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डंपरों से जाम हुआ शहर, तीन घंटे परेशान रहे लोग
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:48 AM IST
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डंपरों से जाम हुआ शहर, तीन घंटे परेशान रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। निर्धारित समय से अधिक समय तक शहर की सड़कों पर चलने के कारण सोमवार सुबह डंपरों की वजह से शहर जाम हो गया। सड़कों पर नजर आने वाली पुलिस भी सुबह नदारद नजर आयी। करीब तीन घंटे शहर जाम में फंसा रहा। सुबह अग्रसेन चौक से गोपाल देव चौक तक करीब तीन घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। इस कारण सरकुलर रोड़ पर वाहन रेंगते नजर आए। साइकिल, रिक्शा या पैदल चलने वालों को भी खासी दिक्कत हुई। करीब एक घंटे बाद पहुंची ट्रैफिक पुलिस को यातायात बहाल रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
सोमवार को स्कूल, कॉलेज भी खुल गए थे। इस वजह से काफी संख्या में लोग सुबह-सुबह ही सड़कों पर वाहन लेकर निकल आए। नतीजा यह रहा कि सुबह सात बजे से अग्रसेन चौक से नाईवाली चौक होकर गोपाल देव चौक तक करीब दस बजे तक वाहन रेंगते रहे। डंपर और अन्य वाहनों को कंट्रोल करने के लिए सुबह सात बजे नाईवाली चौक पर तैनात दिखाई देने वाली ट्रैफिक पुलिस भी नदारद थी। करीब आठ बजे जाम खुलवाने के लिए पुलिस कर्मचारी सड़कों पर नजर आए। जाम में फंसे लोगों का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता से आम लोगों को परेशानी होती है।
मनमानी ने बदहाल कर दिया शहर
खुद की मनमानी ने शहर को समस्याओं के मकड़जाल में उलझा दिया है। जाम की समस्या इन्हीं में से एक है। इसके लिए पुलिस से ज्यादा लोग खुद जिम्मेदार हैं। पटरी पर अतिक्रमण, बेकाबू ट्रैफिक सिस्टम और बेतरतीब पार्किंग के चलते मिनट-मिनट पर जाम का झाम पैदा हो रहा है। परेशानी तब और बढ़ जाती है जब बिगड़ैल किस्म के वाहन चालक उल्टे-सीधे टर्न लेने लगते हैं। शहर के गली, मोहल्लों तक दौड़ने वाली स्कूलों की बड़ी बसें जाम के लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं। साइड में अतिक्रमण के चलते कार या बाइक निकालने के लिए जगह नहीं बचती। इसे ऐसे भी कहा जा सकता है कि आगे-आगे स्कूल बस, पीछे-पीछे जाम। कई जगह दुकानदार खुद ठेला, गुमटी रखवाए हैं। उनसे रोजाना या माहवारी किराया वसूला जाता है।
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पीछे हट गया प्रशासन
शहर के कोढ़ में खाज बने अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने अल्टीमेटम दिया है। बाकायदा लाउड स्पीकर लगाकर घोषणा भी कराया कि लोग अतिक्रमण हटा लें। लेकिन अतिक्रमणकारियोें ने उसे अनसुना कर दिया तो प्रशासन भी चुप बैठ गया। मगर अब तक के अभियान के बाद देखा गया है कि बाद में लोग दोबारा अतिक्रमण कर लेते हैं। मगर कोई टोकने वाला नहीं होता। यही बात गलत पार्किंग पर कार्रवाई करने की है। पुलिस इक्का-दुक्का कार्रवाई करने के बाद चुप बैठ जाती है।
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ट्रैफिक नियंत्रण में लगे पुलिसकर्मी
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की ओर से पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। यातायात का सबसे अधिक दबाव नाईवाली चौक पर होने के कारण यहां एक ट्रैफिक बूथ भी बनाया गया है, जिस पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद भी शहर की यातायात व्यवस्था बदहाल है।
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सुबह आठ से शाम आठ बजे तक बंद है ओवरलोड डंपरों का प्रवेश
यातायात को सुचारु रखने के लिए पुलिस की तरफ से ओवरलोड डंपरों का प्रवेश सुबह आठ से शाम आठ बजे तक प्रवेश बंद है। ताकि शहर में जाम की स्थिति ना बने, लेकिन पुलिसकर्मियों से मिलीभगत होने के कारण शाम को सात बजे और सुबह नौ बजे तक डंपरों का आवागमन शुरू हो जाता है।
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बाजार में सामान लेने आई थी, लेकिन सरकुलर रोड पर जाम के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। काफी देर से जाम के कारण परेशान हो रही है। - मोनिका
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सुबह आठ बजे से जाम में फंसा हुआ हूं। नारनौल जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन जाम के कारण समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाया। यातायात को नियंत्रित करने के लिए कोई पुलिस कर्मी भी दिखाई नहीं दे रहा है। - हिम्मत
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सरकुलर रोड पर जाम के कारण अग्रसेन चौक से नाई वाली चौक तक जाने के लिए करीब दो घंटे लग गए। सुबह-सुबह शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश के कारण जाम की स्थिति बनी हुई है। जिससे लोग परेशान हैं। - विष्णु
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वर्जन
सुबह आठ बजे से पहले डंपरों का आवागमन शुरू होने के कारण जाम की स्थिति बन गई थी। ट्रैफिक पुलिसकर्मी आठ बजे नाईवाली वाली चौक पर बैरिकेट लगाते हैं, लेकिन सोमवार को स्कूल खुलने के कारण वाहनों का आवागमन सुबह सात बजे ही शुरू हो गया था। इसके अलावा डंपर चालकों द्वारा आगे निकालने की होड़ में जाम लग गया था। मंगलवार से सुबह से ही यातायात व्यवस्था को नियंत्रित कर लिया जाएगा। - बीना राणा, ट्रैफिक इंजार्च
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। निर्धारित समय से अधिक समय तक शहर की सड़कों पर चलने के कारण सोमवार सुबह डंपरों की वजह से शहर जाम हो गया। सड़कों पर नजर आने वाली पुलिस भी सुबह नदारद नजर आयी। करीब तीन घंटे शहर जाम में फंसा रहा। सुबह अग्रसेन चौक से गोपाल देव चौक तक करीब तीन घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। इस कारण सरकुलर रोड़ पर वाहन रेंगते नजर आए। साइकिल, रिक्शा या पैदल चलने वालों को भी खासी दिक्कत हुई। करीब एक घंटे बाद पहुंची ट्रैफिक पुलिस को यातायात बहाल रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
सोमवार को स्कूल, कॉलेज भी खुल गए थे। इस वजह से काफी संख्या में लोग सुबह-सुबह ही सड़कों पर वाहन लेकर निकल आए। नतीजा यह रहा कि सुबह सात बजे से अग्रसेन चौक से नाईवाली चौक होकर गोपाल देव चौक तक करीब दस बजे तक वाहन रेंगते रहे। डंपर और अन्य वाहनों को कंट्रोल करने के लिए सुबह सात बजे नाईवाली चौक पर तैनात दिखाई देने वाली ट्रैफिक पुलिस भी नदारद थी। करीब आठ बजे जाम खुलवाने के लिए पुलिस कर्मचारी सड़कों पर नजर आए। जाम में फंसे लोगों का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता से आम लोगों को परेशानी होती है।
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मनमानी ने बदहाल कर दिया शहर
खुद की मनमानी ने शहर को समस्याओं के मकड़जाल में उलझा दिया है। जाम की समस्या इन्हीं में से एक है। इसके लिए पुलिस से ज्यादा लोग खुद जिम्मेदार हैं। पटरी पर अतिक्रमण, बेकाबू ट्रैफिक सिस्टम और बेतरतीब पार्किंग के चलते मिनट-मिनट पर जाम का झाम पैदा हो रहा है। परेशानी तब और बढ़ जाती है जब बिगड़ैल किस्म के वाहन चालक उल्टे-सीधे टर्न लेने लगते हैं। शहर के गली, मोहल्लों तक दौड़ने वाली स्कूलों की बड़ी बसें जाम के लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं। साइड में अतिक्रमण के चलते कार या बाइक निकालने के लिए जगह नहीं बचती। इसे ऐसे भी कहा जा सकता है कि आगे-आगे स्कूल बस, पीछे-पीछे जाम। कई जगह दुकानदार खुद ठेला, गुमटी रखवाए हैं। उनसे रोजाना या माहवारी किराया वसूला जाता है।
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पीछे हट गया प्रशासन
शहर के कोढ़ में खाज बने अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने अल्टीमेटम दिया है। बाकायदा लाउड स्पीकर लगाकर घोषणा भी कराया कि लोग अतिक्रमण हटा लें। लेकिन अतिक्रमणकारियोें ने उसे अनसुना कर दिया तो प्रशासन भी चुप बैठ गया। मगर अब तक के अभियान के बाद देखा गया है कि बाद में लोग दोबारा अतिक्रमण कर लेते हैं। मगर कोई टोकने वाला नहीं होता। यही बात गलत पार्किंग पर कार्रवाई करने की है। पुलिस इक्का-दुक्का कार्रवाई करने के बाद चुप बैठ जाती है।
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ट्रैफिक नियंत्रण में लगे पुलिसकर्मी
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की ओर से पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। यातायात का सबसे अधिक दबाव नाईवाली चौक पर होने के कारण यहां एक ट्रैफिक बूथ भी बनाया गया है, जिस पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद भी शहर की यातायात व्यवस्था बदहाल है।
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सुबह आठ से शाम आठ बजे तक बंद है ओवरलोड डंपरों का प्रवेश
यातायात को सुचारु रखने के लिए पुलिस की तरफ से ओवरलोड डंपरों का प्रवेश सुबह आठ से शाम आठ बजे तक प्रवेश बंद है। ताकि शहर में जाम की स्थिति ना बने, लेकिन पुलिसकर्मियों से मिलीभगत होने के कारण शाम को सात बजे और सुबह नौ बजे तक डंपरों का आवागमन शुरू हो जाता है।
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बाजार में सामान लेने आई थी, लेकिन सरकुलर रोड पर जाम के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। काफी देर से जाम के कारण परेशान हो रही है। - मोनिका
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सुबह आठ बजे से जाम में फंसा हुआ हूं। नारनौल जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन जाम के कारण समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाया। यातायात को नियंत्रित करने के लिए कोई पुलिस कर्मी भी दिखाई नहीं दे रहा है। - हिम्मत
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सरकुलर रोड पर जाम के कारण अग्रसेन चौक से नाई वाली चौक तक जाने के लिए करीब दो घंटे लग गए। सुबह-सुबह शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश के कारण जाम की स्थिति बनी हुई है। जिससे लोग परेशान हैं। - विष्णु
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वर्जन
सुबह आठ बजे से पहले डंपरों का आवागमन शुरू होने के कारण जाम की स्थिति बन गई थी। ट्रैफिक पुलिसकर्मी आठ बजे नाईवाली वाली चौक पर बैरिकेट लगाते हैं, लेकिन सोमवार को स्कूल खुलने के कारण वाहनों का आवागमन सुबह सात बजे ही शुरू हो गया था। इसके अलावा डंपर चालकों द्वारा आगे निकालने की होड़ में जाम लग गया था। मंगलवार से सुबह से ही यातायात व्यवस्था को नियंत्रित कर लिया जाएगा। - बीना राणा, ट्रैफिक इंजार्च