{"_id":"61fc1c61787bb31a07639bdd","slug":"after-drizzle-maximum-temperature-dropped-by-10-5-degrees-melting-increased-rewari-news-rtk6374144152","type":"story","status":"publish","title_hn":"बूंदाबांदी के बाद अधिकतम तापमान में 10.5 डिग्री की गिरावट, गलन बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बूंदाबांदी के बाद अधिकतम तापमान में 10.5 डिग्री की गिरावट, गलन बढ़ी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। जिले में वीरवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ली। बावल के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मबीर यादव ने बताया कि सुबह से ही छाए बादल और बीच-बीच में बूंदाबांदी से तापमान में 10.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की दर्ज की गई। इसकी वजह से दिनभर ठिठुरन बनी रही। इस दौरान सर्द हवाओं ने लोगों को काफी परेशान किया। शुक्रवार को बारिश के आसार हैं। उधर, ठंड के कारण बाजार में लोगों की संख्या भी कम दिखाई दी। ठंड को देखते हुए जरूरी काम से ही लोग घरों से बाहर निकले। वीरवार को अधिकतम 13.5 और न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ठंड बढ़ने से जनजीवन फिर प्रभावित होने लगा है। इसकी वजह से कार्यालयों में भी अधिकारियों और कर्मचारियों के अतिरिक्त आम लोगों की संख्या कम रही। बूंदाबांदी तो कभी सर्द हवा के कारण ठंड के तेवर तीखे रहे। फरवरी के आरंभ से ही मौसम उतार चढ़ाव भरा रहा है। माह के पहले दिन जहां अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस था, वहीं दो फरवरी को अधिकतम तापमान बढ़कर 24 और न्यूनतम पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
मौसम के बदले तेवर से किसानों की बढ़ी बेचैनी
मौसम में उतार चढ़ाव के चलते किसानों की बेचैनी भी बढ़ गई है। अगेती सरसों जहां कटाव की ओर है, वहीं पछेती में पकाव चल रहा है। इसी प्रकार गेहूं की फसल भी अच्छी स्थिति में है। यदि तेज बारिश, अंधड़ या ओलावृष्टि होती है तो फसलों को नुकसान होगा। हालांकि हल्की बारिश होने से फायदा होगा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश या धूंध के बाद दिन में अच्छी धूप निकलती है तो नुकसान नहीं होगा लेकिन ज्यादा दिनों तक धूप नहीं निकलती है तो फसलों के खराब होने का अंदेशा बढ़ जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी मौसम में बदलाव रहेगा। इस दौरान कहीं कोहरा तो कहीं छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है।
विज्ञापन
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
तीन फरवरी 13.5 9.4
दो फरवरी 24.0 5.0
एक फरवरी 20.0 8.0
31 जनवरी 25.0 3.6
30 जनवरी 23.0 4.5
29 जनवरी 22.0 2.8
28 जनवरी 20.0 1.6
27 जनवरी 18.2 4.0
26 जनवरी 16.5 2.5
25 जनवरी 14.0 3.5
24 जनवरी 15.8 6.2
23 जनवरी 16.2 10.5
(नोट-तापमान डिग्री सेल्सियस में दर्ज है)
----------
मौसम करवट ले रहा है। तेज बारिश होने पर फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। इसके अलावा सर्द हवाओं से ठंड का असर बढ़ गया। अधिकतम तापमान में भी भारी गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार को भी बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर जहां पर पानी नहीं सुखा है, वहां पर किसानों की परेशानी बढ़ सकती है।
-डॉ. धर्मबीर यादव, क्षेत्रीय निदेशक, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बावल।
विज्ञापन
ठंड बढ़ने से जनजीवन फिर प्रभावित होने लगा है। इसकी वजह से कार्यालयों में भी अधिकारियों और कर्मचारियों के अतिरिक्त आम लोगों की संख्या कम रही। बूंदाबांदी तो कभी सर्द हवा के कारण ठंड के तेवर तीखे रहे। फरवरी के आरंभ से ही मौसम उतार चढ़ाव भरा रहा है। माह के पहले दिन जहां अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस था, वहीं दो फरवरी को अधिकतम तापमान बढ़कर 24 और न्यूनतम पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
विज्ञापन
मौसम के बदले तेवर से किसानों की बढ़ी बेचैनी
मौसम में उतार चढ़ाव के चलते किसानों की बेचैनी भी बढ़ गई है। अगेती सरसों जहां कटाव की ओर है, वहीं पछेती में पकाव चल रहा है। इसी प्रकार गेहूं की फसल भी अच्छी स्थिति में है। यदि तेज बारिश, अंधड़ या ओलावृष्टि होती है तो फसलों को नुकसान होगा। हालांकि हल्की बारिश होने से फायदा होगा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश या धूंध के बाद दिन में अच्छी धूप निकलती है तो नुकसान नहीं होगा लेकिन ज्यादा दिनों तक धूप नहीं निकलती है तो फसलों के खराब होने का अंदेशा बढ़ जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी मौसम में बदलाव रहेगा। इस दौरान कहीं कोहरा तो कहीं छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है।
विज्ञापन
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
तीन फरवरी 13.5 9.4
दो फरवरी 24.0 5.0
एक फरवरी 20.0 8.0
31 जनवरी 25.0 3.6
30 जनवरी 23.0 4.5
29 जनवरी 22.0 2.8
28 जनवरी 20.0 1.6
27 जनवरी 18.2 4.0
26 जनवरी 16.5 2.5
25 जनवरी 14.0 3.5
24 जनवरी 15.8 6.2
23 जनवरी 16.2 10.5
(नोट-तापमान डिग्री सेल्सियस में दर्ज है)
----------
मौसम करवट ले रहा है। तेज बारिश होने पर फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। इसके अलावा सर्द हवाओं से ठंड का असर बढ़ गया। अधिकतम तापमान में भी भारी गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार को भी बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर जहां पर पानी नहीं सुखा है, वहां पर किसानों की परेशानी बढ़ सकती है।
-डॉ. धर्मबीर यादव, क्षेत्रीय निदेशक, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बावल।