{"_id":"66dcaaa84b417be91a03d574","slug":"a-literate-family-can-make-the-future-secure-manju-rewari-news-c-198-1-rew1001-209065-2024-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साक्षर परिवार का भविष्य बना सकता है सुरक्षित : मंजू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक साक्षर परिवार का भविष्य बना सकता है सुरक्षित : मंजू
Sun, 08 Sep 2024 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 08 Sep 2024 01:04 AM IST
विज्ञापन
फोटो: 16रेवाड़ी। गांव बगथला में जागरूकता रैली को झंडी दिखाकर रवाना करती प्राध्यापिका विमल य
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। गांव बगथला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विश्व साक्षरता दिवस पर प्राचार्य मंजू बाई की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं हुईं।
स्लोगन प्रतियोगिता में आशा प्रथम, रोहित द्वितीय व खुशी तृतीय स्थान पर रहीं। प्राध्यापिका विमल यादव ने जागरूकता रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। विद्यार्थियों ने गांव में लोगों को रैली के माध्यम से साक्षरता का संदेश दिया। इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि प्रत्येक साक्षर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी बनती है कि उसके आस-पास कोई भी निरक्षर व्यक्ति ना रहे। उसे जागरूक करके साक्षर बनाने का प्रयास करें। एक साक्षर व्यक्ति अपने साथ-साथ अपने परिवार का भविष्य भी सुरक्षित बना सकता है।
राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित प्राध्यापक राजेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि प्रत्येक व्यक्ति साक्षर हो व किसी न किसी विद्या में प्रशिक्षित हो तो वह अपने साथ दूसरों को बेरोजगार देने में सक्षम रहेगा। प्राध्यापक हर्ष कुमार ने बताया कि जागरूकता से ही हम 100 प्रतिशत साक्षरता की कल्पता कर सकते हैं। जब तक सभी लोगों को शिक्षा के महत्व के बारे में पता नहीं लग जाए शिक्षा ही एक ऐसा हथियार है जिसके द्वारा देश को आसानी से विकसित बनाया जा सकता है। इस वर्ष 24 सितंबर को 126 वृद्ध विद्यार्थियों को साक्षरता परीक्षा में शामिल किया जाएगा और उनको साक्षर बनाया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालय के सभी प्राध्यापक व बच्चे उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। गांव बगथला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विश्व साक्षरता दिवस पर प्राचार्य मंजू बाई की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं हुईं।
स्लोगन प्रतियोगिता में आशा प्रथम, रोहित द्वितीय व खुशी तृतीय स्थान पर रहीं। प्राध्यापिका विमल यादव ने जागरूकता रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। विद्यार्थियों ने गांव में लोगों को रैली के माध्यम से साक्षरता का संदेश दिया। इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि प्रत्येक साक्षर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी बनती है कि उसके आस-पास कोई भी निरक्षर व्यक्ति ना रहे। उसे जागरूक करके साक्षर बनाने का प्रयास करें। एक साक्षर व्यक्ति अपने साथ-साथ अपने परिवार का भविष्य भी सुरक्षित बना सकता है।
विज्ञापन
राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित प्राध्यापक राजेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि प्रत्येक व्यक्ति साक्षर हो व किसी न किसी विद्या में प्रशिक्षित हो तो वह अपने साथ दूसरों को बेरोजगार देने में सक्षम रहेगा। प्राध्यापक हर्ष कुमार ने बताया कि जागरूकता से ही हम 100 प्रतिशत साक्षरता की कल्पता कर सकते हैं। जब तक सभी लोगों को शिक्षा के महत्व के बारे में पता नहीं लग जाए शिक्षा ही एक ऐसा हथियार है जिसके द्वारा देश को आसानी से विकसित बनाया जा सकता है। इस वर्ष 24 सितंबर को 126 वृद्ध विद्यार्थियों को साक्षरता परीक्षा में शामिल किया जाएगा और उनको साक्षर बनाया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालय के सभी प्राध्यापक व बच्चे उपस्थित रहे।
विज्ञापन