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मोहनपुर की नाबालिक छात्रा न मिलने पर अनुसूचित जाति में रोष.....03
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:51 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बावल। क्षेत्र के गांव मोहनपुर से 27 जून को रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता नाबालिग छात्रा की बरामदगी नहीं होने के विरोध में बावल चौरासी के आह्वान पर जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल के आवास के बाहर दिया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को भी जारी रहा है। उधर इस मामले में अजा संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक भी हुई जिसमें जल्द नार्को टेस्ट कराकर मामले का खुलासा करने की मांग की गई।
धरने का संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मोहनपुर गांव से नाबालिग छात्रा को लापता हुए पांच माह से भी अधिक का समय बीत चुका है। पुलिस की तीन एजेंसियों की जांच के बाद भी नाबालिग का कोई सुराग नहीं लगना पुलिस की छवि को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने शुरू से ही छात्रा की बरामदगी के मामले में ढुलमुल रवैया अपनाया है। मामले में अभी तक स्टेट क्राइम ब्यूरो को भी कोई सफलता नहीं मिली है जिससे साफ है कि सरकार इस मसले को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि नाबालिग छात्रा की बरामदगी नहीं होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। इस अवसर पर माडाराम, रामचंद्र, सुमेर जेलदार, दिनेश ,संजय , अर्जुन एडवोकेट सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
अजा संगठनों के 84 गांवों की बैठक हुई आयोजित
उधर अखिल भारतीय मानव कष्ट समिति के प्रदेशाध्यक्ष श्योकरण मेहरा की अध्यक्षता में बावल तहसील के 84 गांवों के अजा संगठनों के लोगों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में श्योकरण मेहरा ने कहा कि लापता हुई अनुसूचित जाति की छात्रा का कोई पता पांच महीने तक कोई सुराग नहीं लगाया जाना निंदनीय है। मेहरा ने कहा कि अगर प्रशासन का यही रवैया रहा तो हम आंदोलन के लिए संघर्ष तेज करेंगे। इस अवसर पर पूर्व सरपंच कैप्टन बलबीर, सेवास्तंभ के प्रधान जगदीश डहीनवाल, काशीराम खिच्ची, रजवंत एडवोकेट, सुंदर सिंह, पोहप सिंह, धर्मबीर, मुंशीराम, रामकिशन, धनपत, लक्ष्मी देवी, डॉ. कंवर सिंह, गोपाल, बलबीर सिंह व सर्वजीत मौजूद थे।
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बावल। क्षेत्र के गांव मोहनपुर से 27 जून को रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता नाबालिग छात्रा की बरामदगी नहीं होने के विरोध में बावल चौरासी के आह्वान पर जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल के आवास के बाहर दिया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को भी जारी रहा है। उधर इस मामले में अजा संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक भी हुई जिसमें जल्द नार्को टेस्ट कराकर मामले का खुलासा करने की मांग की गई।
धरने का संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मोहनपुर गांव से नाबालिग छात्रा को लापता हुए पांच माह से भी अधिक का समय बीत चुका है। पुलिस की तीन एजेंसियों की जांच के बाद भी नाबालिग का कोई सुराग नहीं लगना पुलिस की छवि को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने शुरू से ही छात्रा की बरामदगी के मामले में ढुलमुल रवैया अपनाया है। मामले में अभी तक स्टेट क्राइम ब्यूरो को भी कोई सफलता नहीं मिली है जिससे साफ है कि सरकार इस मसले को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि नाबालिग छात्रा की बरामदगी नहीं होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। इस अवसर पर माडाराम, रामचंद्र, सुमेर जेलदार, दिनेश ,संजय , अर्जुन एडवोकेट सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
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अजा संगठनों के 84 गांवों की बैठक हुई आयोजित
उधर अखिल भारतीय मानव कष्ट समिति के प्रदेशाध्यक्ष श्योकरण मेहरा की अध्यक्षता में बावल तहसील के 84 गांवों के अजा संगठनों के लोगों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में श्योकरण मेहरा ने कहा कि लापता हुई अनुसूचित जाति की छात्रा का कोई पता पांच महीने तक कोई सुराग नहीं लगाया जाना निंदनीय है। मेहरा ने कहा कि अगर प्रशासन का यही रवैया रहा तो हम आंदोलन के लिए संघर्ष तेज करेंगे। इस अवसर पर पूर्व सरपंच कैप्टन बलबीर, सेवास्तंभ के प्रधान जगदीश डहीनवाल, काशीराम खिच्ची, रजवंत एडवोकेट, सुंदर सिंह, पोहप सिंह, धर्मबीर, मुंशीराम, रामकिशन, धनपत, लक्ष्मी देवी, डॉ. कंवर सिंह, गोपाल, बलबीर सिंह व सर्वजीत मौजूद थे।
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