रेवाड़ी। गांव गोठड़ा स्थित सैनिक स्कूल के 80 कैडेटों व कर्मचारियों के दल ने शैक्षणिक भ्रमण प्रभारी योगेश कुमार सिंघल व अरुण कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में वायुसेना स्टेशन अम्बाला का शैक्षणिक भ्रमण कर वायुसेना के कामकाज, उपकरणों व उनके रखरखाव, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, विमानों की टेकऑफ व लैंडिंग, एयरफोर्स एक करियर के रूप में विषय पर गाइडेंस और वायुसैनिकों की जीवनशैली के बारे में जाना। कैडेटों ने जैगुआर, राफेल जैसे लड़ाकू विमानों का नजदीक से अवलोकन कर उनकी कार्य प्रणाली की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान कैडेटों को वायु सेवा कार्गो विमान की लैंडिंग तथा तीन राफेल लड़ाकू विमान के टेक ऑफ का दृश्य लगभग 50 मीटर की दूरी से दिखाया गया। इसके अतिरिक्त ग्रुप कैप्टन जेएस मैनी व विंग कमांडर जगमीत शर्मा ने न केवल वायु सेना व भारतीय सेना के प्रति जागरूक कर उसकी प्रतिष्ठा के बारे में बताया। वायु सेना की शिक्षा कोर के सार्जेंट रहाणे दल के संपर्क प्रभारी के रूप में भ्रमण दल के साथ उपस्थित रहे। गौरतलब है कि ब्रिटिश काल में अंबाला में एयरबेस स्थापित किया गया था। यह एयरबेस करीब सौ साल पुराना है। अंबाला देश के सबसे पुराने एयरबेस में शामिल है, जो कभी रॉयल एयरफोर्स का हिस्सा रहा है। आजादी के बाद इसे भारतीय वायुसेना का नाम दिया गया। इसी एयरबेस पर फ्रोजन टीयर मेमोरियल है, जो जांबाज वायुसैनिकों की याद दिलाता है। इस मौके पर विद्यालय प्राचार्य कैप्टन(भारतीय नौसेना)ब्रजकिशोर ने बताया कि शैक्षणिक भ्रमण सैनिक स्कूल पाठ्यक्रम का नियमित हिस्सा है। कक्षा वातावरण से इतर इसमें व्यावहारिक माहौल में सीखने, नवीन खोज व अन्वेषण करने, अवलोकन कर मूल्यवान ज्ञान व कौशल अर्जित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कैडेटों को भ्रमण से जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने और उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया।