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आईजीयू: अग्रेजी एमए के इंटरनल में यूनिवर्सिटी सभी विद्यार्थी अनुपस्थित .....
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:52 AM IST
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आईजीयू : एमए अंग्रेजी के प्रथम सेमेस्टर की आंतरिक परीक्षा में सभी विद्यार्थियों को अनुपस्थित दिखाकर नहीं दिए नंबर
महेश यादव
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय की ओर आयोजित की जा रही परीक्षाओं में खामियां दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक माह में पहले विवि के साथ 41 कॉलेजों के 350 विद्यार्थियों के फिजिक्स विषय में फेल होने के बाद अब एमए इंग्लिश विषय के प्रथम सेमेस्टर की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा में सभी 32 विद्यार्थियों को अनुपस्थित दिखाया गया है। विवि की इस गलती की वजह से विद्यार्थियों पर दोहरी मार पड़ रही है। क्योंकि ये विद्यार्थी अब द्वितीय सेमेस्टर के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाए। इन्हें अब लेट फीस भी भरनी पड़ेगी। विद्यार्थियों द्वारा सीएम विंडो में शिकायत के बाद विवि प्रशासन ने लेट फीस तो 500 रुपये तय कर दी है लेकिन आंतरिक मूल्यांकन के नंबरों को लेकर कोई समाधान नहीं किया है।
दरअसल विवि की तरफ से 80 नंबर परीक्षा के आधार पर दिए जाते हैं जबकि 20 नंबर आंतरिक होते हैं। इसके लिए भी आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा होती है। इस परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को 20 में से नंबर दिए जाते हैं। लेकिन यहां पर विवि ने 32 विद्यार्थियों को अनुपस्थित दिखाकर किसी भी नंबर नहीं दिया। इस समस्या के समाधान के लिए एमए के विद्यार्थी परीक्षा नियंत्रक से लेकर वीसी तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आईजीयू प्रशासन विद्यार्थियों की समस्या का समाधान करने की बजाय एक दूसरे को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि विवि की ओर से दिसंबर-जनवरी माह में एमए अंग्रेजी के प्रथम वर्ष के पहले सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित करवाई थी। परीक्षा के दौरान यूनिवर्सिटी के सभी 32 विद्यार्थियों ने आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा भी दी थी। लेकिन आईजीयू की ओर से घोषित परीक्षा परिणाम में आंतरिक परीक्षा में सभी विद्यार्थियों को अनुपस्थित दिखाया गया है। इसकी वजह से उनको जो नंबर मिलने थे वे नहीं मिल पाए और नंबर कम हो गए। आंतरिक नंबर जुड़वाने की मांग को लेकर एग्जाम कंट्रोलर से लेकर वीसी तक विद्यार्थी कई बार मिल चुके है लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है।
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सीएम विंडो में शिकायत के बाद कम की लेट फीस
आईजीयू अंग्रेजी एमए के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने आंतरिक नंबर जुड़वाने की मांग को लेकर सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। लेकिन शिकायत के बाद भी भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसमें रोचक बात यह है कि सीएम विंडो पर शिकायत से पहले विद्यार्थियों से 25 रुपये प्रतिदिन लेट फीस ली जा रही थी जो कि अब 500 रुपये फिक्स तर कर दी गई है।
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महेश यादव
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय की ओर आयोजित की जा रही परीक्षाओं में खामियां दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक माह में पहले विवि के साथ 41 कॉलेजों के 350 विद्यार्थियों के फिजिक्स विषय में फेल होने के बाद अब एमए इंग्लिश विषय के प्रथम सेमेस्टर की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा में सभी 32 विद्यार्थियों को अनुपस्थित दिखाया गया है। विवि की इस गलती की वजह से विद्यार्थियों पर दोहरी मार पड़ रही है। क्योंकि ये विद्यार्थी अब द्वितीय सेमेस्टर के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाए। इन्हें अब लेट फीस भी भरनी पड़ेगी। विद्यार्थियों द्वारा सीएम विंडो में शिकायत के बाद विवि प्रशासन ने लेट फीस तो 500 रुपये तय कर दी है लेकिन आंतरिक मूल्यांकन के नंबरों को लेकर कोई समाधान नहीं किया है।
दरअसल विवि की तरफ से 80 नंबर परीक्षा के आधार पर दिए जाते हैं जबकि 20 नंबर आंतरिक होते हैं। इसके लिए भी आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा होती है। इस परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को 20 में से नंबर दिए जाते हैं। लेकिन यहां पर विवि ने 32 विद्यार्थियों को अनुपस्थित दिखाकर किसी भी नंबर नहीं दिया। इस समस्या के समाधान के लिए एमए के विद्यार्थी परीक्षा नियंत्रक से लेकर वीसी तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आईजीयू प्रशासन विद्यार्थियों की समस्या का समाधान करने की बजाय एक दूसरे को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि विवि की ओर से दिसंबर-जनवरी माह में एमए अंग्रेजी के प्रथम वर्ष के पहले सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित करवाई थी। परीक्षा के दौरान यूनिवर्सिटी के सभी 32 विद्यार्थियों ने आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा भी दी थी। लेकिन आईजीयू की ओर से घोषित परीक्षा परिणाम में आंतरिक परीक्षा में सभी विद्यार्थियों को अनुपस्थित दिखाया गया है। इसकी वजह से उनको जो नंबर मिलने थे वे नहीं मिल पाए और नंबर कम हो गए। आंतरिक नंबर जुड़वाने की मांग को लेकर एग्जाम कंट्रोलर से लेकर वीसी तक विद्यार्थी कई बार मिल चुके है लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है।
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सीएम विंडो में शिकायत के बाद कम की लेट फीस
आईजीयू अंग्रेजी एमए के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने आंतरिक नंबर जुड़वाने की मांग को लेकर सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। लेकिन शिकायत के बाद भी भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसमें रोचक बात यह है कि सीएम विंडो पर शिकायत से पहले विद्यार्थियों से 25 रुपये प्रतिदिन लेट फीस ली जा रही थी जो कि अब 500 रुपये फिक्स तर कर दी गई है।
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