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जरूरत के अनुसार अभी तक जिले को 20 प्रतिशत ही मिली खाद

Fri, 22 Oct 2021 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 12:03 AM IST
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According to the need, till now the district got only 20 percent fertilizer
नई अनाज मंडी में किसानों के हाथ पर टोकन नंबर लिखता पुलिसकर्मी। संवाद - फोटो : Rewari
जिले के किसानों की खाद को लेकर परेशानी बढ़ने वाली है। वीरवार को केवल इफ्को केंद्र पर एक हजार बैग खाद उपलब्ध थी। दोपहर तक इनमें से 700 से अधिक बैग वितरित किए जा चुके थे। अगर खाद की उपलब्धता की बात की जाय तो किसानों की जरूरत के अनुसार 20 प्रतिशत ही खाद मिल पाई है।
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जिले के किसानों को खाद की किल्लत के चलते भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान खाद के लिए सुबह जल्द ही आकर लाइन में लग जाते हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद खाद मिल पा रही है। अधिकतर किसानों को बिना खाद के ही लौटना पड़ रहा हैं। कई किसानों द्वारा अपने परिवार के सदस्यों को भी लाइन में लगाना पड़ रहा है, ताकि उनको सरसों की बिजाई की पर्याप्त खाद मिल सके। इफ्को केंद्र की बात करें तो अभी तक उनके पास 23 हजार बैंग खाद आई है। इफ्को केंद्र द्वारा लगभग सारी खाद वितरित की जा चुकी है।
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वहीं इस बार निजी केंद्रों पर खाद काफी आई है, लेकिन सरकारी रेट से अधिक पैसा लेने की वजह से किसान वहां से खाद लेने से कटरा रहे हैं। इफ्को केंद्र में खाद समाप्त होने के खाद किसानों की परेशानी ओर बढ़ने वाली हैं।
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प्राइवेट केंद्र वाले ले रहे अतिरिक्त चार्ज
किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर डीएपी की कीमत 1200 रुपये कट्टा है, जबकि निजी दुकानदार इसी बैग को 1400 से 1500 रुपये में बचे रहे हैं। साथ ही दुकानदार किसानों को रबी फसल में उपयोग के लिए खरपतवार कीटनाशक भी जबरदस्ती थोप रहे हैं, जिससे किसानों को एक बैग काफी महंगा पड़ रहा है। वहीं डीएपी खाद की कमी के कारण बीच-बीच में सरकारी खाद बीज केन्द्र बंद भी करने पड़े हैं। प्राइवेट खाद बीज केन्द्रों का हाल यह है कि किसान सुबह 4 बजे से ही सेंटर के बाहर लाइनों में लग जाते हैं। डीएपी खाद लेने के लिए किसानों को शाम तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। रेवाड़ी की नई अनाज मंडी स्थित कृभको, इफ्को व प्राइवेट केन्द्रों पर खासी भीड़ नजर आ रही हे। डीएपी को लेकर किस तरह की मारामारी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिक्री केद्रों पर पुलिस के जवानों तक को तैनात करना पड़ा है।
इफ्को केंद्र से किसानों को मिली 11.5 प्रतिशत खाद
जिले में किसानों को लगभग 2 लाख बैग खाद की जरूरत है, जबकि इफ्को केंद्र के पास 23 हजार बैग ही आए हैं। वहीं इफ्को केंद्र के पास लगभग खाद अब समाप्त हो चुकी है। जिले के अधिकांश किसानों को इफ्को केंद्र द्वारा खाद उपलब्ध करवाई जा रही है। इफ्को केंद्र खाद खत्म होने के बाद किसानों की परेशानी ओर बढ़ सकती है। वहीं जिले में सरसों की बिजाई के लिए किसानों ने पूरी तरह से अपने खेतों को तैयार कर लिया है। अभी किसानों को डीएपी खाद की सख्त जरूरत है, लेकिन किसानों को खाद के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
एक तो बारिश की वजह से फसल प्रभावित हुई है जिससे किसानों की मेहनत पानी हो गई है। दूसरी ओर खाद न मिलने के कारण सरसों की बिजाई में भी देरी हो रही है। ऐसे चलता रहा तो किसानों का बहुत नुकसान हो जाएगा। इस बार खाद न मिलने के कारण हद ही हो गई है। घर का सारा कामकाज छोड़कर लाइन में लगना पड़ रहा है ताकि खाद मिल सके। -रवींद्र कुमार, जीतपुरा
खाद की वजह से बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। पुलिस प्रशासन की निगरानी में किसानों को खाद तो दी जा रही है। मगर जो खाद की मात्रा मिल रही है। उसे बढ़ाना होगा। दूसरी ओर धूप में खड़े रहने की वजह से लाइन में खड़े लोग व महिलाएं परेशान है। पीने के पानी के लिए दूर जाना पड़ रहा है। उम्मीद है इस बार खाद जरूर मिल जाएगी। सतीश कुमार, बोहका।
सुबह 6 बजे से केंद्र में खाद मिलने का इंतजार कर रहे है। टोकन कटने के बाद आधार कार्ड से पंजीकरण कराकर ही सिर्फ दो बैग खाद के मिल रहे है। जो कि अपर्याप्त है। सरकार को कट्टों की संख्या बढ़ानी चाहिए ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके। धूप में खड़े रहकर हालात खराब हो गए है।
सुभाष सिंह, तिहाड़ा।
घर का सारा कामकाज छोड़कर सुबह से ही केंद्र पर खाद लेने के लिए लाइन में खड़े है। खाद न मिलने से बिजाई में देरी हो रही है। कड़ी धूप में लाइन में खड़े रहने से हालत बद से बदतर हो गई है। सुबह से न तो टोकन मिले है। न ही खाद मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। किसानों के लिए खाद का न मिलने बड़ी मुसीबत बन गई है।
सुमेर सिंह, ढ़ाणी जाटूसाना।
इफ्को केंद्र के पास जो खाद आ रही है उसे वितरित किया जा चुका है। एक किसान दो बैंग खाद वितरित किया जा रहा हैं। जितना केंद्र था उसे वितरित किया जा रहा हैं। सरकार की ओर अगर ओर आएगा तो वितरित कर दिया जाएगा। - आशीष, इफ्को केंद्र अधिकारी
विधायक ने सुनी किसानों की समस्याएं
विधायक चिरंजीव राव ने वीरवार को नई अनाज मंडी का दौरा कर किसानों से मुलाकात की। किसानों ने विधायक से खाद किल्लत के बारे में अवगत कराया। किसानों ने बताया कि एक तरफ उनको बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य नही मिला और दूसरी तरफ डीएपी खाद का संकट दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। विधायक चिरंजीव राव ने मौके पर जिला उपायुक्त यशेंद्र सिंह को सारी जानकारी दी। विधायक ने डीसी से डीएपी खाद के लिए एक काउंटर ओर खोलने को कहा ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके।

विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि किसान रोजाना लाईनों में खड़े रहते हैं। सुबह से शाम हो जाती है, किसी को खाद मिलती है तो किसी को नही। वीरवार को मात्र एक हजार कट्टे ही यहां आए हैं, जिससे मात्र 500 किसानों को ही खाद मिल पाएगी। बाकी किसान खाली हाथ घर लौटेंगे। इसी तरह से रोजाना यही हो रहा है पर्याप्त मात्रा में खाद नही आता है। जब सरकार को पता था कि अब किसानों को खाद की आवश्यकता होगी तो पहले से इंतजाम क्यों नही किया। इससे साफ पता चलता है कि सरकार किसानों के प्रति कितनी उदासीन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में गांवों में ही खाद मिल जाती थी लेकिन अब न तो गांव और न ही शहर में खाद मिल रही है। मौजूदा सरकार किसान विरोधी सरकार है।

 खाद केंद्र के बाहर खड़ी महिलाओं से बातचीत करते रेवाड़ी विधायक चिरंजीव राव। संवाद

खाद केंद्र के बाहर खड़ी महिलाओं से बातचीत करते रेवाड़ी विधायक चिरंजीव राव। संवाद- फोटो : Rewari

 खाद केंद्र के बाहर लगी किसानों और महिलाओं की भीड़। संवाद

खाद केंद्र के बाहर लगी किसानों और महिलाओं की भीड़। संवाद- फोटो : Rewari

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