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चार विषयों के शिक्षक हटाने पर गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल पर लगाया ताला
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आनंदपुर गांव में सड़क को जाम लगाते विद्यार्थी और ग्रामीण।
- फोटो : Rewari
बावल। जिले के सरकारी स्कूलों में विभिन्न विषयों के शिक्षक हटाने का विरोध लगातार जारी है। गांव आनंदपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को चार विषयों के शिक्षकों को हटाने पर छात्रों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इस पर उन्होंने स्कूल पर ताला जड़ दिया। साथ ही दिल्ली-जयपुर हाईवे को जाम कर दिया। इस दौरान बच्चों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। जाम लगाने की सूचना पर पुलिस और अन्य अधिकारी पहुंचे और बच्चों व ग्रामीणों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। इसके करीब तीन घंटे के बाद खंड शिक्षा अधिकारी कर्मबीर सिंह के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोलकर जाम को हटाया।
गांव आनंदपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 200 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। पिछले दिनों स्कूल में 4 विषयों के शिक्षकों को बदल दिया गया, लेकिन उनकी जगह पर दूसरे शिक्षक नियुक्त नहीं किए। इस वजह से बच्चों को पढ़ाई में काफी परेशानी हो रही है। एक तरफ सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने का दम भर रही, वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में अलग-अलग विषय के शिक्षक हटाकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने पहले स्कूल के बाहर नारेबाजी करते हुए गेट पर ताला लगा दिया। इसके बाद स्कूल के पास ही अप्रोच रोड पर झाड़ियां डालकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारी बच्चों को समझाने में जुटे रहे।
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सरपंच बोले-जरूरी शिक्षकों के पद समाप्त करके सरकारी स्कूलों को किया जा रहा बंद
गांव के सरपंच दिनेश ने बताया कि स्कूल में जरूरी शिक्षकों के पद समाप्त करके सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। स्कूलों में अध्यक्ष ही नहीं रहेंगे तो छात्रों की पढ़ाई कैसे होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नई ट्रांसफर पॉलिसी से अध्यापकों के पद खत्म कर रही है। उन्होंने बताया कि आनंदपुर स्कूल राजस्थान सीमा पर बसा आखरी गांव है। केशुपुर, खेड़ी, आनंदपुर व चंदुवास के लगभग 200 बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं।
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20 से ज्यादा स्कूलों में कटौती
प्रदेश में बड़ी संख्या में पिछले कुछ दिनों में ट्रांसफर ड्राइव के तहत एक से दूसरे स्कूलों में अध्यापकों का ट्रांसफर हुआ है। रेवाड़ी में 20 से ज्यादा स्कूल हैं, जहां से कई विषयों के अध्यापकों का ट्रांसफर तो कर दिया, लेकिन उनके अनुपात के मुताबिक अध्यापक नहीं भेजे गए। इसके बाद कोसली, धारूहेड़ा और बावल कस्बा के कई गांवों में स्कूलों पर तालाबंदी के साथ ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
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इन गांवों में हो चुका है विरोध:
मामले में गांव दड़ौली, ततारपुर खालसा, खंडोड़ा, मोहनपुर, मस्तापुर, बिसोहा, नेहरूगढ़, कापड़ीवास, निमोठ, बेरली खुर्द, गंगायचा जाट में ग्रामीण विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।
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अधिकारी का वर्जन:
गांव आनंदपुर में स्कूल के गेट पर छात्रों और ग्रामीणों की ओर से ताला लगाने और दिल्ली-जयपुर हाईवे जाम करने की सूचना मिली थी। ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि सरकार ग्रामीणों की मांग को जल्द पूरा करेगी। इसके बाद ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोल दिया। साथ ही जाम भी हटा लिया।
- कर्मबीर सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, बावल
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गांव आनंदपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 200 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। पिछले दिनों स्कूल में 4 विषयों के शिक्षकों को बदल दिया गया, लेकिन उनकी जगह पर दूसरे शिक्षक नियुक्त नहीं किए। इस वजह से बच्चों को पढ़ाई में काफी परेशानी हो रही है। एक तरफ सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने का दम भर रही, वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में अलग-अलग विषय के शिक्षक हटाकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने पहले स्कूल के बाहर नारेबाजी करते हुए गेट पर ताला लगा दिया। इसके बाद स्कूल के पास ही अप्रोच रोड पर झाड़ियां डालकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारी बच्चों को समझाने में जुटे रहे।
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सरपंच बोले-जरूरी शिक्षकों के पद समाप्त करके सरकारी स्कूलों को किया जा रहा बंद
गांव के सरपंच दिनेश ने बताया कि स्कूल में जरूरी शिक्षकों के पद समाप्त करके सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। स्कूलों में अध्यक्ष ही नहीं रहेंगे तो छात्रों की पढ़ाई कैसे होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नई ट्रांसफर पॉलिसी से अध्यापकों के पद खत्म कर रही है। उन्होंने बताया कि आनंदपुर स्कूल राजस्थान सीमा पर बसा आखरी गांव है। केशुपुर, खेड़ी, आनंदपुर व चंदुवास के लगभग 200 बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं।
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20 से ज्यादा स्कूलों में कटौती
प्रदेश में बड़ी संख्या में पिछले कुछ दिनों में ट्रांसफर ड्राइव के तहत एक से दूसरे स्कूलों में अध्यापकों का ट्रांसफर हुआ है। रेवाड़ी में 20 से ज्यादा स्कूल हैं, जहां से कई विषयों के अध्यापकों का ट्रांसफर तो कर दिया, लेकिन उनके अनुपात के मुताबिक अध्यापक नहीं भेजे गए। इसके बाद कोसली, धारूहेड़ा और बावल कस्बा के कई गांवों में स्कूलों पर तालाबंदी के साथ ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
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इन गांवों में हो चुका है विरोध:
मामले में गांव दड़ौली, ततारपुर खालसा, खंडोड़ा, मोहनपुर, मस्तापुर, बिसोहा, नेहरूगढ़, कापड़ीवास, निमोठ, बेरली खुर्द, गंगायचा जाट में ग्रामीण विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।
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अधिकारी का वर्जन:
गांव आनंदपुर में स्कूल के गेट पर छात्रों और ग्रामीणों की ओर से ताला लगाने और दिल्ली-जयपुर हाईवे जाम करने की सूचना मिली थी। ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि सरकार ग्रामीणों की मांग को जल्द पूरा करेगी। इसके बाद ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोल दिया। साथ ही जाम भी हटा लिया।
- कर्मबीर सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, बावल