{"_id":"683b4d590bb03ecf3800a674","slug":"after-the-ministers-rebuke-the-public-health-department-started-cleaning-the-drains-rewari-news-c-198-1-rew1001-220356-2025-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: मंत्री की फटकार के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने शुरू कराई नालों की सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: मंत्री की फटकार के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने शुरू कराई नालों की सफाई
Sun, 01 Jun 2025 12:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 01 Jun 2025 12:11 AM IST
विज्ञापन
फोटो: 1मॉडल टाउन में नाले की सफाई करते जनस्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। पिछले दिनों हुई कष्ट निवारण समिति की बैठक में शहरी निकाय एवं राजस्व मंत्री विपुल गोयल की फटकार के बाद जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने शहर के नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई शुरू करा दी है। जबकि, नगर परिषद प्रशासन अभी टेंडर प्रक्रिया में उलझा हुआ है।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधीन सेक्टर एक से तुर्कियावास रोड तक साढ़े चार किलोमीटर लंबा नाला, गोल चक्कर से नयागांव तक डेढ़ किलोमीटर और नई आबादी से रेलवे रोड तक, नागपाल साउंड, नई आबादी, बाल भवन, ठठेरा बगीची, नागरिक अस्पताल व पब्लिक हेल्थ कैंपस में बना ड्रेनेज सिस्टम है।
जनस्वास्थ्य विभाग ने 25 जून से करीब 10 किलोमीटर लंबे तीनों नालों व छह ड्रेनेज सिस्टम की सफाई का कार्य पूरा कर लेने का दावा किया है। वहीं, अगर नगर परिषद ने समय रहते अपने अधीन नालों की सफाई नहीं कराई तो बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या पैदा होगी।
विज्ञापन
हर बार मानसून आने से पहले शहर के नालों की सफाई की जाती है, लेकिन पिछले दो वर्षों से नालों की हालत अच्छी नहीं है। नालों की सफाई पर विभागों की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। नतीजतन हल्की बारिश होने पर जलभराव हो जाता है।
-
नालों की मरम्मत कराने की ज्यादा जरूरत
सफाई से पहले नालों की मरम्मत की ज्यादा जरूरत है। जगह-जगह से नाले टूटे हुए हैं। ऊपर की स्लैब भी गायब है। इस वजह से आसपास का कूड़ा कचरा नाले के अंदर चला जाता है। जनवरी में जब सीएम फ्लाइंग की टीम ने नगर परिषद में जांच की थी, तब नालों को भी चेक किया था। पाया गया था कि कई स्थानों पर नाले गंदगी व कूड़े से अटे पड़े हैं। खुले नालों पर भी कई जगह जाली नही डाली गई थी।
-
इन क्षेत्रों में रहती है जलभराव की समस्या
शहर के नागरिक अस्पताल, नई आबादी, राजीव नगर, माॅडल टाउन, अनाज मंडी, बस स्टैंड, पुरानी सब्जी मंडी, कटला बाजार, रेलवे स्टेशन, ऑटो मार्केट, नाईवाली चौक, सती कॉलोनी, कृष्णा नगर, शक्तिनगर पुराना व नया हाउसिंग बोर्ड सहित शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या रहती है।
-- -- -- -
वर्जन:
मानसून को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने अपने कार्य क्षेत्र में आने वाले नालों और ड्रेनेज की सफाई शुरू करा दी है। 25 जून तक सफाई कार्य पूरा कर लिया जाएगा।- नवीन कुमार, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग।
-
विज्ञापन
रेवाड़ी। पिछले दिनों हुई कष्ट निवारण समिति की बैठक में शहरी निकाय एवं राजस्व मंत्री विपुल गोयल की फटकार के बाद जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने शहर के नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई शुरू करा दी है। जबकि, नगर परिषद प्रशासन अभी टेंडर प्रक्रिया में उलझा हुआ है।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधीन सेक्टर एक से तुर्कियावास रोड तक साढ़े चार किलोमीटर लंबा नाला, गोल चक्कर से नयागांव तक डेढ़ किलोमीटर और नई आबादी से रेलवे रोड तक, नागपाल साउंड, नई आबादी, बाल भवन, ठठेरा बगीची, नागरिक अस्पताल व पब्लिक हेल्थ कैंपस में बना ड्रेनेज सिस्टम है।
विज्ञापन
जनस्वास्थ्य विभाग ने 25 जून से करीब 10 किलोमीटर लंबे तीनों नालों व छह ड्रेनेज सिस्टम की सफाई का कार्य पूरा कर लेने का दावा किया है। वहीं, अगर नगर परिषद ने समय रहते अपने अधीन नालों की सफाई नहीं कराई तो बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या पैदा होगी।
विज्ञापन
हर बार मानसून आने से पहले शहर के नालों की सफाई की जाती है, लेकिन पिछले दो वर्षों से नालों की हालत अच्छी नहीं है। नालों की सफाई पर विभागों की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। नतीजतन हल्की बारिश होने पर जलभराव हो जाता है।
-
नालों की मरम्मत कराने की ज्यादा जरूरत
सफाई से पहले नालों की मरम्मत की ज्यादा जरूरत है। जगह-जगह से नाले टूटे हुए हैं। ऊपर की स्लैब भी गायब है। इस वजह से आसपास का कूड़ा कचरा नाले के अंदर चला जाता है। जनवरी में जब सीएम फ्लाइंग की टीम ने नगर परिषद में जांच की थी, तब नालों को भी चेक किया था। पाया गया था कि कई स्थानों पर नाले गंदगी व कूड़े से अटे पड़े हैं। खुले नालों पर भी कई जगह जाली नही डाली गई थी।
-
इन क्षेत्रों में रहती है जलभराव की समस्या
शहर के नागरिक अस्पताल, नई आबादी, राजीव नगर, माॅडल टाउन, अनाज मंडी, बस स्टैंड, पुरानी सब्जी मंडी, कटला बाजार, रेलवे स्टेशन, ऑटो मार्केट, नाईवाली चौक, सती कॉलोनी, कृष्णा नगर, शक्तिनगर पुराना व नया हाउसिंग बोर्ड सहित शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या रहती है।
वर्जन:
मानसून को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने अपने कार्य क्षेत्र में आने वाले नालों और ड्रेनेज की सफाई शुरू करा दी है। 25 जून तक सफाई कार्य पूरा कर लिया जाएगा।- नवीन कुमार, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग।
-