआई 261 दर्ज किया गया था। सुबह एक्यूआई 196 था। रात तक प्रदूषण के स्तर में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली। बुधवार को प्रदूषण का स्तर 100 से भी कम दर्ज किया गया था, अधिकतम एक्यूआई 96 था।
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अचानक प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण आतिशबाजी को बताया जा रहा है। बैन होने के बावजूद लोगों ने खूब पटाखे बजाए। नतीजा यह रहा कि प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ गया है। ऐसा ही चलता रहा तो ग्रैप की पाबंदी फिर से लागू हो सकती है। क्योंकि मौजूदा एक्यूआई लोगों की स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है।
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प्रशासन के पास प्रदूषण से निपटने के लिए नहीं है कोई रणनीति
लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण भविष्य को लेकर भी चिंता सताने लगी है। इसी को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अध्ययन करने के लिए कहा था। ताकि यह पता लगाया जा सके कि जिले में प्रदूषण का कारण क्या है। इसे किस प्रकार से कम किया जा सकता है। धुंआ किन क्षेत्रों से अधिक उठता है। हैरानी वाली बात यह है कि अभी तक जिले में यह अध्ययन शुरू ही नहीं हुआ है, जबकि जिला एनसीआर क्षेत्र में आता है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनजीटी को दी गई रिपोर्ट में कहा है कि हरियाणा में मात्र दो जिलों में ही अभी अध्ययन शुरू हुआ है, जो बाकी एनसीआर के क्षेत्र हैं। वहां पर अभी अध्ययन की शुरुआत ही नहीं हुई है।
एक्यूआई की छह कैटेगरी:
0 और 50 : अच्छा
51 और 100 : संतोषजनक
101 और 200 : मध्यम
201 और 300 : खराब
301 और 400 : बेहद खराब
401 से 500 : गंभीर
1 नवंबर को दर्ज किया गया एक्यूआई:
सुबह 4 बजे : 249
सुबह 7 बजे :252
सुबह 10 बजे :260
दोपहर 1 बजे : 243
शाम 4 बजे : 216
31 अक्तूबर को दर्ज किया गया एक्यूआई:
सुबह 5 बजे : 196
सुबह 9 बजे : 205
दोपहर 1 बजे : 230
शाम 4 बजे : 248
शाम 7 बजे : 261
रात 11 बजे : 262
वर्जन
लोगों से अपील है कि वह खुले में आग न जलाएं। इससे प्रदूषण फैलता है। प्रदूषण से स्वास्थ्य संबंधित बीमारियां भी होती हैं। इसलिए बचाव काफी जरूरी है। जागरूकता से ही प्रदूषण को कम किया जा सकता है। - हरीश, एसडीओ, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड