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Rewari News: दहेज उत्पीड़न व आत्महत्या मामले में साक्ष्य के अभाव में आरोपी बरी

Tue, 03 Mar 2026 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 03 Mar 2026 12:09 AM IST
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Accused acquitted in dowry harassment and suicide case due to lack of evidence
रेवाड़ी। साढ़े चार साल पुराने दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल की अदालत ने नागल पठानी निवासी आरोपी प्रदीप को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। मामले में 16 मार्च 2021 को जाटूसाना थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
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अभियोजन के अनुसार 11 मार्च 2021 को प्रदीप की पत्नी ने ससुराल में फंदे से लटककर जान दे दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घुटने से मौत की रिपोर्ट आई थी।
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घटना के पांच दिन बाद मृतका के पिता कैलाश चंद ने शिकायत दर्ज कराई थी कि शादी के बाद से उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी लाने के लिए दबाव डाला जाता था।
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अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मृतका के माता-पिता सहित आठ गवाह पेश किए। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि प्रारंभिक बयान में मृतका के पिता ने किसी पर आरोप नहीं लगाया था। पूर्व में दर्ज शिकायतें समझौते से निपट चुकी थीं और उनमें स्पष्ट रूप से दहेज का उल्लेख नहीं था।
26 फरवरी के फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया जिससे यह साबित हो सके कि मृतका को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था या आरोपी ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया था।
न्यायालय ने कहा कि धारा 107 आईपीसी के तहत उकसावे (अभियोजन) की आवश्यक शर्तें इस मामले में पूरी नहीं होतीं। यह भी सिद्ध नहीं हो पाया कि आरोपी ने किसी प्रकार से मृतका को आत्महत्या के लिए प्रेरित या मजबूर किया।

अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को सिद्ध करने में असफल रहा। फैसले में आगे कहा गया कि उपरोक्त निष्कर्षों के मद्देनजर अदालत के पास आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इसलिए, आरोपी को बरी किया जाता है।
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