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डेढ़ साल बाद आज से लगेंगी चौथी और पांचवीं की कक्षाएं
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जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। सरकारी व निजी स्कूलों में बुधवार से करीब डेढ़ साल बाद चौथी और पांचवीं की कक्षाएं लगेंगी। सभी स्कूलों को कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। इसी के साथ स्कूलों में विद्यार्थियों को आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों को अभिभावकों की सहमति से ही बुलाया जा सकेगा।
इसके अलावा स्कूलों में तैनात अध्यापकों को टीका लगवाना अनिवार्य होगा। वहीं सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का ऑक्सीजन लेवल जांचने लिए नए ऑक्सीमीटर भी आ चुके हैं। जिले में कुल 645 स्कूल हैं, जिनमें 95 वरिष्ठ माध्यमिक, 55 उच्च विद्यालय, मिडिल स्कूल 95 व 399 प्राइमरी स्कूल शामिल हैं। गौरतलब है कि सरकारी व निजी स्कूलों में नौवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाई करवाने के लिए 17 जुलाई से स्कूल खोले जा चुके हैं। इसके बाद 23 जुलाई से छठी से आठवीं कक्षा के लिए स्कूल खोले गए थे।
प्रवेश द्वार पर करनी होगी थर्मल स्क्रीनिंग:
शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि प्रवेश द्वार पर ही बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। तय मानक से अधिक तापमान होने पर विद्यार्थी को वापस घर भेज दिया जाएगा। स्कूलों में सैनिटाइजर का छिड़काव करवाया जा रहा है। स्कूल में आने वाले सभी विद्यार्थी मास्क पहनकर आएं। इसी के साथ स्कूल में शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जाए। इसी के साथ जो विद्यार्थी ऑनलाइन शिक्षा से जुड़कर पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, उसके लिए अनुमति बनी रहेगी।
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स्कूलों में नहीं मिलेगा दोपहर का भोजन:
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन दिया जाता है। स्कूलों में कक्षाएं कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार लगाई जाएंगी। अभी स्कूलों में विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन नहीं मिलेगा। इसी के साथ स्कूल में बच्चों को पढ़ाई करवाते समय शारीरिक दूरी का भी विशेष ध्यान रखना होगा। स्कूल में एक कक्षा रूम में 20 बच्चों को बैठाकर ही पढ़ाई करवाई जाएगी।
प्रत्येक सेक्शन को एक ऑक्सीमीटर
स्कूलों के लिए 2611 आक्सीमीटर स्कूलों में भेज दिए गए हैं। माध्यमिक व प्राथमिक स्कूलों में प्रत्येक एक सेक्शन को एक ऑक्सीमीटर दिया जाएगा। ऑक्सीमीटर डिजिटल डिस्प्ले वाली एक छोटी डिवाइस मशीन होती है। इसे पीपीओ यानी पोर्टेबल प्लस ऑक्सीमीटर के नाम से जाना जाता है।
डीईईओ रेवाड़ी कपिल पुनिया ने बताया कि स्कूलों में चौथी व पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक सितंबर से स्कूल खोले जाएंगे। इसके लिए सभी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में तैनात सभी अध्यापकों को टीका लगवाना जरूरी होगा।
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इसके अलावा स्कूलों में तैनात अध्यापकों को टीका लगवाना अनिवार्य होगा। वहीं सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का ऑक्सीजन लेवल जांचने लिए नए ऑक्सीमीटर भी आ चुके हैं। जिले में कुल 645 स्कूल हैं, जिनमें 95 वरिष्ठ माध्यमिक, 55 उच्च विद्यालय, मिडिल स्कूल 95 व 399 प्राइमरी स्कूल शामिल हैं। गौरतलब है कि सरकारी व निजी स्कूलों में नौवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाई करवाने के लिए 17 जुलाई से स्कूल खोले जा चुके हैं। इसके बाद 23 जुलाई से छठी से आठवीं कक्षा के लिए स्कूल खोले गए थे।
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प्रवेश द्वार पर करनी होगी थर्मल स्क्रीनिंग:
शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि प्रवेश द्वार पर ही बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। तय मानक से अधिक तापमान होने पर विद्यार्थी को वापस घर भेज दिया जाएगा। स्कूलों में सैनिटाइजर का छिड़काव करवाया जा रहा है। स्कूल में आने वाले सभी विद्यार्थी मास्क पहनकर आएं। इसी के साथ स्कूल में शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जाए। इसी के साथ जो विद्यार्थी ऑनलाइन शिक्षा से जुड़कर पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, उसके लिए अनुमति बनी रहेगी।
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स्कूलों में नहीं मिलेगा दोपहर का भोजन:
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन दिया जाता है। स्कूलों में कक्षाएं कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार लगाई जाएंगी। अभी स्कूलों में विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन नहीं मिलेगा। इसी के साथ स्कूल में बच्चों को पढ़ाई करवाते समय शारीरिक दूरी का भी विशेष ध्यान रखना होगा। स्कूल में एक कक्षा रूम में 20 बच्चों को बैठाकर ही पढ़ाई करवाई जाएगी।
प्रत्येक सेक्शन को एक ऑक्सीमीटर
स्कूलों के लिए 2611 आक्सीमीटर स्कूलों में भेज दिए गए हैं। माध्यमिक व प्राथमिक स्कूलों में प्रत्येक एक सेक्शन को एक ऑक्सीमीटर दिया जाएगा। ऑक्सीमीटर डिजिटल डिस्प्ले वाली एक छोटी डिवाइस मशीन होती है। इसे पीपीओ यानी पोर्टेबल प्लस ऑक्सीमीटर के नाम से जाना जाता है।
डीईईओ रेवाड़ी कपिल पुनिया ने बताया कि स्कूलों में चौथी व पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक सितंबर से स्कूल खोले जाएंगे। इसके लिए सभी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में तैनात सभी अध्यापकों को टीका लगवाना जरूरी होगा।