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तीन साल की कागजी कार्रवाई के बाद भाड़ावास फाटक पर फोरलेन आरओबी और आरयूबी के निर्माण का रास्ता साफ
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भाड़ावास फाटक पर लगा हुआ जाम।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। शहर के भाड़ावास फाटक संख्या 61-ए (रेवाड़ी-अलवर-जयपुर रेलवे लाइन) पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण को वर्ष 2018 में रेलवे की ओर से वर्क बुक में शामिल करने के बाद तीन साल तक चली कागजी कार्रवाई आखिर परवान चढ़ती दिख रही है। शहर की अनाज मंडी के पास बनने वाले फोरलेन आरओबी व रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी के एचएसआरडीसी विंग ने अपने हिस्से का 30.15 करोड़ का टेंडर 19 जून को जारी कर दिया है। 10 जुलाई को टेक्निकल बोली शुरू होने के बाद वित्तीय बोली को मंजूरी दे दी जाएगी। निर्माण कार्य पूरा करने की समय अवधि दो साल रखी गई है।
रेलवे की ओर से 13 अप्रैल को ड्राइंग को मंजूरी दी गई थी। करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे की ओर से कार्य किया जाना है। फोरलेन आरओबी निर्माण से घंटो जाम में फंसने वाले अनेक लोगों को इसका लाभ मिलेगा। बता दें कि इस लाइन से प्रत्येक दिन अनेक रेल व मालगाड़ी गुजरती हैं, ऐसे में फाटक एक-एक घंटे तक बंद रह जाती है।
एक दर्जन कॉलोनी व 50 गांव को सीधा लाभ, जाम से मिलेगी राहत
भाड़ावास फाटक पर आरओबी निर्माण की मांग लंबे समय से चल रही थी, लेकिन बाद में दुकानदारों के विरोध पर मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। जन प्रतिनिधियों के दखल के बाद आरओबी के साथ आरयूबी निर्माण का भी फैसला लिया गया था, ताकि जाम से मुक्ति के साथ लोगों का रोजगार जाने से भी बच जाए। अब इसके निर्माण से घंटों तक जाम में फंसे रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी। फिलहाल यहां रेलवे फाटक बंद होने के कारण वाहन चालकों को आधा घंटा से एक घंटा तक जाम का सामना करना पड़ता है। आरओबी बनने से शहर की परशुराम कॉलोनी, हंस नगर, आदर्श नगर सहित करीब एक दर्जन कॉलोनियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा शहर से सटे गांव जाटूवास के अलावा खरसानकी, भाड़ावास, पहलादपुरा, जैतड़ावास, सुलखा, खरखड़ी, नंगली, बेरवाल, बधराना, बालावास, भडंगी, टांकड़ी, मोहनपुर व खंड़ोदा सहित करीब 50 से अधिक गांव के लोगों को सीधा फायदा होगा।
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छोटे वाहनों के लिए होगा आरयूबी
आरओबी के विरोध के बाद रेलवे के अधिकारियों ने यहां की फिजिबिलिटी की जांच की, जिसमें पाया गया था कि यहां दोनों निर्माण हो सकते हैं। बड़े वाहनों के लिए आरओबी एवं छोटे वाहनों व पैदल चलने वालों के लिए आरयूबी का निर्माण किया जाना है।
अब नारनौल फाटक पर भी निर्माण का इंतजार
रेलवे की ओर से भाड़ावास फाटक पर आरओबी व आरयूबी निर्माण के लिए फ्लाईओवर बनाने के लिए जीएडी को 13 अप्रैल को मंजूरी दी गई थी। रेलवे की ओर से उनके हिस्से का फ्लाईओवर बनाने के लिए टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। भाड़ावास फाटक की सभी बाधाएं पूरी होने के बाद अब शहर के रेलवे क्रॉसिंग संख्या 3 रेवाड़ी-नारनौल-रींगस व रेलवे क्रॉसिंग संख्या 59-ए रेवाड़ी-महेंद्रगढ़-सादलपुर पर आरओबी व आरयूबी निर्माण की का इंतजार है। यहां पर भी अभी तक रेलवे की ओर से जीएडी पास नहीं की गई है। बता दें कि इन फाटकों के बंद रहने से भी शहर की अनेक कॉलोनी व गांव को लोगों को प्रत्येक दिन घंटो जाम में फंसना पड़ता है।
भाड़ावास फाटक पर आरओबी व आरयूबी निर्माण के लिए टेेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर खुलने के बाद दो साल के अंदर इसको पूरा कर दिया जाएगा।
सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, एचआरडीसी
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रेलवे की ओर से 13 अप्रैल को ड्राइंग को मंजूरी दी गई थी। करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे की ओर से कार्य किया जाना है। फोरलेन आरओबी निर्माण से घंटो जाम में फंसने वाले अनेक लोगों को इसका लाभ मिलेगा। बता दें कि इस लाइन से प्रत्येक दिन अनेक रेल व मालगाड़ी गुजरती हैं, ऐसे में फाटक एक-एक घंटे तक बंद रह जाती है।
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एक दर्जन कॉलोनी व 50 गांव को सीधा लाभ, जाम से मिलेगी राहत
भाड़ावास फाटक पर आरओबी निर्माण की मांग लंबे समय से चल रही थी, लेकिन बाद में दुकानदारों के विरोध पर मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। जन प्रतिनिधियों के दखल के बाद आरओबी के साथ आरयूबी निर्माण का भी फैसला लिया गया था, ताकि जाम से मुक्ति के साथ लोगों का रोजगार जाने से भी बच जाए। अब इसके निर्माण से घंटों तक जाम में फंसे रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी। फिलहाल यहां रेलवे फाटक बंद होने के कारण वाहन चालकों को आधा घंटा से एक घंटा तक जाम का सामना करना पड़ता है। आरओबी बनने से शहर की परशुराम कॉलोनी, हंस नगर, आदर्श नगर सहित करीब एक दर्जन कॉलोनियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा शहर से सटे गांव जाटूवास के अलावा खरसानकी, भाड़ावास, पहलादपुरा, जैतड़ावास, सुलखा, खरखड़ी, नंगली, बेरवाल, बधराना, बालावास, भडंगी, टांकड़ी, मोहनपुर व खंड़ोदा सहित करीब 50 से अधिक गांव के लोगों को सीधा फायदा होगा।
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छोटे वाहनों के लिए होगा आरयूबी
आरओबी के विरोध के बाद रेलवे के अधिकारियों ने यहां की फिजिबिलिटी की जांच की, जिसमें पाया गया था कि यहां दोनों निर्माण हो सकते हैं। बड़े वाहनों के लिए आरओबी एवं छोटे वाहनों व पैदल चलने वालों के लिए आरयूबी का निर्माण किया जाना है।
अब नारनौल फाटक पर भी निर्माण का इंतजार
रेलवे की ओर से भाड़ावास फाटक पर आरओबी व आरयूबी निर्माण के लिए फ्लाईओवर बनाने के लिए जीएडी को 13 अप्रैल को मंजूरी दी गई थी। रेलवे की ओर से उनके हिस्से का फ्लाईओवर बनाने के लिए टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। भाड़ावास फाटक की सभी बाधाएं पूरी होने के बाद अब शहर के रेलवे क्रॉसिंग संख्या 3 रेवाड़ी-नारनौल-रींगस व रेलवे क्रॉसिंग संख्या 59-ए रेवाड़ी-महेंद्रगढ़-सादलपुर पर आरओबी व आरयूबी निर्माण की का इंतजार है। यहां पर भी अभी तक रेलवे की ओर से जीएडी पास नहीं की गई है। बता दें कि इन फाटकों के बंद रहने से भी शहर की अनेक कॉलोनी व गांव को लोगों को प्रत्येक दिन घंटो जाम में फंसना पड़ता है।
भाड़ावास फाटक पर आरओबी व आरयूबी निर्माण के लिए टेेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर खुलने के बाद दो साल के अंदर इसको पूरा कर दिया जाएगा।
सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, एचआरडीसी