{"_id":"69de8b466338b835e30bf2d4","slug":"after-31-years-a-woman-from-the-sc-category-to-become-chairperson-in-rewari-rewari-news-c-198-1-rew1001-236782-2026-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: रेवाड़ी में 31 साल बाद एससी वर्ग की महिला बनेगी चेयरमैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: रेवाड़ी में 31 साल बाद एससी वर्ग की महिला बनेगी चेयरमैन
विज्ञापन
रेवाड़ी। नगर निकाय चुनावों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अबकी बार रेवाड़ी नगर परिषद में 31 वर्षों में यह केवल दूसरा मौका होगा जब अनुसूचित जाति वर्ग की महिला चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभालेंगी। इससे पहले वर्ष 2013 में भी यह पद एससी महिला के लिए आरक्षित हुआ था तब शकुंतला भांडोरिया और बाद में विनीता पीपल ने कुर्सी पर बैठी थीं।
रेवाड़ी नगर पालिका को 1995 में नगर परिषद दर्जा मिला था। जुलाई 1995 में रेवाड़ी नगर परिषद के पहली बार चुनाव हुए थे। 22 वार्ड पर चुनाव होने की घोषणा की गई थी लेकिन बाद में 24 वार्ड के चुनाव कराए गए थे। 30 सालों में 8 वार्ड बढ़े हैं। इस बार रेवाड़ी नगर परिषद के 32 वार्डों और धारूहेड़ा नगर पालिका के 18 वार्डों में चुनाव कराए जाएंगे।
पहले रेवाड़ी में 31 और धारूहेड़ा में 17 वार्ड थे। रेवाडी और धारूहेड़ा में एक-एक वार्ड बढ़ाया गया है। अलग से जिला बनने के बाद वर्ष 1994 में रेवाड़ी को नगर पालिका से नगर परिषद बनाया गया था। जुलाई 1995 में रेवाड़ी नगर परिषद के पहली बार चुनाव हुए थे।
विज्ञापन
बता देें कि धारूहेड़ा नगर पालिका अध्यक्ष पद सामान्य श्रेणी के लिए रखा गया है। रेवाड़ी नगर परिषद में महिला चेयरमैन का पद 1995 में सामान्य महिला के पास था, 2000 में सामान्य (हरीश अरोड़ा), 2005 में पिछड़ा वर्ग (विजय राव) और 2020 में पहली बार हुए प्रत्यक्ष चुनाव में यह पिछड़ा वर्ग महिला (पूनम यादव) के खाते में गया।
अब 2026 में फिर से यह पद एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। दूसरी ओर 2008 में गठित धारूहेड़ा नगर पालिका में अब तक तीन चुनाव हो चुके हैं और यह चौथा चुनाव होगा।
-- -- -- -- -- -- -- -
चुनाव एक साथ लेकिन कार्यकाल अलग था
दोनों निकायों के पिछले चुनाव दिसंबर 2020 में एक साथ हुए थे लेकिन कार्यकाल अलग-अलग रहा। रेवाड़ी में जनवरी 2021 में शपथ ग्रहण हुआ था जिससे वहां का कार्यकाल जनवरी 2026 में पूरा हो गया। धारूहेड़ा में कानूनी कारणों से जून 2021 में शपथ ग्रहण हुआ जिससे उसका कार्यकाल जून 2026 तक था। चुनाव घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू होने से धारूहेड़ा का हाउस करीब दो महीने पहले ही भंग हो गया।
-- -- -- -- -- -- --
चुनाव की घोषणा के साथ ही दावेदारों ने सक्रियता बढ़ाई
चुनाव की घोषणा के साथ ही दावेदारों ने सक्रियता बढ़ा दी है और राजनीतिक दलों से टिकट हासिल करने के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। रेवाड़ी में भाजपा और कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है, जैसा कि 2020 के चुनाव में भी देखा गया था। उस समय भाजपा ने पार्षदों को भी टिकट दी थी जबकि कांग्रेस ने भी सिंबल पर चुनाव लड़ा था। वहीं धारूहेड़ा में स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। पिछली बार भाजपा ने गठबंधन के चलते यह सीट जजपा को दी थी और कांग्रेस ने यहां सिंबल पर प्रत्याशी नहीं उतारा था। इस बार दोनों प्रमुख दलों के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
विज्ञापन
रेवाड़ी नगर पालिका को 1995 में नगर परिषद दर्जा मिला था। जुलाई 1995 में रेवाड़ी नगर परिषद के पहली बार चुनाव हुए थे। 22 वार्ड पर चुनाव होने की घोषणा की गई थी लेकिन बाद में 24 वार्ड के चुनाव कराए गए थे। 30 सालों में 8 वार्ड बढ़े हैं। इस बार रेवाड़ी नगर परिषद के 32 वार्डों और धारूहेड़ा नगर पालिका के 18 वार्डों में चुनाव कराए जाएंगे।
विज्ञापन
पहले रेवाड़ी में 31 और धारूहेड़ा में 17 वार्ड थे। रेवाडी और धारूहेड़ा में एक-एक वार्ड बढ़ाया गया है। अलग से जिला बनने के बाद वर्ष 1994 में रेवाड़ी को नगर पालिका से नगर परिषद बनाया गया था। जुलाई 1995 में रेवाड़ी नगर परिषद के पहली बार चुनाव हुए थे।
विज्ञापन
बता देें कि धारूहेड़ा नगर पालिका अध्यक्ष पद सामान्य श्रेणी के लिए रखा गया है। रेवाड़ी नगर परिषद में महिला चेयरमैन का पद 1995 में सामान्य महिला के पास था, 2000 में सामान्य (हरीश अरोड़ा), 2005 में पिछड़ा वर्ग (विजय राव) और 2020 में पहली बार हुए प्रत्यक्ष चुनाव में यह पिछड़ा वर्ग महिला (पूनम यादव) के खाते में गया।
अब 2026 में फिर से यह पद एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। दूसरी ओर 2008 में गठित धारूहेड़ा नगर पालिका में अब तक तीन चुनाव हो चुके हैं और यह चौथा चुनाव होगा।
चुनाव एक साथ लेकिन कार्यकाल अलग था
दोनों निकायों के पिछले चुनाव दिसंबर 2020 में एक साथ हुए थे लेकिन कार्यकाल अलग-अलग रहा। रेवाड़ी में जनवरी 2021 में शपथ ग्रहण हुआ था जिससे वहां का कार्यकाल जनवरी 2026 में पूरा हो गया। धारूहेड़ा में कानूनी कारणों से जून 2021 में शपथ ग्रहण हुआ जिससे उसका कार्यकाल जून 2026 तक था। चुनाव घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू होने से धारूहेड़ा का हाउस करीब दो महीने पहले ही भंग हो गया।
चुनाव की घोषणा के साथ ही दावेदारों ने सक्रियता बढ़ाई
चुनाव की घोषणा के साथ ही दावेदारों ने सक्रियता बढ़ा दी है और राजनीतिक दलों से टिकट हासिल करने के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। रेवाड़ी में भाजपा और कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है, जैसा कि 2020 के चुनाव में भी देखा गया था। उस समय भाजपा ने पार्षदों को भी टिकट दी थी जबकि कांग्रेस ने भी सिंबल पर चुनाव लड़ा था। वहीं धारूहेड़ा में स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। पिछली बार भाजपा ने गठबंधन के चलते यह सीट जजपा को दी थी और कांग्रेस ने यहां सिंबल पर प्रत्याशी नहीं उतारा था। इस बार दोनों प्रमुख दलों के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।