{"_id":"67eadea19d75de12d4004f08","slug":"55-cases-of-malaria-found-in-eight-years-rewari-news-c-198-1-rew1003-217255-2025-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: आठ वर्ष में मिले मलेरिया के 55 केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: आठ वर्ष में मिले मलेरिया के 55 केस
Mon, 31 Mar 2025 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 31 Mar 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
भाड़ावास मार्ग के पास गली में जमा गंदा पानी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मलेरिया पर अंकुश के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे तमाम प्रयासों के बाद भी हर साल मलेरिया के मामले दर्ज किए जा रहे हैं। पिछले 8 वर्ष में मलेरिया के 55 केस मिले हैं। राहत की बात यह है कि एक भी मौत नहीं हुई है।
वर्ष 2017 में जिले में लगातार मलेरिया के केस मिल रहे हैं। इस वर्ष अभी मलेरिया का कोई मामला नहीं मिला है। इस वर्ष डेंगू के दो मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बचाव के लिए नागरिक अस्पताल में 10 आईसीयू वार्ड की व्यवस्था की है। सरकार ने 2030 तक मलेरिया को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस पर काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी हैं, लेकिन सड़कों के किनारे, खाली प्लाट, सीवर, नालियों के पानी में दवा का छिड़काव नहीं किया गया है।
चिकित्सकों के मुताबिक मलेरिया एनाफिलीज मादा मच्छर के काटने से होता है। इस प्रजाति के मच्छर बारिश के मौसम में अधिक होते हैं। मच्छरों के काटने की वजह से व्यक्ति को बुखार और सिर दर्द होता है। मलेरिया में बुखार कभी कम तो कभी ज्यादा हो जाता है। मलेरिया के मच्छर अधिकतर शाम या रात को काटते हैं। इसलिए इस समय संभव हो तो घर में ही रहें। मलेरिया से बचने के लिए शरीर को ढक कर रखें। घर के आसपास जलभराव नहीं होने दें।
विज्ञापन
मलेरिया के ये होते हैं लक्षण : बुखार आना, सिर दर्द होना, उल्टी होना, मन का मचलना, ठंड लगना, चक्कर आना, थकान होना, पेट दर्द, तेजी से सांस लेना।
वर्ष केस मिले
2017 8
2018 13
2019 9
2020 2
2021 1
2022 5
2023 9
2024 8
2025-- 0
-
वर्जन
मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जहां डेंगू के केस मिले हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों के खून की जांच कर रही है। लोगों से अपील है कि वह अपने आसपास पानी जमा न होने दें। - डॉ. विरेंद्र यादव, डेंगू एवं मलेरिया इंस्पेक्टर रेवाड़ी।
विज्ञापन
रेवाड़ी। मलेरिया पर अंकुश के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे तमाम प्रयासों के बाद भी हर साल मलेरिया के मामले दर्ज किए जा रहे हैं। पिछले 8 वर्ष में मलेरिया के 55 केस मिले हैं। राहत की बात यह है कि एक भी मौत नहीं हुई है।
वर्ष 2017 में जिले में लगातार मलेरिया के केस मिल रहे हैं। इस वर्ष अभी मलेरिया का कोई मामला नहीं मिला है। इस वर्ष डेंगू के दो मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बचाव के लिए नागरिक अस्पताल में 10 आईसीयू वार्ड की व्यवस्था की है। सरकार ने 2030 तक मलेरिया को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस पर काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी हैं, लेकिन सड़कों के किनारे, खाली प्लाट, सीवर, नालियों के पानी में दवा का छिड़काव नहीं किया गया है।
विज्ञापन
चिकित्सकों के मुताबिक मलेरिया एनाफिलीज मादा मच्छर के काटने से होता है। इस प्रजाति के मच्छर बारिश के मौसम में अधिक होते हैं। मच्छरों के काटने की वजह से व्यक्ति को बुखार और सिर दर्द होता है। मलेरिया में बुखार कभी कम तो कभी ज्यादा हो जाता है। मलेरिया के मच्छर अधिकतर शाम या रात को काटते हैं। इसलिए इस समय संभव हो तो घर में ही रहें। मलेरिया से बचने के लिए शरीर को ढक कर रखें। घर के आसपास जलभराव नहीं होने दें।
विज्ञापन
मलेरिया के ये होते हैं लक्षण : बुखार आना, सिर दर्द होना, उल्टी होना, मन का मचलना, ठंड लगना, चक्कर आना, थकान होना, पेट दर्द, तेजी से सांस लेना।
वर्ष केस मिले
2017 8
2018 13
2019 9
2020 2
2021 1
2022 5
2023 9
2024 8
2025
-
वर्जन
मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जहां डेंगू के केस मिले हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों के खून की जांच कर रही है। लोगों से अपील है कि वह अपने आसपास पानी जमा न होने दें। - डॉ. विरेंद्र यादव, डेंगू एवं मलेरिया इंस्पेक्टर रेवाड़ी।