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‘नदी बोर्ड बनाकर दक्षिणी हरियाणा को मिले पानी’

Sun, 10 Sep 2017 11:39 PM IST
Updated Sun, 10 Sep 2017 11:39 PM IST
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‘नदी बोर्ड बनाकर दक्षिणी हरियाणा को मिले पानी’
अमर उजाला ब्यूरो
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रेवाड़ी।
भारतीय जनता पार्टी के व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सतीश खोला ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर गंगा और यमुना जैसी अंतर राज्यीय नदियों के लिए नदी बोर्ड बनाकर दक्षिणी हरियाणा को पानी दिलाने की मांग की है। पत्र में बताया कि रिवर बोर्ड एक्ट 1956 की धारा चार के तहत गंगा और यमुना जैसी अंतर राज्यीय नदियों के लिए नदी बोर्ड बनाने का प्रावधान था। केंद्र सरकार नदी के प्रवाह क्षेत्र वाले राज्यों के साथ परामर्श कर आमराय से यह बोर्ड बना सकती थी। इस कानून के तहत बनने वाले बोर्ड इतने शक्तिशाली होते हैं कि उन्हें जलापूर्ति से लेकर नदियों के प्रदूषण के संबंध में नियम बनाने का अधिकार होता। साथ ही बोर्डों को नदियों के किनारे पौधे लगाने, नदी बेसिन के विकास की योजनाएं बनाने और उनके क्रियान्वयन की निगरानी की शक्ति भी हासिल होती। अभी तक किसी भी सरकार ने इस कानून को लागू कर नदियों के बोर्ड गठित करने की जहमत नहीं उठाई। केंद्र ने 1995 में एक प्रस्ताव के जरिये अपर यमुना बोर्ड बनाया। इसका काम नदी के जल में राज्यों की हिस्सेदारी तो थी लेकिन हरियाणा को पानी प्राप्ति को लेकर अभी तक न्याय नहीं मिला। प्रशासनिक सुधार आयोग ने भी अपनी रिपोर्ट में दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस एवं चीन का उदाहरण भी दिया। जहां पानी के बेहतर प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय कानून या नदी बेसिन के लिए तंत्र बनाए गए हैं। ऐसे में दक्षिण हरियाणा में पेयजल संकट को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
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