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Rewari News: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 20.55 लाख की साइबर ठगी, गुजरात का एक और आरोपी गिरफ्तार
Tue, 30 Jun 2026 11:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 30 Jun 2026 11:41 PM IST
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रेवाड़ी। ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 20.55 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी गुजरात के साबरकांठा जिले के धरौद गांव निवासी काला भाई को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है।
एसपी कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार 18 अप्रैल को झाड़ौदा गांव निवासी इंद्रजीत सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए विनोद कुमार नामक व्यक्ति से संपर्क किया था। उन्हें करीब 15 दिनों तक ट्रेडिंग की ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान बताया गया कि एंजेल वन अकाउंट से ट्रेडिंग करने पर मार्जिन कम मिलता है, जबकि उनके मित्र कुलदीप के ब्रोकर अकाउंट में अधिक मार्जिन उपलब्ध है।
विनोद कुमार के कहने पर उन्होंने कुलदीप से संपर्क किया। कुलदीप ने उन्हें आयुष खन्ना नामक कथित ब्रोकर का नंबर दिया। आयुष खन्ना ने पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज लेकर उनका ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया। शुरुआत में इंद्रजीत ने 50 हजार रुपये जमा किए, जिस पर उनके खाते में 10,791 रुपये का लाभ प्रदर्शित हुआ।
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उन्होंने कई किस्तों में कुल 20 लाख 55 हजार रुपये ट्रेडिंग अकाउंट में जमा करा दिए। खाते में लगातार अच्छा मुनाफा दिखाया जाता रहा, लेकिन जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो निकासी नहीं हो सकी। बाद में आरोपियों ने उनके फोन उठाने भी बंद कर दिए, जिसके बाद उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ।
जांच के दौरान पुलिस ने इससे पहले गुजरात के साबरकांठा जिले के खेड़ब्रह्मा निवासी शर्मा निलेश कुमार विनोद भाई को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से ठगी की रकम में से 5.21 लाख रुपये बरामद किए गए थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की राशि का एक हिस्सा काला भाई के बैंक खाते में भी ट्रांसफर किया गया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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एसपी कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार 18 अप्रैल को झाड़ौदा गांव निवासी इंद्रजीत सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए विनोद कुमार नामक व्यक्ति से संपर्क किया था। उन्हें करीब 15 दिनों तक ट्रेडिंग की ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान बताया गया कि एंजेल वन अकाउंट से ट्रेडिंग करने पर मार्जिन कम मिलता है, जबकि उनके मित्र कुलदीप के ब्रोकर अकाउंट में अधिक मार्जिन उपलब्ध है।
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विनोद कुमार के कहने पर उन्होंने कुलदीप से संपर्क किया। कुलदीप ने उन्हें आयुष खन्ना नामक कथित ब्रोकर का नंबर दिया। आयुष खन्ना ने पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज लेकर उनका ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया। शुरुआत में इंद्रजीत ने 50 हजार रुपये जमा किए, जिस पर उनके खाते में 10,791 रुपये का लाभ प्रदर्शित हुआ।
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उन्होंने कई किस्तों में कुल 20 लाख 55 हजार रुपये ट्रेडिंग अकाउंट में जमा करा दिए। खाते में लगातार अच्छा मुनाफा दिखाया जाता रहा, लेकिन जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो निकासी नहीं हो सकी। बाद में आरोपियों ने उनके फोन उठाने भी बंद कर दिए, जिसके बाद उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ।
जांच के दौरान पुलिस ने इससे पहले गुजरात के साबरकांठा जिले के खेड़ब्रह्मा निवासी शर्मा निलेश कुमार विनोद भाई को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से ठगी की रकम में से 5.21 लाख रुपये बरामद किए गए थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की राशि का एक हिस्सा काला भाई के बैंक खाते में भी ट्रांसफर किया गया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।