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चौधर के लिए वोटों की बौछार, अब मिलेगी विकास को रफ्तार
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कुंड में मतदान केंद्र के बाहर खड़ीं महिलाएं।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। जिले मेें शनिवार को छिटपुट वारदात के बीच 361 सरपंच व 1325 पंच पदों के लिए मतदान संपन्न हो गया। इस दौरान मतदान प्रतिशत 78.3 रहा। जिले के 555453 मतदाताओं में से 434657 लोगों अपने मत का प्रयोग किया।
गांवों की सरकार के लिए चार सरपंच व 1847 पंचों को सर्वसम्मति से चुना जा चुका है। कई गांवों में 95 प्रतिशत तक वोटिंग भी हुई। उधर, गांव कसौली में वोट डालने को लेकर हुए विवाद को छोड़कर जिले भर में छिटपुट घटनाओं के अलावा बड़ा विवाद नहीं हुआ। इसके अलावा कई गांवों में ईवीएम खराब होने के कारण मतदान 15 मिनट से लेकर पौने घंटे तक रोका गया। वहीं दूसरी ओर सरपंच पद पर जीते प्रत्याशियों के समर्थकों ने जमकर खुशी मनाई और कहा कि अब गांवों का विकास तेजी से होगा।
सुबह सात बजे ही गांवों में बूथों पर लाइनें लग गई थीं। मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया था। इस दौरान पहले इसकी रफ्तार धीमी रही, लेकिन दोपहर 2 बजे के बाद रफ्तार पकड़ ली। इसके बाद मतदान चलता रहा।
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गांव नंदरामपुर बास सहित कुछेक गांवों में मतदान समय सीमा खत्म होने के छह बजे के बाद भी मतदान जारी रहा। छह बजे के बाद जहां मतदान पूरा हुआ, वहां मौके पर ही मतों की गिनती की गई। पहले पंचों के लिए मतपेटियां खोली गईं। इसके बाद सरपंचों के लिए ईवीएम से रिजल्ट निकला। इसके बाद विजेता प्रत्याशियों ने रात को ही जीत का जश्न मनाया। कई गांवों में वोट प्रतिशत 95 प्रतिशत तक पहुंचा, जिसमें गांव खातीवास सहित कई गांवों के बूथ शामिल हैं। उधर, कसोली में हुए विवाद पर कसौला थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि गांव में कुछ गांवों में मतदान के दौरान प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच तकरार में हुई, लेकिन मौजूद पुलिस बल ने सूझबूझ के साथ स्थिति संभाल ली। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को किसी भी प्रकार बाधित नहीं होने दिया गया। पुलिस के पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के चलते मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
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जिले में पंचायती राज संस्थाओं के सरपंच व पंच पद के लिए मतदान केंद्रों पर चुनाव संपन्न हो गया। जिला प्रशासन द्वारा सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। समूची चुनावी प्रक्रिया को चुनाव आयोग द्वारा दी गई हिदायतों के अनुसार शांतिपूर्ण और निष्पक्षता से संपन्न करवाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में आरओ, एआरओ, सेक्टर सुपरवाइजर, ड्यूटी मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारी नियुक्त किए थे, जिन्होंने पूरी जिम्मेदारी से चुनाव करवाया।
-अशोक कुमार गर्ग, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी
104 वर्षीय परमेश्वरी देवी ने परिजनों के साथ किया मतदान
गांव कढू भवानीपुरा निवासी 104 वर्षीय परमेश्वरी देवी ने परिजनों के साथ ढाई किलोमीटर दूर गांव मामड़िया आसमपुर में बने मतदान केंद्र में अपने मत का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि उसका पैर फ्रेक्चर हैं, लेकिन अपने मत का प्रयोग करने के लिए यहां पहुंची हूं। वोट का प्रयोग कर सभी को अपनी गांव की सरकार बनाने में करना चाहिए सहयोग।
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गांवों की सरकार के लिए चार सरपंच व 1847 पंचों को सर्वसम्मति से चुना जा चुका है। कई गांवों में 95 प्रतिशत तक वोटिंग भी हुई। उधर, गांव कसौली में वोट डालने को लेकर हुए विवाद को छोड़कर जिले भर में छिटपुट घटनाओं के अलावा बड़ा विवाद नहीं हुआ। इसके अलावा कई गांवों में ईवीएम खराब होने के कारण मतदान 15 मिनट से लेकर पौने घंटे तक रोका गया। वहीं दूसरी ओर सरपंच पद पर जीते प्रत्याशियों के समर्थकों ने जमकर खुशी मनाई और कहा कि अब गांवों का विकास तेजी से होगा।
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सुबह सात बजे ही गांवों में बूथों पर लाइनें लग गई थीं। मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया था। इस दौरान पहले इसकी रफ्तार धीमी रही, लेकिन दोपहर 2 बजे के बाद रफ्तार पकड़ ली। इसके बाद मतदान चलता रहा।
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गांव नंदरामपुर बास सहित कुछेक गांवों में मतदान समय सीमा खत्म होने के छह बजे के बाद भी मतदान जारी रहा। छह बजे के बाद जहां मतदान पूरा हुआ, वहां मौके पर ही मतों की गिनती की गई। पहले पंचों के लिए मतपेटियां खोली गईं। इसके बाद सरपंचों के लिए ईवीएम से रिजल्ट निकला। इसके बाद विजेता प्रत्याशियों ने रात को ही जीत का जश्न मनाया। कई गांवों में वोट प्रतिशत 95 प्रतिशत तक पहुंचा, जिसमें गांव खातीवास सहित कई गांवों के बूथ शामिल हैं। उधर, कसोली में हुए विवाद पर कसौला थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि गांव में कुछ गांवों में मतदान के दौरान प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच तकरार में हुई, लेकिन मौजूद पुलिस बल ने सूझबूझ के साथ स्थिति संभाल ली। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को किसी भी प्रकार बाधित नहीं होने दिया गया। पुलिस के पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के चलते मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
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जिले में पंचायती राज संस्थाओं के सरपंच व पंच पद के लिए मतदान केंद्रों पर चुनाव संपन्न हो गया। जिला प्रशासन द्वारा सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। समूची चुनावी प्रक्रिया को चुनाव आयोग द्वारा दी गई हिदायतों के अनुसार शांतिपूर्ण और निष्पक्षता से संपन्न करवाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में आरओ, एआरओ, सेक्टर सुपरवाइजर, ड्यूटी मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारी नियुक्त किए थे, जिन्होंने पूरी जिम्मेदारी से चुनाव करवाया।
-अशोक कुमार गर्ग, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी
104 वर्षीय परमेश्वरी देवी ने परिजनों के साथ किया मतदान
गांव कढू भवानीपुरा निवासी 104 वर्षीय परमेश्वरी देवी ने परिजनों के साथ ढाई किलोमीटर दूर गांव मामड़िया आसमपुर में बने मतदान केंद्र में अपने मत का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि उसका पैर फ्रेक्चर हैं, लेकिन अपने मत का प्रयोग करने के लिए यहां पहुंची हूं। वोट का प्रयोग कर सभी को अपनी गांव की सरकार बनाने में करना चाहिए सहयोग।