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74.41 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में टाप रहा रेवाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 May 2017 12:33 AM IST
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12वीं परिणाम से खुश छात्राएं एक दूसरे को मिठाई खिलाती।
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के 12वीं के परीक्षा परिणाम में जिले ने 74.41 फीसदी परिणाम के साथ प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि से जिले के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों में खुशी की लहर है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई दी। जिले ने ओवरऑल ही नहीं बल्कि जिले के विवेकानंद स्कूल कोसली के छात्र हरीश शर्मा ने 500 में से 491 अंक प्राप्त कर विज्ञान संकाय में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। गांव मंदौला के जीवन ज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा एवं नांगल जमालपुर गांव निवासी सुधा ने 488 अंकों के साथ प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है।
इस बार 8.50 प्रतिशत बढ़ा परीक्षा परिणाम
इस वर्ष जिले के विद्यार्थियों ने पिछले वर्ष की तुलना में परीक्षा परिणाम 65.80 में करीब 8.50 प्रतिशत का सुधार कर 74.41 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। पिछले साल जिले ने प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। इससे पूर्व वर्ष 2014-15 में 52.97 फीसदी के साथ जिला 14वें पायदान पर था। प्रदेश की बात करें तो कुल पास छात्र 57.58 फीसदी और छात्राओं ने 73.44 फीसदी पास प्रतिशत प्राप्त किया है।
6243 बच्चे हुए उत्तीर्ण
जिले से 12वीं की परीक्षा में कुल 8390 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 6243 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। वहीं 695 बच्चे अनुत्तीर्ण हुए जबकि 1428 बच्चों का कंपार्टमेंट रहा। वहीं अगर पिछले साल की बात करेें तो कुल 9843 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 6486 विद्यार्थी ही उत्तीर्ण हुए थे। पिछले साल रेवाड़ी सूबे में 14वें स्थान से चौथे नंबर पर आया था।
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कोट
सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं में वर्ष 2014 की पीजीटी शिक्षक भर्ती के बाद परीक्षा परिणाम में निरंतर बढ़ोत्तरी हुई है। राजकीय स्कूलों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिला और प्रतिभा रंग लाई। जिले ने 12वीं के परीक्षा परिणाम में टॉप कर इतिहास रच दिया है। परीक्षा परिणाम सुनकर बेहद खुशी हुई। उम्मीद है जिले के बच्चे यह रिकॉर्ड निरंतर बनाए रखेंगे। - अनिल यादव, इतिहास प्रवक्ता, डाइट
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12वीं के परीक्षा परिणाम ने राजकीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर को प्रदर्शित किया है। हर दिन स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बेहतर हो रहा है। इसमें शिक्षकों और विद्यार्थियों का बराबर योगदान है। मैं प्रदेश में टॉप करने वाले जिले के दो विद्यार्थियों सहित अन्य सभी बच्चों को बधाई देता हूूं। अगले वर्ष भी हमारे विद्यार्थी इसी मेहनत और लगन के साथ यह रिकॉर्ड कायम रखने में कामयाब होंगे। - सुभाषचंद, बीईओ, रेवाड़ी खंड
कर्ज लेकर कराई बेटे की पढ़ाई, बनाया सूबे में टॉपर
हरीश ने विज्ञान संकाय में 500 में से हासिल किए 491 अंक
.......13,14
अमित विश्वकर्मा
रेवाड़ी।
बिना ट्यूशन लिए और संसाधन के अभाव में हरियाणा में 491 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त कर हरीश शर्मा ने मध्यम एवं निम्न वर्ग के विद्यार्थियों को प्रेरित किया है। पापा को छोटी सी दुकान पर डीवीडी बेचते देख बड़े हुए हरीश ने बचपन में ठान लिया था कि उसे डॉक्टर बन लोगों की सेहत ठीक करनी है। बहादुर गढ़ में चाचा के क्लीनिक को देख भी हरीश के मन में डॉक्टर बनने की इच्छा बलवती हो गई थी। इसी का परिणाम था कि 12वीं में मेडिकल लेकर बायोलॉजी में 100 अंक हासिल कर अपने हौसलों को बता दिया। शर्मा ने फिजिक्स में 99 एवं कैमेस्ट्रिी में 98 अंक प्राप्त किए हैं। सूबे के टॉपर हरीश शर्मा और उनके परिजनों से अमर उजाला ने विशेष बातचीत कर
उनकी परिस्थितियां जानीं।
कर्ज लिया लेकिन नहीं रुकने दी पढ़ाई
बातचीत में हरीश के पिता सुनील शर्मा ने बताया कि वह कोसली में डीवीडी किराए पर देकर घर का गुजर बसर करते थे। इसके बाद कुछ दिनों पहले ही कुछ पैसे उधार लेकर बैट्री की दुकान शुरू की है। उन्होंने बताया कि आज के समय में पढ़ाई काफी मंहगी हो चुकी है। किताबें भी बहुत मंहगी आती हैं। बड़ी बेटी बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। हरीश की पढ़ाई के दौरान उन्हें कई बार पैसे की जरूरत पड़ी। लेकिन उन्होंने कभी भी हरीश की पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया। इसके लिए कई बार पैसा उधार भी लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज बेटे ने सारी मेहनत वसूल कर दी है।
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मन में इच्छा हो तो सब हासिल किया जा सकता है
कोसली स्थित विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले कोसली के ही विश्वकर्मा कॉलोनी निवासी हरीश शर्मा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उन्होंने कभी भी ट्यूशन नहीं लिया। उन्होंने बताया कि यदि मन में कुछ करने की इच्छा है तो सब कुछ हासिल किया जा सकता है। मैंने कभी पहले स्थान पर आने की नहीं सोची थी। लेकिन बस पढ़ने की धुन थी। वह हमेशा घर से स्कूल तक पैदल जाता था। इससे उनकी एक्सरसाइज भी हो जाती थी। उन्होंने बताया कि घर में स्मार्ट फोन भी मौजूद नहीं है।
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इस बार 8.50 प्रतिशत बढ़ा परीक्षा परिणाम
इस वर्ष जिले के विद्यार्थियों ने पिछले वर्ष की तुलना में परीक्षा परिणाम 65.80 में करीब 8.50 प्रतिशत का सुधार कर 74.41 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। पिछले साल जिले ने प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। इससे पूर्व वर्ष 2014-15 में 52.97 फीसदी के साथ जिला 14वें पायदान पर था। प्रदेश की बात करें तो कुल पास छात्र 57.58 फीसदी और छात्राओं ने 73.44 फीसदी पास प्रतिशत प्राप्त किया है।
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6243 बच्चे हुए उत्तीर्ण
जिले से 12वीं की परीक्षा में कुल 8390 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 6243 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। वहीं 695 बच्चे अनुत्तीर्ण हुए जबकि 1428 बच्चों का कंपार्टमेंट रहा। वहीं अगर पिछले साल की बात करेें तो कुल 9843 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 6486 विद्यार्थी ही उत्तीर्ण हुए थे। पिछले साल रेवाड़ी सूबे में 14वें स्थान से चौथे नंबर पर आया था।
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सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं में वर्ष 2014 की पीजीटी शिक्षक भर्ती के बाद परीक्षा परिणाम में निरंतर बढ़ोत्तरी हुई है। राजकीय स्कूलों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिला और प्रतिभा रंग लाई। जिले ने 12वीं के परीक्षा परिणाम में टॉप कर इतिहास रच दिया है। परीक्षा परिणाम सुनकर बेहद खुशी हुई। उम्मीद है जिले के बच्चे यह रिकॉर्ड निरंतर बनाए रखेंगे। - अनिल यादव, इतिहास प्रवक्ता, डाइट
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12वीं के परीक्षा परिणाम ने राजकीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर को प्रदर्शित किया है। हर दिन स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बेहतर हो रहा है। इसमें शिक्षकों और विद्यार्थियों का बराबर योगदान है। मैं प्रदेश में टॉप करने वाले जिले के दो विद्यार्थियों सहित अन्य सभी बच्चों को बधाई देता हूूं। अगले वर्ष भी हमारे विद्यार्थी इसी मेहनत और लगन के साथ यह रिकॉर्ड कायम रखने में कामयाब होंगे। - सुभाषचंद, बीईओ, रेवाड़ी खंड
कर्ज लेकर कराई बेटे की पढ़ाई, बनाया सूबे में टॉपर
हरीश ने विज्ञान संकाय में 500 में से हासिल किए 491 अंक
.......13,14
अमित विश्वकर्मा
रेवाड़ी।
बिना ट्यूशन लिए और संसाधन के अभाव में हरियाणा में 491 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त कर हरीश शर्मा ने मध्यम एवं निम्न वर्ग के विद्यार्थियों को प्रेरित किया है। पापा को छोटी सी दुकान पर डीवीडी बेचते देख बड़े हुए हरीश ने बचपन में ठान लिया था कि उसे डॉक्टर बन लोगों की सेहत ठीक करनी है। बहादुर गढ़ में चाचा के क्लीनिक को देख भी हरीश के मन में डॉक्टर बनने की इच्छा बलवती हो गई थी। इसी का परिणाम था कि 12वीं में मेडिकल लेकर बायोलॉजी में 100 अंक हासिल कर अपने हौसलों को बता दिया। शर्मा ने फिजिक्स में 99 एवं कैमेस्ट्रिी में 98 अंक प्राप्त किए हैं। सूबे के टॉपर हरीश शर्मा और उनके परिजनों से अमर उजाला ने विशेष बातचीत कर
उनकी परिस्थितियां जानीं।
कर्ज लिया लेकिन नहीं रुकने दी पढ़ाई
बातचीत में हरीश के पिता सुनील शर्मा ने बताया कि वह कोसली में डीवीडी किराए पर देकर घर का गुजर बसर करते थे। इसके बाद कुछ दिनों पहले ही कुछ पैसे उधार लेकर बैट्री की दुकान शुरू की है। उन्होंने बताया कि आज के समय में पढ़ाई काफी मंहगी हो चुकी है। किताबें भी बहुत मंहगी आती हैं। बड़ी बेटी बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। हरीश की पढ़ाई के दौरान उन्हें कई बार पैसे की जरूरत पड़ी। लेकिन उन्होंने कभी भी हरीश की पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया। इसके लिए कई बार पैसा उधार भी लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज बेटे ने सारी मेहनत वसूल कर दी है।
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मन में इच्छा हो तो सब हासिल किया जा सकता है
कोसली स्थित विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले कोसली के ही विश्वकर्मा कॉलोनी निवासी हरीश शर्मा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उन्होंने कभी भी ट्यूशन नहीं लिया। उन्होंने बताया कि यदि मन में कुछ करने की इच्छा है तो सब कुछ हासिल किया जा सकता है। मैंने कभी पहले स्थान पर आने की नहीं सोची थी। लेकिन बस पढ़ने की धुन थी। वह हमेशा घर से स्कूल तक पैदल जाता था। इससे उनकी एक्सरसाइज भी हो जाती थी। उन्होंने बताया कि घर में स्मार्ट फोन भी मौजूद नहीं है।