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Rewari News: सोना चोरी के मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
Sun, 21 Jun 2026 11:44 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:44 PM IST
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रेवाड़ी। बावल थाना क्षेत्र में ज्वेलरी की दुकान से 68 ग्राम सोने के आभूषण चोरी होने के मामले में आरोपी कमला देवी की अग्रिम जमानत याचिका अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंकिता शर्मा की अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने माना कि मामले की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ आवश्यक है।
17 सितंबर 2025 को बावल थाना में दर्ज एफआईआर में शिकायतकर्ता बिजेंद्र सोनी ने बताया था कि 29 जुलाई 2025 को उनकी ज्वेलरी की दुकान पर एक महिला और पुरुष ग्राहक बनकर आए थे। खरीदारी के दौरान वे 68 ग्राम सोने के आभूषण चोरी कर ले गए। बाद में चोरी का पता चला।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी दरियाव सिंह और सुमन देवी की पहचान की गई। जांच में कमला देवी का नाम सामने आया। पुलिस का आरोप है कि कमला देवी साजिश में शामिल थी।
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बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि कमला देवी का नाम एफआईआर में नहीं है। वह घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थी। सरकारी पक्ष ने तर्क दिया कि चोरी के आभूषण बरामद नहीं हुए हैं। कमला देवी और एक अन्य महिला गुलाब देवी को जांच में शामिल किया जाना बाकी है। चोरी के माल की बरामदगी के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
20 जून को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि अग्रिम जमानत असाधारण परिस्थितियों में ही दी जाती है। वर्तमान मामले में आरोपी ऐसा कोई आधार प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिससे उसकी प्रथम दृष्टया बेगुनाही या विशेष कठिनाई साबित हो सके। इसी आधार पर अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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17 सितंबर 2025 को बावल थाना में दर्ज एफआईआर में शिकायतकर्ता बिजेंद्र सोनी ने बताया था कि 29 जुलाई 2025 को उनकी ज्वेलरी की दुकान पर एक महिला और पुरुष ग्राहक बनकर आए थे। खरीदारी के दौरान वे 68 ग्राम सोने के आभूषण चोरी कर ले गए। बाद में चोरी का पता चला।
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सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी दरियाव सिंह और सुमन देवी की पहचान की गई। जांच में कमला देवी का नाम सामने आया। पुलिस का आरोप है कि कमला देवी साजिश में शामिल थी।
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बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि कमला देवी का नाम एफआईआर में नहीं है। वह घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थी। सरकारी पक्ष ने तर्क दिया कि चोरी के आभूषण बरामद नहीं हुए हैं। कमला देवी और एक अन्य महिला गुलाब देवी को जांच में शामिल किया जाना बाकी है। चोरी के माल की बरामदगी के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
20 जून को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि अग्रिम जमानत असाधारण परिस्थितियों में ही दी जाती है। वर्तमान मामले में आरोपी ऐसा कोई आधार प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिससे उसकी प्रथम दृष्टया बेगुनाही या विशेष कठिनाई साबित हो सके। इसी आधार पर अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।