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Rewari News: कंपनी में इन्वेस्टमेंट के नाम पर लाखों की ठगी करने के मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार
Thu, 30 Oct 2025 12:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 30 Oct 2025 12:16 AM IST
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फोटो: 03रेवाड़ी। कंपनी में इन्वेस्टमेंट के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोपी। स्रोत: पु
रेवाड़ी। साइबर थाना पुलिस ने कंपनी में इन्वेस्टमेंट के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान महाराष्ट्र के अकोला के ए विंग संकेत विहार अपार्टमेन्ट निवासी ओमप्रकाश अरुण मगर उर्फ ओम पाटिल के रूप में हुई है। पुलिस इसमें तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
गत 3 जुलाई को सेक्टर-3 रेवाड़ी निवासी विजय कुमार गुप्ता ने अपनी शिकायत में बताया था कि वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। सोशल मीडिया पर पैसा इन्वेस्टमेंट करने का विज्ञापन देखने के बाद 15 मई को उसे एक व्हाट्सएप नंबर मिला था। जिसके बाद उसका व्हाट्सएप पर एक महिला से संवाद होना शुरू हो गया।
महिला ने अपना नाम मिस सरोज गुप्ता बताते हुए खुद को एसबीआई सिक्योरिटी लि. की इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताया था। इन्वेस्टमेंट के लाभ के बारे में जानकारी देने के बाद महिला ने उसके पास एक लिंक भेजा था। उसे बल्क ट्रेडिंग और लॉगिन करने के बारे में बताया गया था। पहली बार पैसा इन्वेस्ट करने पर उसके खाते में अच्छा प्रॉफिट भी दर्शाया गया।
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इसके बाद उसने अपनी पत्नी सुनीता गुप्ता के बैंक खाते से 18 ट्रांजेक्शन के जरिए विभिन्न खाता नंबरों पर कुल 93 लाख 20 हजार 870 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उसने पैसा रिफंड कराने का प्रयास किया, तो उससे और पैसा जमा कराने के लिए कहा गया। इसके बाद उसे ठगी का पता चला।
पुलिस ने इस मामले में तीन को पहले गिरफ्तार कर लिया था और मंगलवार को इसमें संलिप्त महाराष्ट्र के अकोला के ए विंग संकेत विहार अपार्टमेन्ट निवासी ओमप्रकाश अरुण मगर उर्फ ओम पाटिल को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने सतीश प्रकाश इंगले का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका अदा की थी।
पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।
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गत 3 जुलाई को सेक्टर-3 रेवाड़ी निवासी विजय कुमार गुप्ता ने अपनी शिकायत में बताया था कि वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। सोशल मीडिया पर पैसा इन्वेस्टमेंट करने का विज्ञापन देखने के बाद 15 मई को उसे एक व्हाट्सएप नंबर मिला था। जिसके बाद उसका व्हाट्सएप पर एक महिला से संवाद होना शुरू हो गया।
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महिला ने अपना नाम मिस सरोज गुप्ता बताते हुए खुद को एसबीआई सिक्योरिटी लि. की इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताया था। इन्वेस्टमेंट के लाभ के बारे में जानकारी देने के बाद महिला ने उसके पास एक लिंक भेजा था। उसे बल्क ट्रेडिंग और लॉगिन करने के बारे में बताया गया था। पहली बार पैसा इन्वेस्ट करने पर उसके खाते में अच्छा प्रॉफिट भी दर्शाया गया।
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इसके बाद उसने अपनी पत्नी सुनीता गुप्ता के बैंक खाते से 18 ट्रांजेक्शन के जरिए विभिन्न खाता नंबरों पर कुल 93 लाख 20 हजार 870 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उसने पैसा रिफंड कराने का प्रयास किया, तो उससे और पैसा जमा कराने के लिए कहा गया। इसके बाद उसे ठगी का पता चला।
पुलिस ने इस मामले में तीन को पहले गिरफ्तार कर लिया था और मंगलवार को इसमें संलिप्त महाराष्ट्र के अकोला के ए विंग संकेत विहार अपार्टमेन्ट निवासी ओमप्रकाश अरुण मगर उर्फ ओम पाटिल को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने सतीश प्रकाश इंगले का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका अदा की थी।
पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।