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Rewari News: बुखार पीड़ित 68 लोगों की जांच, 11 डेंगू पीड़ित मिले
Sat, 19 Oct 2024 02:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 19 Oct 2024 02:36 AM IST
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फोटो : 26रेवाड़ी। लारवा जांच करते स्वास्थ्य कर्मी। स्रोत : विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में डेंगू मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को 68 बुखार पीड़ितों के रक्त की जांच की। इनमें से डेंगू के 11 मरीज पाए गए। इनमें राजगढ़, सुरहेली, नाहर, बेरली खुर्द, नई आबादी, नई बस्ती, मुक्तिवाड़ा, नई अनाज मंडी, माता चौक बस स्टैंड के पास, झज्जर चौक, विजय नगर के एक-एक मरीज हैं।
जिले में अब डेंगू के मरीजों की संख्या 159 हो गई है। इससे पहले एक दिन में सबसे ज्यादा 15 मरीज पिछले सप्ताह मिले थे। डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या देखकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें सतर्क हो गई हैं। लगातार घर-घर सर्वे किया जा रहा है। अभी तक जिलेभर के 1552842 घरों में पानी के बर्तनों में मच्छरों के लार्वा मिल चुके हैं। मच्छरों का लार्वा मिलने पर 3783 घरों के मालिकों को नोटिस दिया गया है। वहीं, नागरिक अस्पताल में बनाए गए डेंगू वार्ड में कोई भी मरीज भर्ती नहीं है। सभी मरीजों का इलाज घर पर ही चल रहा है। अभी तक 130 मरीज ठीक हो चुके हैं। विभाग ने अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड और दो डॉक्टर ट्रॉमा सेंटर में तैनात किए हुए हैं। ये 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं।
डेंगू का प्रकोप बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों में टीमें बनाकर मच्छरों के लार्वा की जांच के लिए फिर सर्वे शुरू कर दिया है। अधिकतर घरों में रखी टंकी, कूलरों व खाली पड़े बर्तनों भरे पानी में मच्छरों के लार्वे मिल रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लार्वा सबसे ज्यादा कूलर के पानी में मिल रहा है। इसके अलावा छतों पर रखे पुराने बर्तन, टंकियां जिनमें साफ पानी भरा है, उनमें मच्छर पनप रहे हैं।
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अबतक रेवाड़ी शहर में 72, सीएचसी गुरवाड़ा में 15, सीएचसी मीरपुर में 23, सीएचसी बावल में 12, सीएचसी खोल में 9 और सीएचसी नाहड़ में 19 डेंगू मरीज मिल चुके हैं।
ऐसे करें डेंगू-मलेरिया से बचाव
मलेरिया हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने बताया कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए घर में आसपास साफ-सफाई रखें। ठहरे हुए पानी में काला तेल डालें। घरों के बर्तन, कूलर, पानी की टंकी की सफाई करते रहे, जिससे मच्छरों का लार्वा न पनप सके। डेंगू और मलेरिया के लक्षण होने पर ब्लड की जांच कराकर डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें। ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थ का सेवन करें।
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वर्जन
गत वर्ष के मुकाबले इस बार डेंगू के केस कम मिल रहे हैं। मरीज जल्दी ठीक हो रहे हैं। डेंगू को नियंत्रित करने के लिए घर-घर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां डेंगू के केस मिल रहे हैं, वहां फॉगिंग कराई जा रही है। - डॉ. अमित यादव, डिप्टी सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी, रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। जिले में डेंगू मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को 68 बुखार पीड़ितों के रक्त की जांच की। इनमें से डेंगू के 11 मरीज पाए गए। इनमें राजगढ़, सुरहेली, नाहर, बेरली खुर्द, नई आबादी, नई बस्ती, मुक्तिवाड़ा, नई अनाज मंडी, माता चौक बस स्टैंड के पास, झज्जर चौक, विजय नगर के एक-एक मरीज हैं।
जिले में अब डेंगू के मरीजों की संख्या 159 हो गई है। इससे पहले एक दिन में सबसे ज्यादा 15 मरीज पिछले सप्ताह मिले थे। डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या देखकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें सतर्क हो गई हैं। लगातार घर-घर सर्वे किया जा रहा है। अभी तक जिलेभर के 1552842 घरों में पानी के बर्तनों में मच्छरों के लार्वा मिल चुके हैं। मच्छरों का लार्वा मिलने पर 3783 घरों के मालिकों को नोटिस दिया गया है। वहीं, नागरिक अस्पताल में बनाए गए डेंगू वार्ड में कोई भी मरीज भर्ती नहीं है। सभी मरीजों का इलाज घर पर ही चल रहा है। अभी तक 130 मरीज ठीक हो चुके हैं। विभाग ने अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड और दो डॉक्टर ट्रॉमा सेंटर में तैनात किए हुए हैं। ये 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं।
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डेंगू का प्रकोप बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों में टीमें बनाकर मच्छरों के लार्वा की जांच के लिए फिर सर्वे शुरू कर दिया है। अधिकतर घरों में रखी टंकी, कूलरों व खाली पड़े बर्तनों भरे पानी में मच्छरों के लार्वे मिल रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लार्वा सबसे ज्यादा कूलर के पानी में मिल रहा है। इसके अलावा छतों पर रखे पुराने बर्तन, टंकियां जिनमें साफ पानी भरा है, उनमें मच्छर पनप रहे हैं।
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अबतक रेवाड़ी शहर में 72, सीएचसी गुरवाड़ा में 15, सीएचसी मीरपुर में 23, सीएचसी बावल में 12, सीएचसी खोल में 9 और सीएचसी नाहड़ में 19 डेंगू मरीज मिल चुके हैं।
ऐसे करें डेंगू-मलेरिया से बचाव
मलेरिया हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने बताया कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए घर में आसपास साफ-सफाई रखें। ठहरे हुए पानी में काला तेल डालें। घरों के बर्तन, कूलर, पानी की टंकी की सफाई करते रहे, जिससे मच्छरों का लार्वा न पनप सके। डेंगू और मलेरिया के लक्षण होने पर ब्लड की जांच कराकर डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें। ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थ का सेवन करें।
वर्जन
गत वर्ष के मुकाबले इस बार डेंगू के केस कम मिल रहे हैं। मरीज जल्दी ठीक हो रहे हैं। डेंगू को नियंत्रित करने के लिए घर-घर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां डेंगू के केस मिल रहे हैं, वहां फॉगिंग कराई जा रही है। - डॉ. अमित यादव, डिप्टी सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी, रेवाड़ी।