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Rewari News: एनपीके खाद के दामों में वृद्धि पर जताया रोष
Thu, 07 May 2026 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 07 May 2026 11:30 PM IST
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रेवाड़ी। एनपीके खाद की विभिन्न श्रेणियों के दामों में हुई बढ़ोतरी पर एसयूसीआई कम्युनिस्ट ने रोष जताया है। पार्टी के राज्य सचिव राजेंद्र सिंह ने कहा कि एनपीके खाद की चार श्रेणियों में प्रति बैग 225 से 300 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि खेती पहले ही घाटे का सौदा बनती जा रही है और किसान परिवार कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। खेती में उपयोग होने वाली अधिकांश वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार किसानों की चिंता करने की जगह खाद कंपनियों के मुनाफे को प्राथमिकता दे रही है।
राजेंद्र सिंह ने सरकार से खाद के दामों में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान जब एनपीके, डीएपी और यूरिया खरीदने जाते हैं तो उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध कृषि से संबंधित अन्य सामान खरीदने के लिए भी मजबूर किया जाता है।
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ऐसा नहीं करने पर खाद देने से इनकार कर दिया जाता है। एसयूसीआई कम्युनिस्ट ने इसे किसानों के साथ जबरदस्ती बताते हुए किसान संगठनों से अपील की है कि खाद की कीमतों में वृद्धि और जबरन सामान बेचने के खिलाफ हर स्तर पर आवाज उठाई जाए।
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उन्होंने कहा कि खेती पहले ही घाटे का सौदा बनती जा रही है और किसान परिवार कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। खेती में उपयोग होने वाली अधिकांश वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार किसानों की चिंता करने की जगह खाद कंपनियों के मुनाफे को प्राथमिकता दे रही है।
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राजेंद्र सिंह ने सरकार से खाद के दामों में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान जब एनपीके, डीएपी और यूरिया खरीदने जाते हैं तो उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध कृषि से संबंधित अन्य सामान खरीदने के लिए भी मजबूर किया जाता है।
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ऐसा नहीं करने पर खाद देने से इनकार कर दिया जाता है। एसयूसीआई कम्युनिस्ट ने इसे किसानों के साथ जबरदस्ती बताते हुए किसान संगठनों से अपील की है कि खाद की कीमतों में वृद्धि और जबरन सामान बेचने के खिलाफ हर स्तर पर आवाज उठाई जाए।