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अनुदान बंद किया तो पशुओं का बीमा हुआ 13 गुना महंगा

Mon, 20 Dec 2021 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 20 Dec 2021 11:48 PM IST
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Animal insurance becomes 13 times more expensive if the grant is stopped
रेवाड़ी। प्रदेश सरकार ने पशुधन बीमा योजना के प्रीमियम पर अनुदान देना बंद कर दिया। ऐसे में अब पशुओं का बीमा 13 गुना महंगा हो गया। इससे हजारों पशुपालक परेशान हैं। जब सरकार प्रीमियम पर अनुदान देती थी, तब महज 100 रुपये में पशुओं का 80 हजार रुपये तक का बीमा हो जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। किसी पशुपालक को अपने दुधारू पशु का बीमा करवाना है तो उसे 1290 रुपये का प्रीमियम भरना होगा।
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प्रदेश में पशुधन को जोखिम मुक्त करने के लिए सरकार ने पशुधन बीमा योजना शुरू किया था। तीन वर्ष तक तक चली इस योजना में कोई भी पशुपालक अपने पांच पशुओं तक महज 100 रुपये में एक वर्ष के लिए अपने पशु का बीमा करवा सकते थे। इसका बड़ी संख्या में पशुपालकों ने अपना बीमा करवाया। उन्हें इसका लाभ भी मिला। अनुसूचित जाति के पशुपालकों के लिए योजना पूरी तरह निशुल्क थी। पशुपालन विभाग के अनुसार जिले के 15 हजार से अधिक पशुओं का बीमा करवाया हुआ है।
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बैल व ऊंट का भी बीमा
बीमा हो तो किसी भी परिस्थितियों में पशु की आकस्मिक मौत होती है तो पशुपालक को लाभ मिलता है। जिले में अब तक 100 से अधिक किसानों को योजना के तहत लाभ मिल चुका हैं, जबकि 200 के करीब लोगों का बीमा मंजूर हो गया हैं। उनको जल्द ही बीमे की राशि दी जाएगी। पशुधन बीमा योजना में दुधारू पशुओं के साथ भारवाहक पशु ऊंट, बैल का बीमा का भी प्रावधान था। इसके अलावा बकरी, भेड व सुअर का बीमा तो महज 25 रुपये में होता था। इनके मरने पर मुआवजा पशुपालकों को मिला है। सरकार ने इनको अन्य पशुओं के वर्ग में शामिल किया।
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दस दिन में शुरू हो जाएगा बीमे पर अनुदान मिलना
पशुधन बीमा योजना के तहत जो प्रीमियम भरने पर अनुदान मिलता था, अब वो बंद है। दस दिनों के बाद बीमा पर अनुदान मिलना दोबारा शुरू हो जाएगा। किसान अपने एक-दो पशुओं का बीमा अवश्य करवाएं। ताकि पशुपालन जोखिम फ्री हो सकें। अनहोनी होने पर मदद मिल सके।
-डॉ. राजबीर, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग।
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