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Rewari News: खेतों का निरीक्षण कर सरसों और गेहूं की फसल के नमूने लिए, तीन दिन में आएगी रिपोर्ट

Thu, 21 Nov 2024 02:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Thu, 21 Nov 2024 02:08 AM IST
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After inspecting the fields, samples of mustard and wheat crops were taken, report will come in three days
रेवाड़ी। फसल का निरीक्षण करते कृषि विभाग की टीम। स्रोत: विभाग
रेवाड़ी। केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन फरीदाबाद व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग रेवाड़ी की संयुक्त टीम की ओर से जिले में सरसों व गेहूं फसल के खेतों का निरीक्षण किया गया।
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टीम ने खंड रेवाड़ी के गांव भाडावास, खोल ब्लॉक के गांव गोलियाकी व बावल खंड के गांव नैचाना का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सरसों के कुछ खेतों में पहली सिंचाई के बाद कुछ पौधे गलन के कारण नष्ट हो रहे थे। टीम के द्वारा उन पौधों के सैंपल एकत्रित किए गए, जिनको प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। फरीदाबाद स्थित लैब में इन सैंपलों की जांच की जाएगी। डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इसकी रिपोर्ट 3 दिन में आ जाएगी। इसमें पता लगेगा कि पौधे क्यों नष्ट हो रहे हैं। कोई रोग है या फिर खारा पानी की वजह से ऐसा हो रहा है। अगर रोग होगा तो उसके रोकथाम बताए जाएंगे।
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जिले में इस बार 75 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई की गई है। इसमें पहले ही जमवार के समय ही पौधों में धोलिया रोग लगने के कारण कई गांवों में 40 से 50 हेक्टेयर में किसानों ने दोबारा भी बिजाई करनी पड़ गई थी।
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गुजिया वीवल नामक कीट फसल को कर रहा खराब

किसानों बताया कि जमवार के समय ही एक अनजान कीट द्वारा सरसों के पौधे काटे जा रहे थे, जिससे कि सरसों फसल के काफी खेत नष्ट हो गए थे। टीम द्वारा बताया गया कि यह एक गुजिया वीवल नामक कीट है जोकि सरसों के पौधे के तने पर कट का निशान बना देता है। इससे पूरा पौधा नष्ट हो जाता है। इसके अतिरिक्त टीम द्वारा किसानों को बीज उपचार व कीटनाशकों के उचित संतुलित प्रयोग व सावधानी के बारे में विस्तार से बताया।


टीम ये रहे मौजूद

इस टीम में कृषि विभाग से डॉ. अनिल कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. योगेश बीटीएम बावल, डॉ. शीतल बावल व रिक्षपाल सुपरवाइजर तथा केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन संस्थान से रामजीत मौर्य सहायक (एपीपीओ), रिया राठी एसए व रुबि एसए के अलावा गांव के नंबरदार सुभाष, किसान धर्मबीर, चांदसिंह, सतीश व सुखबीर आदि मौजूद रहे।
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