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Rewari News: डीएमसी पर आरोप-फाइलें दबाए बैठे, नहीं करते काम, मंत्री बोले-इनके तीन महीने के काम की रिपोर्ट मुझे भेजो
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रेवाड़ी। बाल भवन सभागार में सोमवार को हुई जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक में राजस्व एवं आपदा मंत्री विपुल गोयल ने कुल 21 परिवादों की सुनवाई की। इनमें 17 का मौके पर निपटारा किया गया और चार मामलों को लंबित रखते हुए निर्धारित कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
नगर पार्षद भूपेंद्र सिंह व अन्य पार्षदों ने डीएमसी राहुल मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कार्य न करने के आरोप लगाए। पार्षदों ने बताया कि डीएमसी फाइलों को दबाए बैठे हैं और कोई भी काम नहीं करते हैं। जरूरी हस्ताक्षर भी नहीं कर रहे हैं। छोटे-मोटे कार्यों के लिए भी अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस पर डीएमसी ने कहा कि मेरे पास कभी भी भूपेंद्र नहीं आए हैं। मंत्री ने डीएमसी से पूछा कि आपको यहां पर कितना समय हुआ है, डीएमसी ने बताया कि उन्हें 3 महीने हो चुके हैं। मंत्री ने आदेश दिए हैं कि 3 महीने में कितना कुछ काम हुआ है, इसकी जांच की जाए और कितनी फाइल पेंडिंग पड़ी हैं, इसकी रिपोर्ट तैयार करके उन्हें भिजवाई जाए। मंत्री विपुल ने नालों की सफाई को लेकर भी पूछा। इस पर डीएमसी ने कहा कि नाले की सफाई के लिए एक-दो दिन में टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
सरस्वती विहार निवासी कृष्ण यादव ने बताया कि नरवीर हुड्डा चौक से बावल रोड के पास जो नाला बना हुआ है निकासी का प्रबंध नहीं है। यह नाला टूटा हुआ है। इस पर मंत्री ने कहा कि तीन दिन में इसे दुरुस्त करो और अवैध कनेक्शन काट कर चालान करो। मौके पर एचएसआरडीसी और जन स्वास्थ्य विभाग आपस में ही बहस करने लग गए। दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे। शिकायतकर्ता ने भी कहा कि इसी तरह से दोनों विभाग काम न करते हुए एक दूसरे पर आरोप लगाते हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह मामला जनस्वास्थ्य विभाग देखेगा। डीसी की देखरेख में एक कमेटी गठित करने के आदेश दिए, जांच एसडीएम या एडीसी करेंगी।
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जानबूझकर डिफाल्टर कर रहे, कमेटी करेगी जांच
गांव जैनाबाद निवासी श्योताज सिंह ने कहा कि पेएसीएस डहीना का कई वर्षों से सदस्य केसीसी का लेनदेन समय पर करता आ रहा था, लेकिन पिछले वर्ष नया या पुराना नहीं किया और लगभग 95% लोगों की सोसाइटी नई व पुरानी कर दी। आरोप है की जानबूझकर डिफाल्टर किया जा रहा है। इस पर मंत्री ने एसडीएम को आदेश दिया है कि चार लोगों की कमेटी बनाओ और जांच करो। जो दोषी होगा एक हफ्ते में रिपोर्ट तैयार की जाए और उसको डीसी को सस्पेंड करने के आदेश दिए।
एक साल से नहीं मिली एनओसी
मार्स अस्पताल की तरफ से पेश हुए विशुद्धानंद त्रिवेदी ने बताया कि उन्होंने 1 साल पहले एनओसी को लेकर नगर परिषद में फाइल अनुमति के लिए भेजी थी, मगर अभी तक नहीं मिल पाई है। इससे काफी नुकसान हो रहा है। मंत्री ने ईओ से पूछा कि ऐसा क्यों है। ईओ ने बताया कि दो दिन पहले ही आए हैं। इस पर मंत्री ने आदेश दिए हैं कि पुराने ईओ के समय की जांच की जाए। अगर कोई दोषी मिलता है तो उसको सस्पेंड किया जाए। एडीसी को जांच सौंपी है।
पंचायत ने मिट्टी डलवाई, घर की पानी निकासी रुकी
गांव बुडोली निवासी कमल सिंह ने बताया कि पंचायत द्वारा डलवाई गई मिट्टी से घर के पानी की निकासी रुक गई है। इस पर मंत्री ने कहा है कि तीन दिन में रिपोर्ट पेश की जाए। एडवोकेट भूपेंद्र को कमेटी में शामिल होने के आदेश दिए हैं। ललिता मेमोरियल अस्पताल की तरफ से डॉक्टर सीमा ने कहा कि उनके यहां सीवर हमेशा खुला रहता है। जलभराव के कारण आने-जाने में काफी समस्या होती है। मंत्री ने तीन दिन के अंदर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। एक डिपोधारक ने खाद्य आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी पर रिश्वत के आरोप लगाए हैं, इस पर कार्रवाई की मांग की गई है।
सेक्टर 18 में मूलभूत सुविधाएं ही नहीं
सुनीता शर्मा ने बताया कि उसने आशियाना स्कीम के तहत सेक्टर 18 में प्लाॅट लिया हुआ है, मगर अभी तक उसे मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। इस पर मंत्री ने कहा है कि जो जरूरी सुविधाएं हैं, उन्हें तुरंत मुहैया करवाई जाए। अधिकारी की तरफ से बताया गया है कि 15 दिन में व्यवस्था ठीक कर दी जाएगी।
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1997 में हुई मौत, अभी तक नहीं मिला मृत्यु प्रमाण पत्र
शिव नगर माहेश्वरी निवासी सुमन ने बताया कि उसके पति की 1997 में धारूहेड़ा में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। अभी तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला है। नगर पालिका धारूहेड़ा ने बताया कि 2007 में नगर पालिका बना था, ऐसे में उनके पास उनका रिकॉर्ड नहीं है। इस पर मंत्री ने कहा कि विधायक से मिल लीजिए।
डीएफओ नहीं आए, मंत्री बोले- जांच करो
लालपुर निवासी अनिल कुमार ने बताया कि उनके यहां पानी की सप्लाई की पाइपलाइन दबाई गई थी। तारकोल की सड़क को तोड़ा गया था, मगर अभी तक सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। जब जिला वन मंडल अधिकारी की जरूरत पड़ी तो वे मौके पर नहीं मिले। इस पर विपुल गोयल ने कहा कि क्यों नहीं हैं, जांच करो।
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नगर पार्षद भूपेंद्र सिंह व अन्य पार्षदों ने डीएमसी राहुल मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कार्य न करने के आरोप लगाए। पार्षदों ने बताया कि डीएमसी फाइलों को दबाए बैठे हैं और कोई भी काम नहीं करते हैं। जरूरी हस्ताक्षर भी नहीं कर रहे हैं। छोटे-मोटे कार्यों के लिए भी अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस पर डीएमसी ने कहा कि मेरे पास कभी भी भूपेंद्र नहीं आए हैं। मंत्री ने डीएमसी से पूछा कि आपको यहां पर कितना समय हुआ है, डीएमसी ने बताया कि उन्हें 3 महीने हो चुके हैं। मंत्री ने आदेश दिए हैं कि 3 महीने में कितना कुछ काम हुआ है, इसकी जांच की जाए और कितनी फाइल पेंडिंग पड़ी हैं, इसकी रिपोर्ट तैयार करके उन्हें भिजवाई जाए। मंत्री विपुल ने नालों की सफाई को लेकर भी पूछा। इस पर डीएमसी ने कहा कि नाले की सफाई के लिए एक-दो दिन में टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
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सरस्वती विहार निवासी कृष्ण यादव ने बताया कि नरवीर हुड्डा चौक से बावल रोड के पास जो नाला बना हुआ है निकासी का प्रबंध नहीं है। यह नाला टूटा हुआ है। इस पर मंत्री ने कहा कि तीन दिन में इसे दुरुस्त करो और अवैध कनेक्शन काट कर चालान करो। मौके पर एचएसआरडीसी और जन स्वास्थ्य विभाग आपस में ही बहस करने लग गए। दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे। शिकायतकर्ता ने भी कहा कि इसी तरह से दोनों विभाग काम न करते हुए एक दूसरे पर आरोप लगाते हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह मामला जनस्वास्थ्य विभाग देखेगा। डीसी की देखरेख में एक कमेटी गठित करने के आदेश दिए, जांच एसडीएम या एडीसी करेंगी।
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जानबूझकर डिफाल्टर कर रहे, कमेटी करेगी जांच
गांव जैनाबाद निवासी श्योताज सिंह ने कहा कि पेएसीएस डहीना का कई वर्षों से सदस्य केसीसी का लेनदेन समय पर करता आ रहा था, लेकिन पिछले वर्ष नया या पुराना नहीं किया और लगभग 95% लोगों की सोसाइटी नई व पुरानी कर दी। आरोप है की जानबूझकर डिफाल्टर किया जा रहा है। इस पर मंत्री ने एसडीएम को आदेश दिया है कि चार लोगों की कमेटी बनाओ और जांच करो। जो दोषी होगा एक हफ्ते में रिपोर्ट तैयार की जाए और उसको डीसी को सस्पेंड करने के आदेश दिए।
एक साल से नहीं मिली एनओसी
मार्स अस्पताल की तरफ से पेश हुए विशुद्धानंद त्रिवेदी ने बताया कि उन्होंने 1 साल पहले एनओसी को लेकर नगर परिषद में फाइल अनुमति के लिए भेजी थी, मगर अभी तक नहीं मिल पाई है। इससे काफी नुकसान हो रहा है। मंत्री ने ईओ से पूछा कि ऐसा क्यों है। ईओ ने बताया कि दो दिन पहले ही आए हैं। इस पर मंत्री ने आदेश दिए हैं कि पुराने ईओ के समय की जांच की जाए। अगर कोई दोषी मिलता है तो उसको सस्पेंड किया जाए। एडीसी को जांच सौंपी है।
पंचायत ने मिट्टी डलवाई, घर की पानी निकासी रुकी
गांव बुडोली निवासी कमल सिंह ने बताया कि पंचायत द्वारा डलवाई गई मिट्टी से घर के पानी की निकासी रुक गई है। इस पर मंत्री ने कहा है कि तीन दिन में रिपोर्ट पेश की जाए। एडवोकेट भूपेंद्र को कमेटी में शामिल होने के आदेश दिए हैं। ललिता मेमोरियल अस्पताल की तरफ से डॉक्टर सीमा ने कहा कि उनके यहां सीवर हमेशा खुला रहता है। जलभराव के कारण आने-जाने में काफी समस्या होती है। मंत्री ने तीन दिन के अंदर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। एक डिपोधारक ने खाद्य आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी पर रिश्वत के आरोप लगाए हैं, इस पर कार्रवाई की मांग की गई है।
सेक्टर 18 में मूलभूत सुविधाएं ही नहीं
सुनीता शर्मा ने बताया कि उसने आशियाना स्कीम के तहत सेक्टर 18 में प्लाॅट लिया हुआ है, मगर अभी तक उसे मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। इस पर मंत्री ने कहा है कि जो जरूरी सुविधाएं हैं, उन्हें तुरंत मुहैया करवाई जाए। अधिकारी की तरफ से बताया गया है कि 15 दिन में व्यवस्था ठीक कर दी जाएगी।
1997 में हुई मौत, अभी तक नहीं मिला मृत्यु प्रमाण पत्र
शिव नगर माहेश्वरी निवासी सुमन ने बताया कि उसके पति की 1997 में धारूहेड़ा में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। अभी तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला है। नगर पालिका धारूहेड़ा ने बताया कि 2007 में नगर पालिका बना था, ऐसे में उनके पास उनका रिकॉर्ड नहीं है। इस पर मंत्री ने कहा कि विधायक से मिल लीजिए।
डीएफओ नहीं आए, मंत्री बोले- जांच करो
लालपुर निवासी अनिल कुमार ने बताया कि उनके यहां पानी की सप्लाई की पाइपलाइन दबाई गई थी। तारकोल की सड़क को तोड़ा गया था, मगर अभी तक सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। जब जिला वन मंडल अधिकारी की जरूरत पड़ी तो वे मौके पर नहीं मिले। इस पर विपुल गोयल ने कहा कि क्यों नहीं हैं, जांच करो।